कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 6 चर्चा कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
इस प्रक्रिया में आपकी जीभ की क्या भूमिका है?
पृष्ठ 92 पर छपे शिक्षक के छह निर्देश:
(क) खाद्य/भोज्य वस्तु को धीरे से मुँह में डालिए।
(ख) जीभ और मुँह के द्वारा भोजन की सतह को महसूस कीजिए।
(ग) इसे अपने दाँतों से धीरे-धीरे चबाइए।
(घ) अपनी जीभ, नाक और अन्य इंद्रियों का उपयोग करके स्वाद एवं सुगंध का अनुभव कीजिए।
(ङ) चबाते समय स्वाद को याद रखिए।
(च) निगलने से पहले भोजन की प्रकृति को याद रखिए।
विद्यार्थियों ने आँखें बंद करके, हथेली पर रखी एक मूँगफली के साथ इन चरणों का पालन किया।
उत्तर
जीभ वह अंग है जो भोजन को महसूस करती है और उसका स्वाद बताती है।
यह भोजन की सतह को महसूस करती है — चिकनी या खुरदरी, कठोर या नरम (निर्देश ख)।
यह हमें स्वाद बताती है — मीठा, नमकीन, खट्टा या कड़वा (निर्देश घ)।
यह भोजन को मुँह के अंदर घुमाती है और दाँतों तक पहुँचाती है।
क्यों: जीभ के बिना हम भोजन चबा तो सकते हैं, परंतु यह नहीं जान पाते कि हम क्या खा रहे हैं। इसीलिए शिक्षिका ने विद्यार्थियों से पहले जीभ का उपयोग करने को कहा।
प्र2.
भोजन के साथ आपके दाँत क्या करते हैं?
पृष्ठ 92 पर छपे शिक्षक के छह निर्देश:
(क) खाद्य/भोज्य वस्तु को धीरे से मुँह में डालिए।
(ख) जीभ और मुँह के द्वारा भोजन की सतह को महसूस कीजिए।
(ग) इसे अपने दाँतों से धीरे-धीरे चबाइए।
(घ) अपनी जीभ, नाक और अन्य इंद्रियों का उपयोग करके स्वाद एवं सुगंध का अनुभव कीजिए।
(ङ) चबाते समय स्वाद को याद रखिए।
(च) निगलने से पहले भोजन की प्रकृति को याद रखिए।
विद्यार्थियों ने आँखें बंद करके, हथेली पर रखी एक मूँगफली के साथ इन चरणों का पालन किया।
उत्तर
दाँत भोजन को चबाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं।
आगे के दाँत भोजन को काटते हैं और पीछे के दाँत उसे पीसते हैं।
धीरे-धीरे चबाने से भोजन नरम हो जाता है (निर्देश ग)।
नरम होने पर ही भोजन निगलने योग्य बनता है।
क्यों: बड़ा और कठोर टुकड़ा निगलना कठिन होता है। छोटे और नरम टुकड़े आसानी से निगले जाते हैं और शरीर उनका बेहतर उपयोग कर पाता है।
प्र3.
इस प्रक्रिया के दौरान आपके मुँह के अंदर भोजन का क्या होता है?
पृष्ठ 92 पर छपे शिक्षक के छह निर्देश:
(क) खाद्य/भोज्य वस्तु को धीरे से मुँह में डालिए।
(ख) जीभ और मुँह के द्वारा भोजन की सतह को महसूस कीजिए।
(ग) इसे अपने दाँतों से धीरे-धीरे चबाइए।
(घ) अपनी जीभ, नाक और अन्य इंद्रियों का उपयोग करके स्वाद एवं सुगंध का अनुभव कीजिए।
(ङ) चबाते समय स्वाद को याद रखिए।
(च) निगलने से पहले भोजन की प्रकृति को याद रखिए।
विद्यार्थियों ने आँखें बंद करके, हथेली पर रखी एक मूँगफली के साथ इन चरणों का पालन किया।
उत्तर
मुँह के अंदर भोजन धीरे-धीरे बदलता है। उसके साथ चार बातें होती हैं।
वह गीला हो जाता है, क्योंकि हमारा मुँह सदा थोड़ा गीला रहता है।
दाँतों के चबाने से वह छोटे टुकड़ों में टूट जाता है।
उसका स्वाद और सुगंध फैल जाते हैं, जिससे हमें अधिक आनंद आता है।
वह नरम हो जाता है और तब हम उसे निगल लेते हैं (निर्देश च)।
क्यों: धीरे-धीरे चबाने से भोजन मुँह के पानी में मिल जाता है। इसीलिए धीरे-धीरे खाया गया भोजन जल्दी निगले गए भोजन से अधिक स्वादिष्ट लगता है।
यह करके देखिए: एक मूँगफली लीजिए, आँखें बंद कीजिए और छहों निर्देशों का पालन कीजिए। ध्यान दीजिए कि चबाते समय स्वाद कैसे बदलता जाता है।