कक्षा ४ हिंदी अध्याय 10 कविता से आगे के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
हमें सेल्फी लेते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए? कक्षा में सहपाठियों के साथ अपनी बात रखिए।
उत्तर

सेल्फी लेते समय ये सावधानियाँ रखनी चाहिए —

  • चलती सड़क, रेल की पटरी या पुल पर खड़े होकर सेल्फी मत लीजिए।
  • नदी, तालाब या समुद्र के किनारे झुककर सेल्फी मत लीजिए।
  • पहाड़ी, छत या किसी ऊँची जगह के किनारे पर मत जाइए।
  • चलती गाड़ी, नाव या झूले में सेल्फी मत लीजिए।
  • किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो उसकी अनुमति के बिना मत लीजिए।
  • मोबाइल बड़ों से पूछकर ही लीजिए और थोड़ी देर ही चलाइए।
क्यों ज़रूरी है: सेल्फी लेते समय आँखें मोबाइल पर रहती हैं, आसपास पर नहीं। इसी ध्यान भटकने से चोट लग सकती है।

नमूना उत्तर: मेरे अनुसार सेल्फी सुरक्षित जगह पर खड़े होकर ही लेनी चाहिए। सड़क पार करते समय मोबाइल हाथ में नहीं होना चाहिए। दूसरों की फोटो बिना पूछे लेना ठीक नहीं है।

प्र2.
प्राचीन समय में जब कैमरा नहीं था, तब चित्र कैसे बनाए जाते थे?
उत्तर

तब चित्र हाथ से बनाए जाते थे। चित्रकार सामने बैठे व्यक्ति या दृश्य को देखता और उसे कागज़, कपड़े या दीवार पर उतारता था।

  • बहुत पुराने समय में लोग गुफाओं की दीवारों पर चित्र बनाते थे। भीमबेटका की गुफाओं के चित्र इसी तरह के हैं।
  • मंदिरों और महलों की दीवारों पर भित्तिचित्र बनाए जाते थे।
  • बाद में कागज़ और कपड़े पर छोटे-छोटे सुंदर चित्र बनने लगे।
  • रंग फूल, पत्ते, मिट्टी और पत्थर पीसकर बनाए जाते थे। तूलिका (ब्रश) जानवरों के बालों से बनती थी।
क्यों: कैमरा एक क्लिक में चित्र बना देता है, पर हाथ से बनाने में कई दिन लग जाते थे। इसीलिए छोटू को कैमरा देखकर अचरज हुआ और उसने पेंटर छिपा होने की बात सोची।
प्र3.
आँख भी एक कैमरे की तरह काम करती है। क्या आप इस बात से सहमत हैं? इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर

हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ। आँख और कैमरा — दोनों का काम करने का तरीका मिलता-जुलता है।

कैमराआँख
आगे एक लेंस होता हैआगे एक लेंस जैसा भाग होता है
रोशनी छोटे छेद से भीतर जाती हैरोशनी पुतली से भीतर जाती है
भीतर परदे पर चित्र बनता हैभीतर परदे पर चित्र बनता है
ढक्कन लगाने पर कुछ नहीं दिखतापलक बंद करने पर कुछ नहीं दिखता
अँधेरे में फोटो साफ नहीं आतीअँधेरे में कुछ साफ नहीं दिखता
क्यों: दोनों को काम करने के लिए प्रकाश चाहिए। यही बात चाचा ने भी कही थी — ‘है प्रकाश-छाया का खेल’।
एक फर्क भी है: कैमरा चित्र को सँभालकर रख लेता है, पर आँख का देखा हुआ दृश्य हमें याद रखना पड़ता है।
प्र4.
दिए गए चित्रों का उनके सही नाम से मिलान कीजिए —
12345
पुस्तक में दिए गए पाँच चित्र (यहाँ 1 से 5 तक गिने गए हैं)।

नीचे दिए गए नाम — सेल्फी स्टिक  ·  मोबाइल कैमरा  ·  ड्रोन कैमरा  ·  वीडियो कैमरा  ·  कैमरा

उत्तर

सही मिलान इस प्रकार है —

चित्रक्या दिखता हैनाम
1चार पंखों वाला उड़ने वाला यंत्र, नीचे छोटा कैमराड्रोन कैमरा
2बड़े लेंस वाला कैमराकैमरा
3लंबी छड़ी, ऊपर मोबाइल लगा हुआसेल्फी स्टिक
4बड़ा कैमरा जिससे चलती-फिरती फिल्म बनती हैवीडियो कैमरा
5हाथ में पकड़ा हुआ मोबाइलमोबाइल कैमरा
पहचानने का तरीका: ड्रोन के पंख होते हैं, इसलिए वह ऊपर उड़कर फोटो लेता है। सेल्फी स्टिक अपने आप में कैमरा नहीं है — वह सिर्फ मोबाइल को दूर पकड़ने वाली छड़ी है।
क्या यह उपयोगी रहा?