कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 9 आइए विचार करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पेड़-पौधों, जंतुओं, आवासों, परिधानों, भोजनों, पर्वों और कला रूपों में अंतर को दर्शाकर पहाड़ों और मैदानों के जीवन की तुलना कीजिए।
उत्तर

पुस्तक में तालिका इस प्रकार छपी है। दो खाने उदाहरण के रूप में पहले से भरे हैं।

अंतर की श्रेणियाँमैदानरेगिस्तानतटीय क्षेत्रपहाड़
पेड़-पौधे
जंतुछोटे फर वाली गायें और भैंसें
आवास(ढलानदार छतों वाले लकड़ी के घर)
परिधान
भोजन
पर्व
कला रूप

अध्याय के आधार पर पूरी भरी हुई तालिका इस प्रकार है।

अंतर की श्रेणियाँमैदानरेगिस्तानतटीय क्षेत्रपहाड़
पेड़-पौधेखेतों के पास बड़े छायादार पेड़; मकई और सरसों की बड़ी फसलेंथोर (कैक्टस), खेजड़ी, बबूलनारियल और अन्य ताड़ के पेड़ओक, चीड़, अखरोट, शाहबलूत
जंतुछोटे फर वाली गायें और भैंसेंऊँट, छिपकली, जंगली बिल्ली, अजगर, चीलसमुद्री कछुआ, केकड़ा, डॉल्फिन, तारामछली, मछलियाँयाक, गायें, भेड़-बकरियाँ, हिरण
आवाससपाट छत और आँगन वाले गाँव के घरमिट्टी और पुआल की छत वाले घर, जिनमें पानी की टंकी होती हैतट के पास ढलानदार फूस या खपरैल की छत वाले घर(ढलानदार छतों वाले लकड़ी के घर)
परिधानपगड़ी के साथ कुर्ता-पाजामा; दुपट्टे के साथ सलवार-कमीजबाँधनी दुपट्टे और चूड़ियों के साथ घाघरा; रंग-बिरंगी पगड़ियाँहल्के सूती वस्त्र; ओडिशा की संबलपुरी साड़ीबखू, दुमद्यम और गुन्यो चोलो — मोटे और गरम
भोजनमक्के की रोटी, सरसों का साग, लस्सीदाल-बाटी-चूरमा, केर-सांगरीदालमा, पखाला, छेनापोड़ा, रसगुल्लाथुकपा, सेल रोटी
पर्वअध्याय में नाम नहीं दिया गया — अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिएअध्याय में नाम नहीं दिया गया — अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिएरथ-यात्रा, पुरी का रथ-उत्सवलूसोंग और नामसूंग, सिक्किम का नववर्ष
कला रूपढोलक के साथ लोकगीत और नृत्यघाघरा पहनकर लोकनृत्य; खरताल और सारंगी का संगीत; बाँधनी कपड़ारेत कला, ओडिसी नृत्य, शंख-शिल्प, संबलपुरी बुनाईचाम मुखौटा नृत्य, करघे पर बुनाई, बाँस की टोकरी बनाना
पुस्तक के विषय में ध्यान दीजिए: प्रश्न में केवल ‘पहाड़ों और मैदानों’ की तुलना कहा गया है, परंतु नीचे छपी तालिका में चार स्तंभ हैं — मैदान, रेगिस्तान, तटीय क्षेत्र और पहाड़। चारों स्तंभ भरिए, क्योंकि तालिका यही माँगती है।
संकेत: अध्याय मैदान और रेगिस्तान के किसी पर्व का नाम नहीं देता। इनके लिए अपने क्षेत्र का कोई पर्व लिखिए और बताइए कि वह किस क्षेत्र का है।
तालिका क्या दिखाती है: किसी भी एक पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए, वही बात बार-बार दिखेगी। भूमि और जलवायु बदलती है, तो उसके साथ पेड़, जंतु, घर, वस्त्र और भोजन भी बदल जाते हैं।
प्र2.
पहाड़ों, मैदानों, तटीय क्षेत्रों और रेगिस्तानों की अपनी प्रिय विशेषताओं को मिलाकर एक भू-क्षेत्र की आकृति का चित्र बनाइए।
उत्तर

आप चारों क्षेत्रों में से एक-दो प्रिय विशेषताएँ लेकर अपना कल्पित भू-क्षेत्र बना रहे हैं।

  1. पहले भूमि बनाइए — पीछे बर्फीली चोटी, बीच में समतल खेत, एक ओर रेत के टीले और सामने समुद्र तथा तट।
  2. हर क्षेत्र से एक प्रिय विशेषता जोड़िए। अध्याय में जो दिखाया गया है, उसी में से चुनिए।
  3. लोग, उनके घर और उनके जंतु बनाइए।
  4. अपने भू-क्षेत्र का नाम रखिए और हर विशेषता पर नाम लिखिए।

नमूना उत्तर — ‘चार-रंग देश’:

किससे लियाकौन-सी विशेषता रखी
पहाड़चीड़ के पेड़ों वाली बर्फीली चोटी और ढलानदार छत वाला लकड़ी का घर
मैदानगेहूँ और सरसों के समतल खेत, साथ में गायें और भैंसें
तटीय क्षेत्रनारियल के पेड़ों और मछली की नावों वाला रेतीला समुद्र तट
रेगिस्तानकैक्टस, ऊँट और पानी की टंकी वाले रेत के टीले
संकेत: चारों भाग सही क्रम में पास-पास रखिए — पीछे ऊँचे पहाड़, फिर मैदान, फिर तट, और शुष्क ओर रेगिस्तान। इससे आपका चित्र पढ़ने में आसान रहेगा।
प्र3.
(क) अपने भू-क्षेत्र के लिए आपने इन विशेषताओं को ही क्यों चुना?
उत्तर

हर चुनी हुई विशेषता का एक कारण बताइए। अच्छा कारण यह बताता है कि वह विशेषता क्या देती है या आपको क्यों अच्छी लगती है।

नमूना उत्तर:

  • मैंने बर्फीली चोटी और चीड़ के पेड़ इसलिए चुने क्योंकि मैंने कभी बर्फ नहीं देखी और वहाँ की हवा ठंडी एवं साफ होती है।
  • मैंने समतल खेत इसलिए चुने क्योंकि समतल और उपजाऊ भूमि पर फसल अच्छी होती है, इससे मेरे भू-क्षेत्र में भोजन की कमी नहीं रहेगी।
  • मैंने नारियल के पेड़ों वाला समुद्र तट इसलिए चुना क्योंकि मुझे सीपियाँ एकत्र करना और मछली की नावें देखना अच्छा लगता है।
  • मैंने ऊँट वाले रेत के टीले इसलिए चुने क्योंकि ऊँट की सवारी रोमांचक लगती है और सूर्यास्त के समय टीले बहुत सुंदर दिखते हैं।
यह प्रश्न क्यों पूछा गया: इससे आप देख पाते हैं कि आपने कुछ भी यूँ ही नहीं चुना। आपने वस्तुएँ इसलिए चुनीं क्योंकि वे कुछ देती हैं — भोजन, पानी, सुंदरता, ठंडक या आनंद।
प्र4.
(ख) प्रत्येक विशेषता व्यक्तियों, जंतुओं और पौधों को किस प्रकार लाभ पहुँचाती है?
उत्तर

हर विशेषता लेकर बताइए कि वह किसके काम आती है।

विशेषताकिसे और कैसे लाभ पहुँचाती है
बर्फीली चोटीपिघलती बर्फ से नदियाँ भरती हैं, जिससे नीचे रहने वाले लोगों, जंतुओं और पौधों को ताजा पानी मिलता है
चीड़ का वनघर बनाने के लिए लकड़ी, पक्षियों और हिरणों के लिए आश्रय, और जड़ें ढलान की मिट्टी थामे रखती हैं
समतल खेतलोगों के लिए अनाज और सब्जियाँ, गायों-भैंसों के लिए चारा
समुद्र और तटभोजन के लिए मछली और मछुआरों के लिए काम; कछुओं, केकड़ों और कोरल का घर
नारियल के पेड़खाने के लिए नारियल, छत छाने के लिए पत्ते और गरम रेत पर छाया
रेत के टीले और ऊँटऊँट वहाँ लोगों और सामान को ले जाता है जहाँ गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं
पानी की टंकीसूखे महीनों के लिए वर्षा का पानी जमा रखती है, जिससे एक बूँद भी व्यर्थ न जाए
बड़ी बात: किसी भू-रूप में कुछ भी अकेला नहीं होता। पानी, मिट्टी, पौधे, जंतु और लोग सब आपस में जुड़े हैं, और हर एक दूसरे को कुछ न कुछ देता है।
प्र5.
(ग) आपके भू-क्षेत्र में रह रहे व्यक्तियों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर

हर भूमि कुछ देती है और हर भूमि कुछ कठिनाई भी देती है। अध्याय ने यह स्पष्ट दिखाया है।

मेरे भू-क्षेत्र का भागलोगों को होने वाली कठिनाई
पहाड़कड़ी ठंड; खड़ी और तंग सड़कें; वर्षा ऋतु में भूस्खलन
मैदानबहुत गरम ग्रीष्म; नदी चढ़ने पर बाढ़; वर्षा देर से हो तो फसल खराब
तटीय क्षेत्रतीव्र हवाएँ और चक्रवात, जो घरों और नावों को हानि पहुँचाते हैं
रेगिस्तानबहुत कम वर्षा, इसलिए पानी की कमी; दिन में झुलसाने वाली गरमी; रेत के तूफ़ान

लोग इन कठिनाइयों का समझदारी से उत्तर देते हैं — रेगिस्तान में पानी जमा करने की टंकियाँ, पहाड़ों में ढलानदार छतें, और तट पर चक्रवात शरण-स्थल तथा प्रारंभिक चेतावनी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: लोग अपनी भूमि की कठिनाइयाँ चुपचाप सहते नहीं रहते। वे उसे देखते हैं, उससे सीखते हैं और अपने घर, वस्त्र तथा काम का ढंग बदल लेते हैं, जिससे जीवन चलता रहे।
क्या यह उपयोगी रहा?