प्र1.
यदि आपको अपने विद्यालय में एक आहार मेले का आयोजन करना हो तो आप उसमें कौन-कौन से व्यंजन सम्मिलित करना चाहेंगे? एक सूची बनाइए।
उत्तर
यह सूची आपकी अपनी होगी। इसे वैसे ही बनाइए जैसे पुस्तक ने पृष्ठ 72 पर बनाई है — अलग-अलग क्षेत्रों के और तीनों खाद्य समूहों के व्यंजन चुनिए।
चरण 1 — अपने घर में बनने वाले 3 व्यंजन लिखिए।
चरण 2 — तीन मित्रों से उनके क्षेत्र का एक-एक विशेष व्यंजन पूछिए।
चरण 3 — एक श्री अन्न वाला व्यंजन, एक फल या सलाद और एक मिठाई जोड़िए।
चरण 4 — जाँचिए — सूची में कुछ ऊर्जा देने वाला, कुछ शरीर बनाने वाला और कुछ सुरक्षा देने वाला है या नहीं?
चरण 2 — तीन मित्रों से उनके क्षेत्र का एक-एक विशेष व्यंजन पूछिए।
चरण 3 — एक श्री अन्न वाला व्यंजन, एक फल या सलाद और एक मिठाई जोड़िए।
चरण 4 — जाँचिए — सूची में कुछ ऊर्जा देने वाला, कुछ शरीर बनाने वाला और कुछ सुरक्षा देने वाला है या नहीं?
नमूना उत्तर:
- लिट्टी-चोखा (बिहार)
- दाल-बाटी-चूरमा (राजस्थान)
- ढोकला (गुजरात)
- छेनापोड़ा (ओडिशा)
- सिड्डू (हिमाचल प्रदेश)
- गरमागरम दोसा और सांबर (तमिलनाडु)
- ज्वार का उपमा और रागी के लड्डू (श्री अन्न की दुकान)
- अंकुरित अनाज का सलाद और फलों की चाट
ऐसा क्यों: आहार मेले का उद्देश्य विविधता दिखाना है। हर क्षेत्र में अलग भोजन बनता है, इसलिए मिली-जुली सूची से सबको कुछ नया चखने को मिलता है।
संकेत: हर व्यंजन के आगे उसके राज्य या क्षेत्र का नाम भी लिखिए। तब आपकी सूची भारत के भोजन का एक छोटा नक्शा बन जाएगी।