कक्षा ४ हिंदी अध्याय 10 शब्द खेल के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दी गई वर्ग पहेली में पारिवारिक संबंधों का बोध कराने वाले शब्द छिपे हैं। उन्हें खोजिए और लिखिए — (एक शब्द ‘काका’ पुस्तक में पहले ही घेरकर दिखाया गया है।)
चाकाका
चाचीमानाना
भैयामाजीनी
क्षपिजामौसा
माताजीफूसी
दामीजीभाफाबु
दादीताभी
दीत्रज्ञ
उत्तर

पहेली में शब्द तीन तरह से छिपे हैं — बाएँ से दाएँ, ऊपर से नीचे, और कुछ तिरछे

शब्दकहाँ मिलाशब्दकहाँ मिला
काकापहली पंक्ति, बाएँ से दाएँ (घेरा हुआ)चाचीदूसरी पंक्ति, बाएँ से दाएँ
चाचातिरछा — चा (1) से चा (2)मामाचौथे खाने में ऊपर से नीचे
नानादूसरी पंक्ति के अंत मेंनानीछठे खाने में ऊपर से नीचे
भैयातीसरी पंक्ति के आरंभ मेंमाताजीपाँचवीं पंक्ति, बाएँ से दाएँ
पिताजीतीसरे खाने में ऊपर से नीचेमामीदूसरे खाने में ऊपर से नीचे
दादापहले खाने में ऊपर से नीचेदादीसातवीं पंक्ति के आरंभ में
दीदीदूसरे खाने में नीचे की ओरताईचौथे खाने में सबसे नीचे
मौसाचौथी पंक्ति के अंत मेंमौसीछठे खाने में ऊपर से नीचे
जीजापाँचवें खाने में ऊपर से नीचेबुआसातवें खाने में नीचे की ओर
भाभीतिरछा — भा से भीफूफातिरछा — फू से फा
संकेत: पुस्तक में उत्तर लिखने के लिए कुल 18 पंक्तियाँ बनी हैं (बाईं ओर 9, दाईं ओर 9)। ऊपर 20 शब्द दिए गए हैं, क्योंकि पहेली में इससे अधिक शब्द छिपे मिल जाते हैं। आप कोई भी 18 शब्द भर सकते हैं।
खोजने का तरीका: पहले हर पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए, फिर हर खाने को ऊपर से नीचे। अंत में तिरछे देखिए। मिलने वाले शब्द पर पेंसिल से घेरा बना दीजिए।
प्र2.
समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए — मित्र → इतर / चित्र / कार्य
उत्तर

मित्र → चित्र

क्यों: ‘मित्र’ और ‘चित्र’ दोनों का अंत ‘-त्र’ से होता है, इसलिए बोलने पर एक जैसी आवाज़ आती है। ‘इतर’ का अंत ‘-तर’ से है और ‘कार्य’ का ‘-र्य’ से, इसलिए उनका तुक नहीं मिलता।
संकेत: ‘मित्र’ और ‘चित्र’ दोनों शब्द इसी कविता में साथ-साथ आए हैं — ‘जैसी शक्ल, हू-ब-हू चित्र, समझो इसको अपना मित्र!’
प्र3.
समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए — मेल → रेल / मेला / खेल
उत्तर

मेल → रेल ✓ और खेल

क्यों: मेल, रेल और खेल — तीनों का अंत ‘-एल’ की आवाज़ से होता है। ‘मेला’ के अंत में ‘-ला’ आ जाता है, इसलिए उसका तुक नहीं मिलता।
संकेत: इस प्रश्न में दो उत्तर सही हैं। इसीलिए पुस्तक ने ‘शब्दों’ (बहुवचन) लिखा है।
प्र4.
समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए — वैसा → कैसे / कैसा / जैसे
उत्तर

वैसा → कैसा

क्यों: ‘वैसा’ और ‘कैसा’ दोनों के अंत में ‘-सा’ है। ‘कैसे’ और ‘जैसे’ के अंत में ‘-से’ है, इसलिए उनका तुक नहीं मिलता।
संकेत: ‘वैसा’ और ‘जैसा’ कविता में तुक बनाते हैं — ‘चित्र बनाता बिलकुल वैसा, मोटा-पतला जो है जैसा।’
प्र5.
समान तुक वाले शब्दों पर सही का चिह्न (✓) लगाइए — लाए → आए / खाए / जाओ
उत्तर

लाए → आए ✓ और खाए

क्यों: लाए, आए और खाए — तीनों के अंत में ‘-आए’ की आवाज़ है। ‘जाओ’ का अंत ‘-आओ’ से है, इसलिए उसका तुक नहीं मिलता।
याद रखिए: तुक कान से पहचाना जाता है। शब्द को जोर से बोलकर देखिए — अंत की आवाज़ एक जैसी लगे तो तुक मिलता है।
क्या यह उपयोगी रहा?