उसे अपनी माँ की चेतावनी याद आती थी।
पाठ में माँ के शब्द ऐसे हैं — “वहाँ कभी मत जाना। वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है।”
अद्यतन2026-09-19
उसे अपनी माँ की चेतावनी याद आती थी।
पाठ में माँ के शब्द ऐसे हैं — “वहाँ कभी मत जाना। वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है।”
क्योंकि उसके सामने बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा मैदान था।
पाठ कहता है — “जितनी दूर तक उसकी आँखें देख सकती थीं, उतना उसने देखा। उसके सामने बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा मैदान था।” वह असल में बच्चों के खेलने की जगह थी।
क्योंकि उसने बाहर पहली बार तेज़ चलती हुई चीज़ें देखीं।
बाहर उसने देखा कि एक गिलहरी फुदक-फुदककर पेड़ पर चढ़ गई। दूर एक गेंद लुढ़कती जा रही थी और एक कुत्ता उसके पीछे भाग रहा था। चींटे भी इधर-उधर आ-जा रहे थे।
यह सब देखकर उसने कहा — “वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है। बगीचे में तो सबकुछ धीरे-धीरे चलता था।”
यह आपके अपने मन की बात है। जो चीज़ आपको सचमुच अनोखी लगती हो, वही लिखिए।
नमूना उत्तर:
| कहाँ | क्या अद्भुत लगता है | क्यों |
|---|---|---|
| घर में | दादी की सिलाई मशीन | वह पैर चलाने से ही चलती है और कपड़ा जुड़ जाता है। |
| विद्यालय में | आँगन का पुराना बरगद | उसकी जड़ें ऊपर से नीचे लटकती हैं, जैसे रस्सियाँ। |
| आस-पास | बारिश के बाद का इंद्रधनुष | आसमान में अचानक सात रंग बन जाते हैं और फिर मिट जाते हैं। |
पुस्तक में यह तालिका खाली दी गई है —
| उद्यान के भीतर | उद्यान के बाहर |
|---|---|
| ………………… | ………………… |
| ………………… | ………………… |
| ………………… | ………………… |
| ………………… | ………………… |
पाठ के आधार पर तालिका इस तरह भरेगी —
| उद्यान के भीतर | उद्यान के बाहर |
|---|---|
| बगीचे की दीवार | बहुत बड़ा मैदान (बच्चों के खेलने का स्थान) |
| दीवार का छेद | सूखा-भूरा पत्ता और बड़ा-सा पत्थर |
| पौधे | लाल चींटे, गिलहरी और लुढ़कती गेंद |
| छोटे पेड़ | कुत्ता, खजूर का पेड़ और बड़ का पेड़ |