प्र1.
नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कहीं? मिलान कीजिए — (घोंघे का कथन / कब कहा?)
उत्तर
पुस्तक में दोनों ओर ये ख़ाने दिए गए हैं —
| घोंघे का कथन | कब कहा? |
|---|---|
| “वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है।” | जब उस पर सूखा पत्ता गिरा। |
| “वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है।” | जब उसने बड़ का पेड़ देखा। |
| “वाह! दुनिया तो कितनी मज़ेदार है।” | जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कुत्ते को भागते हुए देखा। |
| “वाह! सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है।” | जब उसने बच्चों के खेलने का स्थान देखा। |
पाठ के अनुसार सही जोड़े ये बनते हैं —
| घोंघे का कथन | कब कहा? | कहानी का प्रसंग |
|---|---|---|
| “वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है।” | जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कुत्ते को भागते हुए देखा। | तेज़ी देखकर उसे बगीचे की धीमी चाल याद आ गई। |
| “वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है।” | जब उसने बच्चों के खेलने का स्थान देखा। | छेद से निकलते ही सामने बहुत बड़ा मैदान दिखा। |
| “वाह! दुनिया तो कितनी मज़ेदार है।” | जब उस पर सूखा पत्ता गिरा। | पहले डरा, फिर अपने ऊपर हँस पड़ा। यही जोड़ा पुस्तक में उदाहरण के रूप में पहले से जुड़ा है। |
| “वाह! सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है।” | जब उसने बड़ का पेड़ देखा। | पेड़ इतना बड़ा था कि एक छोर से दूसरा छोर दिखता ही नहीं था। |
जोड़े कैसे पहचाने: हर कथन में एक ख़ास शब्द छिपा है। “बड़ी” का मेल बड़े मैदान से है, “तेज़ी” का मेल भागते कुत्ते से, “मज़ेदार” का मेल उस मज़ेदार घटना से जब पत्ता गिरा, और “अद्भुत” का मेल उस विशाल बड़ के पेड़ से।