प्र1.
कल्पना कीजिए कि आपके क्षेत्र में दो दिनों तक कोई प्रकाश नहीं है। आपके जीवन में क्या परिवर्तन आएँगे?
उत्तर
बटन से चलने वाली लगभग हर चीज़ रुक जाएगी। जीवन धीमा हो जाएगा।
| क्या रुक जाएगा | उसकी जगह हम क्या करेंगे |
|---|---|
| रात की रोशनी | मोमबत्ती, दीया या टॉर्च जलाएँगे |
| पंखा और कूलर | हाथ का पंखा झलेंगे और बाहर हवा में बैठेंगे |
| रेफ्रिजरेटर | उतना ही भोजन बनाएँगे, जितना एक बार में खा लें |
| टी.वी. और मोबाइल चार्जिंग | बाहर खेलेंगे और परिवार के साथ बातें करेंगे |
| पानी का पंप | हैंडपंप या कुएँ से पानी भरेंगे |
| मिक्सी, इस्तरी, वॉशिंग मशीन | सिल-बट्टे पर पीसेंगे और कपड़े हाथ से धोएँगे |
नमूना उत्तर: “दो दिन तक सूरज ढलते ही हमारा घर अँधेरा हो जाएगा। मैं उजाले में ही अपना गृहकार्य पूरा करूँगा और जल्दी सो जाऊँगा। रेफ्रिजरेटर बंद रहने से हम ताज़ा भोजन ही खाएँगे। पानी हैंडपंप से लाना पड़ेगा।”
यह सोचना क्यों ज़रूरी है: इससे पता चलता है कि हम विद्युत पर कितना निर्भर हैं। इसीलिए रीना और अमित का गाँव सूर्य की ओर मुड़ा। सौर पैनल सूर्य के प्रकाश से विद्युत बनाते हैं, इसलिए गाँव बिना कुछ जलाए जगमगा सकता है।
सुझाव: हम रोज़ विद्युत बचा सकते हैं। कमरे से बाहर जाते समय पंखा और बत्ती बंद कर दीजिए।