प्र1.
पेड़-पौधों, जंतुओं, आवासों, परिधानों, भोजनों, पर्वों और कला रूपों में अंतर को दर्शाकर पहाड़ों और मैदानों के जीवन की तुलना कीजिए।
उत्तर
पुस्तक में तालिका इस प्रकार छपी है। दो खाने उदाहरण के रूप में पहले से भरे हैं।
| अंतर की श्रेणियाँ | मैदान | रेगिस्तान | तटीय क्षेत्र | पहाड़ |
|---|---|---|---|---|
| पेड़-पौधे | ||||
| जंतु | छोटे फर वाली गायें और भैंसें | |||
| आवास | (ढलानदार छतों वाले लकड़ी के घर) | |||
| परिधान | ||||
| भोजन | ||||
| पर्व | ||||
| कला रूप |
अध्याय के आधार पर पूरी भरी हुई तालिका इस प्रकार है।
| अंतर की श्रेणियाँ | मैदान | रेगिस्तान | तटीय क्षेत्र | पहाड़ |
|---|---|---|---|---|
| पेड़-पौधे | खेतों के पास बड़े छायादार पेड़; मकई और सरसों की बड़ी फसलें | थोर (कैक्टस), खेजड़ी, बबूल | नारियल और अन्य ताड़ के पेड़ | ओक, चीड़, अखरोट, शाहबलूत |
| जंतु | छोटे फर वाली गायें और भैंसें | ऊँट, छिपकली, जंगली बिल्ली, अजगर, चील | समुद्री कछुआ, केकड़ा, डॉल्फिन, तारामछली, मछलियाँ | याक, गायें, भेड़-बकरियाँ, हिरण |
| आवास | सपाट छत और आँगन वाले गाँव के घर | मिट्टी और पुआल की छत वाले घर, जिनमें पानी की टंकी होती है | तट के पास ढलानदार फूस या खपरैल की छत वाले घर | (ढलानदार छतों वाले लकड़ी के घर) |
| परिधान | पगड़ी के साथ कुर्ता-पाजामा; दुपट्टे के साथ सलवार-कमीज | बाँधनी दुपट्टे और चूड़ियों के साथ घाघरा; रंग-बिरंगी पगड़ियाँ | हल्के सूती वस्त्र; ओडिशा की संबलपुरी साड़ी | बखू, दुमद्यम और गुन्यो चोलो — मोटे और गरम |
| भोजन | मक्के की रोटी, सरसों का साग, लस्सी | दाल-बाटी-चूरमा, केर-सांगरी | दालमा, पखाला, छेनापोड़ा, रसगुल्ला | थुकपा, सेल रोटी |
| पर्व | अध्याय में नाम नहीं दिया गया — अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिए | अध्याय में नाम नहीं दिया गया — अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिए | रथ-यात्रा, पुरी का रथ-उत्सव | लूसोंग और नामसूंग, सिक्किम का नववर्ष |
| कला रूप | ढोलक के साथ लोकगीत और नृत्य | घाघरा पहनकर लोकनृत्य; खरताल और सारंगी का संगीत; बाँधनी कपड़ा | रेत कला, ओडिसी नृत्य, शंख-शिल्प, संबलपुरी बुनाई | चाम मुखौटा नृत्य, करघे पर बुनाई, बाँस की टोकरी बनाना |
पुस्तक के विषय में ध्यान दीजिए: प्रश्न में केवल ‘पहाड़ों और मैदानों’ की तुलना कहा गया है, परंतु नीचे छपी तालिका में चार स्तंभ हैं — मैदान, रेगिस्तान, तटीय क्षेत्र और पहाड़। चारों स्तंभ भरिए, क्योंकि तालिका यही माँगती है।
संकेत: अध्याय मैदान और रेगिस्तान के किसी पर्व का नाम नहीं देता। इनके लिए अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिए और बताइए कि वह किस क्षेत्र का है।
तालिका क्या दिखाती है: किसी भी एक पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए, वही बात बार-बार दिखेगी। भूमि और जलवायु बदलती है, तो उसके साथ पेड़, जंतु, घर, वस्त्र और भोजन भी बदल जाते हैं।