प्र1.
आइए, हम एक प्राकृतिक रंग तैयार करें। चरण 1 : कुछ फूल, पत्तियाँ, छालें और जड़ें एकत्र करें, जैसे कि गेंदे के फूल, गुड़हल और चुकंदर जिनमें रंग देने के गुण होते हैं। चरण 2 : इनमें से किसी भी एक पौधे के किसी भाग को लगभग 1–2 लीटर पानी में 30 मिनट से 1 घंटे तक उबालिए। पात्र को एक थाली से ढँक दीजिए। (इस गतिविधि में अपने शिक्षक या किसी बड़े व्यक्ति की सहायता लीजिए।) चरण 3 : उबाले गए मिश्रण को छानिए ताकि पौधों के भाग हट जाएँ और केवल प्राकृतिक रंग बच जाए। अब इस रंग का उपयोग करके एक कपड़े के टुकड़े, जैसे – हल्के रंग के रुमाल अथवा तौलिए पर चित्र बनाइए। ध्यान दीजिए कि कपड़े को रातभर भिगोकर रखना है और फिर अगली सुबह उसे निचोड़कर सुखा लेना है।
उत्तर
तीनों चरण क्रम से कीजिए और पास में किसी बड़े को रखिए। फिर एक छोटे सफ़ेद कपड़े को रँगिए।
क्या कीजिए
- गहरे रंग वाला कोई एक पौधे का भाग लीजिए — चुकंदर, गुड़हल की पंखुड़ियाँ या गेंदे की पंखुड़ियाँ।
- उसे लगभग 1–2 लीटर पानी के साथ बर्तन में डालिए।
- बर्तन को थाली से ढँक दीजिए। 30 मिनट से 1 घंटे तक उबालिए। उबालने का काम शिक्षक या किसी बड़े से ही कराइए।
- ठंडा होने दीजिए। कपड़े या छलनी से छान लीजिए। बचा हुआ रंगीन पानी ही आपका प्राकृतिक रंग है।
- हल्के रंग का रुमाल इस रंग में डालिए। उसे रातभर भीगा रहने दीजिए।
- अगली सुबह रुमाल निचोड़कर छाया में सुखा लीजिए।
सही परिणाम कैसा होगा
| पौधे का कौन-सा भाग | कौन-सा रंग मिलेगा |
|---|---|
| चुकंदर | गुलाबी से गहरा लाल |
| गुड़हल की पंखुड़ियाँ | बैंगनी-लाल |
| गेंदे की पंखुड़ियाँ | चमकीला पीला |
| प्याज़ के छिलके | सुनहरा भूरा |
नमूना उत्तर: “मैंने चुकंदर के टुकड़े लगभग आधे घंटे तक पानी में उबाले। पानी गहरा गुलाबी हो गया। मैंने उसे छानकर अपना सफ़ेद रुमाल रातभर भिगो दिया। सुबह निचोड़कर सुखाया तो रुमाल गुलाबी हो गया।”
ऐसा क्यों होता है: रंग पहले से ही फूल, जड़ या छाल के भीतर रहता है। गरम पानी उस रंग को पौधे से बाहर खींच लेता है। यही रंगीन पानी प्राकृतिक रंग है।
सुरक्षा सुझाव: पानी स्वयं कभी न उबालिए। गरम बर्तन से दूर खड़े रहिए और छानने का काम बड़ों से कराइए।