कक्षा ४ हिंदी अध्याय 1 सोचिए और लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
चिड़िया को यह संसार कब-कब छोटा लगा?
उत्तर

चिड़िया को यह संसार तीन बार छोटा लगा—

  1. जब वह अंडे के भीतर थी — “सबसे पहले मेरे घर का, अंडे जैसा था आकार”।
  2. जब उसका घर घोंसला बना — “फिर मेरा घर बना घोंसला, सूखे तिनकों से तैयार”।
  3. जब वह पेड़ की हरी शाखों पर निकली — “फिर मैं निकल गई शाखों पर, हरी-भरी थीं जो सुकुमार”।

इन तीनों बार वह एक ही बात कहती है — “तब मैं यही समझती थी, बस इतना-सा ही है संसार।”

क्यों: हर बार उसने उतना ही देखा था जितना उसके आस-पास था। जो हम नहीं देखते, उसके बारे में हम सोच भी नहीं पाते। इसीलिए उसकी दुनिया उसे छोटी लगती रही।
प्र2.
खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने क्या-क्या देखा होगा जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है?
उत्तर

ऊपर से उसे वे सब चीज़ें दिखी होंगी जो घोंसले में बैठकर कभी नहीं दिखती थीं—

  • दूर-दूर तक फैले हरे खेत और उनमें काम करते किसान।
  • लंबी घुमावदार नदी और उसके किनारे बसे गाँव।
  • ऊँचे-ऊँचे पहाड़ और घना जंगल।
  • छोटे-छोटे दिखते घर, सड़कें और उन पर चलते लोग व गाड़ियाँ।
  • हज़ारों पेड़, और उन पेड़ों पर अपने जैसे सैकड़ों घोंसले।
क्यों उसे संसार बड़ा लगा: उसका अपना घोंसला अब उन हज़ारों घोंसलों में से बस एक था। जब अपनी दुनिया किसी बड़ी दुनिया का छोटा-सा हिस्सा दिखने लगे, तभी समझ आता है कि संसार कितना बड़ा है।
संकेत: पुस्तक के पृष्ठ 3 का चित्र देखिए — उसमें पहाड़, खेत, रास्ता, घर और बैलों के साथ चलता किसान दिखाया गया है। ऊपर उड़ती चिड़िया को यही सब दिख रहा है।
प्र3.
प्रायः सुबह-शाम पक्षियों की चहचहाहट (कलरव) सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर

पक्षियों का पूरा दिन एक बँधी हुई दिनचर्या में बीतता है। इसी कारण उनकी आवाज़ भी दो ही समय सबसे अधिक सुनाई देती है—

  • सुबह: रात भर आराम करने के बाद सब पक्षी एक साथ जागते हैं और भोजन-पानी की खोज में निकलते हैं। निकलने से पहले वे बोलकर एक-दूसरे को बुलाते हैं और झुंड बनाते हैं।
  • शाम: दिन भर बाहर रहने के बाद सब लौटते हैं। माता-पिता अपने बच्चों को और साथी एक-दूसरे को आवाज़ देकर घोंसले तक पहुँचते हैं।
क्यों साफ सुनाई देती है: सुबह-शाम चारों ओर शोर कम होता है, इसलिए उनकी आवाज़ हमें दूर तक साफ सुनाई देती है। दोपहर में वे भोजन की खोज में दूर बिखर जाते हैं, इसलिए तब कम सुनाई देती है।
क्या यह उपयोगी रहा?