प्र1.
चक्रवात के क्या प्रतिकूल प्रभाव हैं?
उत्तर
चक्रवात बहुत तीव्र हवाएँ और भारी वर्षा लाता है, तथा लोगों, जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को हानि पहुँचाता है।
- घर टूट जाते हैं। छतें उड़ जाती हैं और कमजोर दीवारें गिर जाती हैं।
- पेड़ उखड़ जाते हैं और डालियाँ टूट जाती हैं।
- खेतों में पानी भर जाता है और खड़ी फसल नष्ट हो जाती है।
- नावें और जाल टूट जाते हैं, इसलिए मछुआरे समुद्र में नहीं जा पाते और उनकी कमाई रुक जाती है।
- बिजली के खंभे गिर जाते हैं, जिससे कई दिनों तक बिजली और पानी की आपूर्ति बंद हो जाती है।
- जीव-जंतुओं और पक्षियों का आश्रय और भोजन छिन जाता है।
- परिवारों को घर छोड़कर शरण-स्थल में रहना पड़ता है।
तट पर ही क्यों: चक्रवात समुद्र के ऊपर बनते हैं और भूमि पर सबसे पहले तट से टकराते हैं। चाँदनी ने अपने मित्रों को बताया कि ओडिशा के तटीय इलाकों में प्राय: तीव्र हवाएँ चलती हैं और चक्रवात आते रहते हैं।