कक्षा ४ हिंदी अध्याय 2 पाठ के भीतर के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था? (क) उसे उद्यान में अच्छा नहीं लगता था। (ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था। (ग) उसे उद्यान सुंदर नहीं लगता था। (घ) उसे उद्यान बहुत छोटा लगता था।
उत्तर

सटीक उत्तर — (ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था। इसी के सामने सूरज का चित्र बनाइए।

पाठ से आधार: “पर कभी-कभी घोंघे को लगता था, इस बगीचे के बाहर क्या होगा? कैसी होती होगी बाहर की दुनिया?” और फिर — “मैं बाहर जाकर देखूँगा कि दुनिया कैसी है।”

बाकी विकल्प क्यों नहीं —

  • (क) उसे बगीचा बुरा नहीं लगता था। वह तो बगीचे का कोना-कोना पहचानता था।
  • (ग) कहानी कहती है — “बगीचा बहुत छोटा और सुंदर था।” यानी वह सुंदर था।
  • (घ) बगीचा छोटा ज़रूर था, पर यह उसके जाने का कारण नहीं था। कारण थी जिज्ञासा।
प्र2.
घोंघे को बड़ा-सा पत्थर पहाड़ जैसा क्यों लगा होगा? (क) पत्थर पहाड़ की तरह बहुत ही बड़ा था। (ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी। (ग) घोंघे को पत्थर पर चढ़कर दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। (घ) पत्थर की आकृति पहाड़ जैसी थी।
उत्तर

सटीक उत्तर — (ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी।

ऐसा क्यों: घोंघे ने अपना सारा जीवन एक छोटे बगीचे में बिताया था। वहाँ उसने केवल पौधे और छोटे पेड़ देखे थे। इसलिए बाहर का साधारण पत्थर भी उसे पहाड़ जैसा लगा। पाठ कहता है — “घोंघे को लगा यह कोई पहाड़ होगा।”
(क) क्यों नहीं: पत्थर सचमुच पहाड़ जितना बड़ा नहीं था। वह तो एक बड़ा-सा पत्थर था। वह घोंघे को बड़ा लगा, क्योंकि घोंघा स्वयं बहुत छोटा है। कोई चीज़ बड़ी लगती है या छोटी, यह देखने वाले पर भी निर्भर करता है।
प्र3.
घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा? (क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें (ख) अपना शंख (ग) पीपल का पेड़ (घ) हरी-हरी घास
उत्तर

सटीक उत्तर — (क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें।

पाठ से आधार: “घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार लाल चींटों को देखा। वे अपने लंबे-पतले पाँवों से इधर-उधर आ-जा रहे थे।” यहाँ “पहली बार” शब्द स्वयं पाठ में आया है।

बाकी विकल्प क्यों नहीं —

  • (ख) शंख तो उसका अपना घर है। वह उसे रोज़ देखता है।
  • (ग) पाठ में पीपल का नाम कहीं नहीं आता। खजूर और बड़ के पेड़ आते हैं।
  • (घ) घास बगीचे में भी थी, इसलिए वह नई नहीं थी।
छपाई की बात: विकल्प में “लाल चींटें” छपा है, जबकि कहानी में “लाल चींटों को देखा” आया है। दोनों का अर्थ एक ही है — लाल चींटे।
प्र4.
घोंघे की आँखें आश्चर्य से क्यों खुली रह गईं? (क) उसके ऊपर एक बड़ा पत्ता गिरा। (ख) वह उद्यान में एक नए कीट से मिला। (ग) उसने पहली बार एक तालाब देखा। (घ) उसने बड़ का एक पेड़ देखा।
उत्तर

सटीक उत्तर — (घ) उसने बड़ का एक पेड़ देखा।

पाठ से आधार: “वहाँ एक और पेड़ था जो इतना बड़ा था कि घोंघा उसके एक छोर से दूसरे छोर तक भी नहीं देख पाता था… घोंघे की आँखें आश्चर्य से और भी खुल गईं। उसने कहा, ‘वाह, सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है!’”

बाकी विकल्प क्यों नहीं —

  • (क) पत्ता गिरने पर वह डर गया था और “उई!” चिल्लाया था, आश्चर्य से आँखें नहीं खुली थीं।
  • (ख) चींटे उसे उद्यान के बाहर मिले थे, भीतर नहीं।
  • (ग) कहानी में तालाब का कोई ज़िक्र नहीं है।
प्र5.
छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छूट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए —
उत्तर

पुस्तक में ये ख़ाने दिए गए हैं —

मैदान…………………पत्थर
…………………गिलहरीगेंद
कुत्ता…………………बड़ का पेड़

कहानी के क्रम से तीनों छूटी हुई वस्तुएँ भर जाती हैं —

मैदानसूखा पत्तापत्थर
लाल चींटेंगिलहरीगेंद
कुत्ताखजूर का पेड़बड़ का पेड़
क्रम कैसे मिला: घोंघा छेद से निकला तो सबसे पहले मैदान दिखा। फिर खड़-खड़ करता सूखा पत्ता उस पर गिरा। थोड़ा आगे पत्थर मिला। पत्थर पर चढ़कर उसने लाल चींटे देखे। फिर गिलहरी, लुढ़कती गेंद और उसके पीछे भागता कुत्ता दिखा। अंत में आसमान छूता खजूर का पेड़ और सबसे बड़ा बड़ का पेड़
ध्यान दीजिए: ख़ाने बाएँ से दाएँ, ऊपर से नीचे उसी क्रम में हैं जिस क्रम में कहानी में ये चीज़ें आती हैं।
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