कक्षा ४ हिंदी अध्याय 1 कल्पना की उड़ान के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कल्पना कीजिए कि आप सभी खुले आकाश में पंख फैलाकर उड़ रहे हैं। कोई पहाड़ों के ऊपर उड़ रहा है, कोई समुद्र के ऊपर, कोई क्रिकेट मैच देखते हुए उड़ रहा है तो कोई विवाह के भोज का आनंद लेते हुए उड़ रहा है। आपको कल्पना करके कक्षा को बताना है कि आप ऊपर से नीचे क्या-क्या देख रहे हैं।
उत्तर

यह बोलकर सुनाने की गतिविधि है। पुस्तक कहती है कि इसे उसी तरह सुनाइए जैसे खेलों में आँखों देखा हाल सुनाया जाता है।

कैसे तैयार करें —

  1. पहले एक जगह चुनिए — पहाड़, समुद्र और उसका किनारा, जंगल, रेगिस्तान, मैदान, गाँव, नगर, बरात, खेल प्रतियोगिता, विद्यालय, मेला, बाज़ार, चिकित्सालय, चिड़ियाघर या कोई स्थानीय त्योहार।
  2. अब सोचिए कि ऊपर से क्या दिख रहा है, क्या सुनाई दे रहा है और कैसा लग रहा है
  3. वाक्य वर्तमान काल में बोलिए — “मैं देख रहा/रही हूँ…”, “मुझे अच्छा लग रहा है…”।
  4. बीच-बीच में ‘अरे वाह!’ जैसे शब्द लगाइए। इससे सुनने वाले को मज़ा आता है।
  5. छह-सात वाक्य काफी हैं। धीरे और साफ बोलिए।
नमूना उत्तर (मेले के ऊपर उड़ते हुए): मैं मेले के ऊपर से उड़ रहा हूँ। नीचे झूला गोल-गोल घूम रहा है और बच्चे खुशी से चिल्ला रहे हैं। एक तरफ गुब्बारे वाला खड़ा है — उसके लाल, पीले और हरे गुब्बारे ऊपर से बहुत सुंदर लग रहे हैं। जलेबी की महक यहाँ तक आ रही है। अरे वाह! अब तो ढोल भी बजने लगा है। लोग चींटियों जैसे छोटे दिख रहे हैं। मैं इसका भरपूर आनंद ले रहा हूँ।
संकेत: पुस्तक ने पहाड़ों वाला एक उदाहरण पहले ही दे रखा है — ऊँचे पेड़, झरने, सरोवर, ठंडी हवा और सफेद चादर जैसी बर्फ़। आप उससे मदद ले सकते हैं, पर अपनी जगह अलग चुनिए ताकि कक्षा में सबकी बात नई लगे।
क्या यह उपयोगी रहा?