कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 9 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए — 1. चित्र में आपको किस प्रकार के जंतु दिख रहे हैं?
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र। भूमि, पेड़ों, जंतुओं और लोगों की वेशभूषा को ध्यान से देखिए।
उत्तर
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र — बर्फ से ढँकी चोटियाँ, सीढ़ीदार खेतों वाली हरी ढलानें, ऊँचाई पर बसा गाँव, चीड़ के पेड़, ढलानदार छत वाला लकड़ी का घर, सौर पैनल, रंगीन झूल ओढ़े याक, ढलान पर गाय, पीठ पर टोकरी लिए महिला, लंबा लाल चोगा पहने व्यक्ति, बस्ता लिए विद्यालय जाते बच्चे और रास्ते पर एक चिड़िया। पुस्तक के चित्र में रोपवे, पैराग्लाइडर, प्रार्थना-ध्वजों के साथ बुद्ध प्रतिमा, नदी में नाव, करघे पर बुनाई करती महिला और बाँस की टोकरी बुनता व्यक्ति भी दिखाए गए हैं।

चित्र में ये जंतु दिखाई दे रहे हैं —

  • लंबे काले बालों वाला एक याक, जिसकी पीठ पर रंगीन कपड़ा है;
  • हरी ढलान पर बैठी गायें और बछड़े;
  • ऊपर पहाड़ी पर चरती हुई भेड़ें और बकरियाँ;
  • चट्टान पर खड़े हिरण;
  • रास्ते पर छोटे पक्षी और घरों के पास एक कुत्ता।
ये जंतु ही क्यों: पहाड़ों के जंतुओं को ठंड से बचना होता है और खड़ी, पथरीली भूमि पर चलना होता है। याक के बाल लंबे और घने होते हैं; भेड़ों और बकरियों के कड़े खुर चट्टानों पर अच्छी पकड़ बनाते हैं।
प्र2.
दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए — 2. पहाड़ों में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र आपके क्षेत्र में पहने जाने वाले वस्त्रों से किस प्रकार भिन्न हैं?
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र। भूमि, पेड़ों, जंतुओं और लोगों की वेशभूषा को ध्यान से देखिए।
उत्तर
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र — बर्फ से ढँकी चोटियाँ, सीढ़ीदार खेतों वाली हरी ढलानें, ऊँचाई पर बसा गाँव, चीड़ के पेड़, ढलानदार छत वाला लकड़ी का घर, सौर पैनल, रंगीन झूल ओढ़े याक, ढलान पर गाय, पीठ पर टोकरी लिए महिला, लंबा लाल चोगा पहने व्यक्ति, बस्ता लिए विद्यालय जाते बच्चे और रास्ते पर एक चिड़िया। पुस्तक के चित्र में रोपवे, पैराग्लाइडर, प्रार्थना-ध्वजों के साथ बुद्ध प्रतिमा, नदी में नाव, करघे पर बुनाई करती महिला और बाँस की टोकरी बुनता व्यक्ति भी दिखाए गए हैं।

पहाड़ों के वस्त्र मोटे, गरम और पूरी बाँह के होते हैं तथा शरीर का अधिकांश भाग ढँकते हैं।

  • लोग कमर पर बँधे लंबे परिधान पहनते हैं। नयन अपनी दैनंदिनी में तीन नाम बताता है — बखू, दुमद्यम और गुन्यो चोलो
  • अनेक लोग ऊन की टोपी, शॉल और बंद जूते पहनते हैं।
  • गरम मैदानों में हममें से अधिकतर लोग पतले सूती वस्त्र, छोटी बाँह और खुली चप्पलें पहनते हैं।
ऐसा क्यों: पहाड़ सामान्यत: ठंडे होते हैं और हिमालय के अनेक पहाड़ बर्फ से ढँके रहते हैं। मोटे ऊनी वस्त्र शरीर की गरमी को भीतर रोक लेते हैं और ठंडी हवा को बाहर रखते हैं। जहाँ गरमी होती है, वहाँ पतले वस्त्र गरमी को निकल जाने देते हैं।
संकेत: अपने क्षेत्र के पारंपरिक परिधान का नाम भी लिखिए और बताइए कि वह किस मौसम के अनुकूल है।
प्र3.
दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए — 3. पहाड़ों में पाए जाने वाले वृक्षों का वर्णन कीजिए।
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र। भूमि, पेड़ों, जंतुओं और लोगों की वेशभूषा को ध्यान से देखिए।
उत्तर
पृष्ठ 144–145 के चित्र से बनाया गया सरल रेखाचित्र — बर्फ से ढँकी चोटियाँ, सीढ़ीदार खेतों वाली हरी ढलानें, ऊँचाई पर बसा गाँव, चीड़ के पेड़, ढलानदार छत वाला लकड़ी का घर, सौर पैनल, रंगीन झूल ओढ़े याक, ढलान पर गाय, पीठ पर टोकरी लिए महिला, लंबा लाल चोगा पहने व्यक्ति, बस्ता लिए विद्यालय जाते बच्चे और रास्ते पर एक चिड़िया। पुस्तक के चित्र में रोपवे, पैराग्लाइडर, प्रार्थना-ध्वजों के साथ बुद्ध प्रतिमा, नदी में नाव, करघे पर बुनाई करती महिला और बाँस की टोकरी बुनता व्यक्ति भी दिखाए गए हैं।

पहाड़ों के वृक्ष ऊँचे, सीधे और नुकीले सिरे वाले होते हैं। ये खड़ी ढलानों पर पास-पास खड़े रहते हैं।

  • इनकी पत्तियाँ छोटी, पतली और सुई जैसी होती हैं, चौड़ी नहीं।
  • कड़ी ठंड में भी ये हरे बने रहते हैं।
  • अध्याय सिक्किम में पाए जाने वाले पेड़ बताता है — ओक, चीड़, अखरोट और शाहबलूत
  • अखरोट और शाहबलूत से मेवे मिलते हैं, जिन्हें लोग एकत्र करके खाते हैं।
यह आकार क्यों: नुकीले आकार और सुई जैसी पतली पत्तियों वाले पेड़ पर बर्फ टिकती नहीं, फिसल जाती है। भारी बर्फ चौड़ी और चपटी डालियों को तोड़ देती।
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