कक्षा ४ हिंदी अध्याय 2 बगीचे का घोंघा के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

घोंघा एक छोटे-से सुंदर बगीचे में रहता था। उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में पूरे दो दिन लगते थे। बगीचे की दीवार में एक छेद था। घोंघा रोज़ उसे देखता था। उसकी माँ ने उसे वहाँ जाने से मना किया था। घोंघे ने तय किया कि वह बाहर जाकर देखेगा कि दुनिया कैसी है। उसने अपना सामान अपने शंख में बाँध लिया। बाहर उसने मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर, लाल चींटे, गिलहरी, गेंद, कुत्ता, खजूर का पेड़ और बड़ का पेड़ देखा। हर नई चीज़ देखकर उसने “वाह!” कहा। पत्ता गिरा तो डर के मारे “उई!” निकल गया। अंत में घोंघे ने तय कर लिया कि अब वह इसी बड़ी दुनिया में रहेगा।

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दअर्थपाठ में कहाँ आयाआपका नया वाक्य
छोरकिनारा, सिराबगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तकरस्सी का एक छोर मैंने पकड़ा।
चकितहैरान रह जानाबाहर आते ही घोंघा चकित रह गयाजादू देखकर हम चकित रह गए।
आश्चर्यहैरानीघोंघे की आँखें आश्चर्य से खुल गईंउसकी बात सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ।
अद्भुतबहुत अनोखा“सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है!”मोर का नाच अद्भुत लगता है।
अचानकएकदम, बिना बताएतभी अचानक उसने एक चीज़ देखीअचानक तेज़ बारिश होने लगी।
प्रतिदिनहर दिन, रोज़घोंघा प्रतिदिन उस छेद को देखता थामैं प्रतिदिन सुबह टहलता हूँ।
शंखघोंघे की पीठ पर का गोल घरसामान अपने शंख में बाँध लियाघोंघे का शंख गोल-गोल होता है।
ध्वनिआवाज़खड़-खड़ की ध्वनि आईघंटी की ध्वनि दूर तक गई।
फुदकनाउछल-उछलकर चलनागिलहरी फुदक-फुदककर चढ़ गईचिड़िया डाल पर फुदक रही है।
लुढ़कनागोल-गोल घूमते हुए जानादूर एक गेंद लुढ़कती हुई जा रही थीपहाड़ी से पत्थर लुढ़क गया।
वास्तव मेंसच मेंवास्तव में वह बच्चों के खेलने की जगह थीवास्तव में वह बहुत मेहनती है।
बेचाराजिस पर दया आएबेचारे घोंघे ने खजूर का पेड़ नहीं देखा थाबेचारा पिल्ला भीग गया।
  1. पाठ्य प्रश्न
  2. बातचीत के लिए
  3. पाठ के भीतर
  4. सोचिए और लिखिए
  5. भाषा की बात
  6. मिलान कीजिए
  7. विभिन्न ध्वनियाँ
  8. अपनी-अपनी विशेषताएँ
  9. अनुमान और कल्पना
  10. घोंघे से आपकी भेंट
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