प्र1.
पहले के समय में पत्रों को दूसरों तक पहुँचने में बहुत समय लगता था। आपको क्या लगता है कि इससे सूचनाओं के आदान-प्रदान पर क्या प्रभाव पड़ता होगा?
उत्तर
समाचार लोगों तक बहुत देर से पहुँचता था, इसलिए सब कुछ धीमा चलता था।
- पत्र पहुँचने में कई दिन और उत्तर आने में कई सप्ताह लगते थे। दादाजी स्वयं यही बताते हैं।
- जब तक उत्तर आता, समाचार पुराना हो चुका होता था।
- बीमारी जैसी आवश्यक सूचना समय पर नहीं भेजी जा सकती थी।
- लोग लंबे पत्र लिखते थे, क्योंकि दुबारा शीघ्र नहीं लिख पाते थे।
- वे धैर्य से प्रतीक्षा करना सीख गए थे और पत्रों को सँभालकर रखते थे।
ऐसा क्यों होता था: पत्र को स्वयं रेल या बस से यात्रा करनी पड़ती थी। वह उस वाहन से तेज नहीं चल सकता था।