कक्षा ४ हिंदी अध्याय 1 चित्रों की भाषा के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए। चित्र से मेल खाती कविता की कुछ पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में दी गई हैं। अब कविता की उपयुक्त पंक्तियों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
चित्र 1 आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार। चित्र 2
पृष्ठ 7 — चित्र 1 में चिड़िया पंख फैलाकर आकाश में उड़ रही है, चित्र 2 में घोंसले के भीतर अंडे से निकलता शिशु पक्षी है। बीच के पन्ने पर ऊपर की पंक्तियाँ दी हुई हैं, नीचे की चार पंक्तियाँ खाली हैं।
उत्तर

रिक्त स्थानों में ये चार पंक्तियाँ आएँगी —

सबसे पहले मेरे घर का
अंडे जैसा था आकार
तब मैं यही समझती थी
बस इतना-सा ही है संसार।

चित्र 1 आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार। सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार। चित्र 2
भरा हुआ पन्ना — नारंगी रंग की चार पंक्तियाँ ही रिक्त स्थानों में आएँगी।
क्यों यही पंक्तियाँ: दूसरे चित्र में घोंसले के भीतर अंडे से निकलता शिशु पक्षी दिख रहा है — उसके चारों ओर अभी अंडे का छिलका लगा है। कविता में अंडे की बात केवल पहले पद में आई है, इसलिए वही पद इस चित्र से मेल खाता है।
संकेत: पहला चित्र आकाश में पंख फैलाकर उड़ती चिड़िया का है, इसीलिए उसके साथ पुस्तक ने ‘आखिर जब मैं आसमान में…’ वाला पद उदाहरण के रूप में पहले ही दे दिया है।
क्या यह उपयोगी रहा?