कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए — “लड़की पुस्तक पढ़ती है।” “लड़का पुस्तक पढ़ता है।” इन दोनों वाक्यों में लड़की व लड़का संज्ञा शब्द हैं। लड़की के लिए ‘पढ़ती’ और लड़के के लिए ‘पढ़ता’ क्रिया रूप का प्रयोग किया गया है। यह अंतर ‘लिंग’ के कारण आया है। अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।
पुस्तक के उदाहरण (पृष्ठ 30)पुस्तक के उदाहरण (पृष्ठ 30)
माताजी समाचार पढ़ती हैं।पिताजी भाजी काटते हैं।
मनीषा पतंग उड़ाती है।अरविंद झूला झूलता है।
इमली खट्टी है।टमाटर खट्टा है।
उत्तर

कविता में नीम के साथ जो क्रिया शब्द आए हैं, वे सब ‘-ता’ पर समाप्त होते हैं। इसी से पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है

शब्दकविता की पंक्ति
लहराता“लहराता-बलखाता नीम,”
बलखाता“लहराता-बलखाता नीम,”
हँसता“दिनभर हँसता-गाता नीम।”
गाता“दिनभर हँसता-गाता नीम।”
जताता“अपना नेह जताता नीम।”
भगाता“कितने रोग भगाता नीम।”
बनाता“उसको शुद्ध बनाता नीम।”
सिखाता“रखना हमें सिखाता नीम।”
बहलाता“सब का मन बहलाता नीम।”
लेता“लेता नहीं किसी से कुछ भी,”
जाता“पर कितना दे जाता नीम।”
नियम: पुल्लिंग संज्ञा के साथ क्रिया प्रायः ‘-ता’ में आती है और स्त्रीलिंग संज्ञा के साथ ‘-ती’ में। जैसे — लड़का पढ़ता है, लड़की पढ़ती है।
जाँच कर देखिए: यदि नीम स्त्रीलिंग होता तो पंक्ति ऐसी होती — “लहराती-बलखाती नीम”। पढ़ने में ही अटपटा लगता है, इसलिए नीम पुल्लिंग है।
अपना एक वाक्य: आँगन का नीम हर दोपहर छाया देता है।
प्र2.
नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में रखिए।
टोकरी में रखे फल और साग-भाजी।
स्त्रीलिंगपुल्लिंग
....................................
....................................
....................................
....................................
उत्तर

पहले टोकरी की चीज़ों के नाम लीजिए, फिर हर नाम के साथ ‘अच्छी है’ या ‘अच्छा है’ लगाकर देखिए। जो सही लगे, वही उसका लिंग है।

स्त्रीलिंगपुल्लिंग
लौकीबैंगन
भिंडीआलू
गाजरकद्दू
गोभीप्याज़
अंगूर
सेब
आम
संतरा
जाँचने की आसान विधि:
लौकी अच्छी है ✓ — इसलिए लौकी स्त्रीलिंग।
बैंगन अच्छा है ✓ — इसलिए बैंगन पुल्लिंग।
यही तरीक़ा हर नाम पर लगाकर देखिए।
ध्यान दीजिए: दोनों खानों में बराबर नाम होना ज़रूरी नहीं है। अपनी पुस्तक की टोकरी में आप जो-जो चीज़ पहचान पाएँ, उसे इसी तरह सही खाने में लिखिए।
प्र3.
‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।
प्रप्रदूषित....................................
बीच में ‘प्र’, और चारों ओर शब्द लिखने के खाने।
उत्तर

‘प्र’ को शब्द के आगे जोड़कर बहुत से नए शब्द बनते हैं। कुछ शब्द इस प्रकार हैं —

प्रप्रदूषितप्रकाशप्रसन्नप्रयोग
‘प्र’ से बने चार शब्द।
शब्दअर्थवाक्य में प्रयोग
प्रकाशरोशनीसूरज का प्रकाश खिड़की से आ रहा है।
प्रसन्नखुशअच्छे अंक पाकर मैं प्रसन्न हो गया।
प्रयोगइस्तेमालकेले के पत्ते का प्रयोग थाली की तरह होता है।
प्रकारतरह, किस्मपत्तियाँ कई प्रकार की होती हैं।
प्रतिदिनहर दिनप्रतिदिन अपने पौधे को पानी दीजिए।
प्रार्थनाविनती, प्रार्थना-गीतहम रोज़ सुबह प्रार्थना करते हैं।
ध्यान दीजिए: ‘प्रकार’, ‘प्रयोग’ और ‘प्रतिदिन’ — ये तीनों शब्द आपकी इसी पुस्तक के पाठ 3 में आए हैं। ‘प्र’ जोड़ने से शब्द का अर्थ बदल जाता है।
करके देखिए: अपनी पुस्तक के किसी एक पृष्ठ पर ‘प्र’ से शुरू होने वाले शब्द ढूँढ़िए और गिनकर लिखिए कि कितने मिले।
क्या यह उपयोगी रहा?