प्र1.
अपने बड़ों से बात कीजिए और जानिए कि आपके क्षेत्र में जंतुओं और पौधों से जुड़ी कौन-कौन सी परंपराएँ और पर्व मनाए जाते हैं। नीचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं।
उत्तर
बड़ों से पूछिए कि आपके क्षेत्र के कौन-से पर्व किसी पौधे या जंतु से जुड़े हैं। फिर दोनों खाली पंक्तियाँ भरिए।
| पर्व का नाम | संबधित पौधा/जंतु | गतिविधि |
|---|---|---|
| वट सावित्री | वट (बरगद) का वृक्ष | पूजा |
| हरि जिरोती | फल देने वाला वृक्ष | वृक्षारोपण |
| काजीरंगा हाथी महोत्सव | हाथी | जागरूकता अभियान |
क्या कीजिए
- दादा-दादी से पूछिए कि आपके क्षेत्र के कौन-से पर्व किसी पेड़ या जंतु से जुड़े हैं।
- पूछिए कि उस दिन लोग वास्तव में क्या करते हैं — पूजा, वृक्षारोपण या पशुओं को खिलाना।
- पर्व, पौधा या जंतु, और गतिविधि लिखिए।
नमूना उत्तर:
| पर्व का नाम | संबधित पौधा/जंतु | गतिविधि |
|---|---|---|
| वट सावित्री | वट (बरगद) का वृक्ष | पूजा |
| हरि जिरोती | फल देने वाला वृक्ष | वृक्षारोपण |
| काजीरंगा हाथी महोत्सव | हाथी | जागरूकता अभियान |
| तुलसी विवाह | तुलसी का पौधा | पौधे की पूजा और सजावट |
| मट्टू पोंगल | गाय और बैल | पशुओं को नहलाना, सजाना और खिलाना |
कुछ और उदाहरण जो आपको सुनने को मिल सकते हैं — नाग पंचमी (साँपों की पूजा), वन महोत्सव (पौधे लगाना) और छठ (सूर्य को फल और गन्ना अर्पित करना)।
हम ऐसा क्यों करते हैं: पाठ इसे स्पष्ट कहता है। हम देश के अलग-अलग भागों में पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की पूजा करते हैं, और यह प्रकृति का सम्मान तथा रक्षा करने की हमारी समृद्ध परंपरा को दर्शाता है।
पुस्तक के बारे में ध्यान दीजिए: (1) तालिका के शीर्षक में ‘संबधित’ छपा है; शुद्ध शब्द ‘संबंधित’ है। (2) हिंदी पुस्तक इस पर्व को वट सावित्री कहती है, जबकि अंग्रेज़ी पुस्तक इसे Vat Purnima लिखती है। भारत में बरगद के इस पर्व के लिए दोनों नाम चलते हैं।