प्र1.
अपने क्षेत्र में अनाज और साग-सब्जियों को संरक्षित करने की कुछ पारंपरिक विधियों का पता लगाइए और नीचे दी गई तालिका को भरिए। एक उदाहरण नीचे दिया गया है।
पुस्तक में छपी तालिका, जिसमें एक उदाहरण पहले से भरा है।
| नाम | किस राज्य में प्रचलित है | पात्र का विवरण |
|---|---|---|
| तुमड़ी | उत्तराखंड | गोल या अंडाकार सूखी लौकी के छिलकों से बनाई जाती है। |
उत्तर
घर पर पूछिए कि प्लास्टिक और स्टील आने से पहले अनाज कैसे रखा जाता था। फिर तालिका भरिए।
| नाम | किस राज्य में प्रचलित है | पात्र का विवरण |
|---|---|---|
| तुमड़ी | उत्तराखंड | गोल या अंडाकार सूखी लौकी के छिलकों से बनाई जाती है। |
क्या कीजिए
- अपनी दादी या किसी पड़ोसी से पूछिए कि पहले चावल, गेहूँ या दाल कैसे रखी जाती थी।
- पूछिए कि वह पात्र किस चीज़ का बना था और अनाज के साथ उसमें क्या डाला जाता था।
- लोग उस पात्र को जिस नाम से पुकारते हैं, वही लिखिए।
- राज्य का नाम और पात्र के बारे में एक पंक्ति लिखिए।
नमूना उत्तर:
| नाम | किस राज्य में प्रचलित है | पात्र का विवरण |
|---|---|---|
| तुमड़ी | उत्तराखंड | गोल या अंडाकार सूखी लौकी के छिलकों से बनाई जाती है। |
| मटका (मिट्टी का बर्तन) | अनेक राज्यों में | पकी मिट्टी का बर्तन। अनाज डालने से पहले भीतर नीम की पत्तियाँ बिछाई जाती हैं। |
| टोकरी (बाँस की) | असम, ओडिशा, नागालैंड | बाँस की पट्टियों से बुनी टोकरी। बाहर गोबर की परत लगाई जाती है। |
| कोठी (मिट्टी की कोठरी) | राजस्थान, मध्य प्रदेश | मिट्टी और पुआल से बना बड़ा पात्र। यह घर के भीतर रखा जाता है और ऊपर छोटा मुँह होता है। |
ये पात्र काम कैसे करते हैं: पाठ में इसका उत्तर दिया है। बर्तन के भीतर नीम की पत्तियाँ और टोकरी के बाहर गोबर की परत कीटों को दूर रखती है। इसलिए बिना किसी दवा के अनाज महीनों तक ठीक रहता है।
सुझाव: आपका अपना उत्तर आपके राज्य के पात्रों का होना चाहिए। ऊपर की तालिका केवल मिलान करने के लिए है।