कक्षा ४ हिंदी अध्याय 1 अनुमान और कल्पना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कविता की पंक्ति है— “आखिर जब मैं आसमान में, उड़ी दूर तक पंख पसार।” चिड़िया ने अंतत: इतनी दूर तक उड़ान क्यों भरी होगी?
उत्तर

इसके एक से अधिक कारण हो सकते हैं। सबसे मजबूत कारण ये तीन हैं—

  • भोजन और पानी की खोज: घोंसले के पास का दाना-पानी खत्म हो जाने पर पक्षी दूर तक जाते हैं।
  • पंख मजबूत हो जाना: अब वह शिशु नहीं रही। पंख मजबूत होते ही हर पक्षी लंबी उड़ान भरना चाहता है।
  • जिज्ञासा: उसने शाखों तक की दुनिया देख ली थी। मन में सवाल उठा होगा — इससे आगे क्या है?
सबसे अच्छा उत्तर: जिज्ञासा। कविता का अंत यही कहता है — “तभी समझ में मेरी आया, बहुत बड़ा है यह संसार।” यानी उड़ान का फल भोजन नहीं, नई समझ निकला।
प्र2.
पक्षी खुले आकाश में बहुत दूर तक उड़ते हैं। लंबी दूरी, हजारों पेड़ों और सैकड़ों घोंसलों के बीच पक्षी अपना घोंसला कैसे ढूँढ़ते होंगे?
उत्तर

पक्षी अपना रास्ता याद रखने के लिए कई तरीके काम में लाते हैं—

  • निशानियाँ याद रखना: कौन-सी नदी, कौन-सा पहाड़, कौन-सा बड़ा पेड़ — ये निशानियाँ वे ऊपर से देखकर पहचानते हैं।
  • अपने पेड़ की पहचान: हर पेड़ की डाल, पत्तियों का रंग और घोंसले की जगह थोड़ी-थोड़ी अलग होती है।
  • आवाज़: घोंसले में बैठे बच्चे या साथी बुलाते हैं। पक्षी अपने साथी की आवाज़ पहचान लेते हैं — इसीलिए शाम को कलरव बढ़ जाता है।
  • सूरज की दिशा: सूरज कहाँ है, इससे उन्हें दिशा का अंदाज़ा रहता है।
क्यों: जैसे हम अपने घर का रास्ता दुकान, मोड़ और पेड़ देखकर याद रखते हैं, वैसे ही पक्षी भी निशानियों और आवाज़ों से रास्ता याद रखते हैं।
प्र3.
पक्षियों ने आकाश में उड़कर जाना कि संसार बहुत बड़ा है। हमारे पूर्वजों को यह बात कैसे पता चली होगी?
उत्तर

हमारे पूर्वजों के पास पंख नहीं थे, इसलिए उन्होंने यात्राएँ कीं।

  • वे पैदल चले, फिर बैलगाड़ी और घोड़ों से दूर-दूर तक गए।
  • वे नाव और बड़े जहाज़ों से नदियाँ और समुद्र पार करके नए देशों तक पहुँचे।
  • वे ऊँचे पहाड़ों पर चढ़े और ऊपर से बहुत दूर तक फैली धरती देखी।
  • रात में तारों को देखकर उन्होंने दिशा पहचानना सीखा।
  • लौटकर उन्होंने अपनी बातें दूसरों को सुनाईं और लिखकर भी रखीं।
क्यों: हर यात्रा से एक नई जगह जुड़ती गई। जब बहुत-सी जगहें जुड़ गईं, तब समझ आया कि धरती उनकी सोच से कहीं बड़ी है। यही काम चिड़िया ने एक ही उड़ान में कर लिया।
प्र4.
जब आप कहीं बाहर जाते हैं तो घर के बड़े-बूढ़े आपको कुछ निर्देश देकर भेजते हैं। क्या पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने के पूर्व कुछ निर्देश देते होंगे? यदि हाँ, तो वे निर्देश क्या-क्या हो सकते हैं?
उत्तर

हाँ, ज़रूर देते होंगे — पर हमारी भाषा में नहीं, अपनी बोली और अपनी आवाज़ में।

वे निर्देश कुछ ऐसे हो सकते हैं—

  • बहुत दूर मत जाना, घोंसला आँख से ओझल न हो।
  • बिल्ली, बाज और साँप से बचकर रहना।
  • तेज़ हवा चले तो नीचे उतरकर किसी डाल पर बैठ जाना।
  • जो दाना दिखे, वह सब मत खा लेना — पहले देख लेना।
  • मेरी आवाज़ सुनते ही तुरंत पास आ जाना।
  • अँधेरा होने से पहले घोंसले में लौट आना।
क्यों ऐसा लगता है: पक्षियों के बच्चे पहली उड़ान में माँ-बाप के पास-पास ही उड़ते हैं और वे लगातार बोलते रहते हैं। यह बोलना ही उनका सिखाना है। हमारे घर में भी बड़े यही कहते हैं — “सड़क पार ध्यान से करना, अँधेरा होने से पहले लौट आना।”
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