प्र1.
जब कोई शिशु चिड़िया घोंसले से बाहर आती है तो उसे लगता है कि संसार बहुत बड़ा है। क्या आपको भी घर से बाहर निकलते समय ऐसा ही अनुभव होता है और क्यों?
उत्तर
हाँ, ऐसा अनुभव होता है — और कारण भी वही है जो चिड़िया का था।
घर में हमें हर चीज़ पहले से पता होती है — कौन-सा कमरा कहाँ है, कौन क्या कहेगा। बाहर निकलते ही बहुत-सी नई चीज़ें एक साथ सामने आ जाती हैं। तब पहले थोड़ा डर लगता है, फिर अच्छा लगने लगता है।
नमूना उत्तर: पहले दिन जब मैं अकेले पड़ोस की दुकान तक गया, तो रास्ता मुझे बहुत लंबा लगा। इतनी गाड़ियाँ, इतने लोग! घर लौटकर मुझे लगा कि मेरे घर के बाहर तो बहुत बड़ी दुनिया है। अब वही रास्ता मुझे छोटा लगता है, क्योंकि अब मैं उसे जान गया हूँ।
क्यों: जो जगह हम जानते हैं वह छोटी लगती है और जो नहीं जानते वह बड़ी। जैसे-जैसे हम जानने लगते हैं, डर कम होता जाता है।