प्र1.
तटीय क्षेत्र के आस-पास का जीवन रेगिस्तान के जीवन से किस प्रकार भिन्न है, इस पर अपने अवलोकन लिखिए।
उत्तर
ये दोनों स्थान लगभग एक-दूसरे के उलट हैं। तट पर पानी बहुत है; रेगिस्तान में बहुत कम।
| श्रेणी | तटीय क्षेत्र (पुरी, ओडिशा) | रेगिस्तान (राजस्थान) |
|---|---|---|
| पानी | समुद्र पास ही है और खूब वर्षा होती है | बहुत कम वर्षा; पानी टंकियों में जमा किया जाता है |
| भूमि | समुद्र के किनारे समतल रेतीला तट | दूर तक फैले शुष्क रेत के टीले |
| पेड़-पौधे | नारियल और अन्य ताड़, ऊँचे और हरे | थोर (कैक्टस), खेजड़ी और बबूल, छोटे और काँटेदार |
| जंतु | समुद्री कछुआ, केकड़ा, डॉल्फिन, तारामछली, मछलियाँ | ऊँट, छिपकली, जंगली बिल्ली, अजगर, चील |
| काम | अनेक लोग मछली पकड़ने पर निर्भर हैं | ऊँट और बकरी पालना, शिल्प कार्य, जहाँ पानी पहुँचे वहाँ खेती |
| आवास | वर्षा के पानी को ढलकाने के लिए ढलानदार फूस या खपरैल की छतें | मिट्टी की दीवारें और पुआल की छतें, साथ में पानी की टंकी |
| भोजन | दालमा, पखाला, छेनापोड़ा, रसगुल्ला | दाल-बाटी-चूरमा, केर-सांगरी |
| यात्रा | पानी पर नाव, भूमि पर सड़कें | रेत पर ऊँट और ऊँट-गाड़ी |
अंतर क्यों: लगभग सब कुछ पानी तय करता है। जहाँ पानी अधिक है, वहाँ लोग मछली पकड़ते हैं, ऊँचे पेड़ उगते हैं और छतों को वर्षा ढलकानी पड़ती है। जहाँ पानी कम है, वहाँ लोग उसे जमा करते हैं, पौधे छोटे रह जाते हैं और जंतुओं को बहुत कम पानी में काम चलाना पड़ता है।