प्र1.
नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए — “लड़की पुस्तक पढ़ती है।” “लड़का पुस्तक पढ़ता है।” इन दोनों वाक्यों में लड़की व लड़का संज्ञा शब्द हैं। लड़की के लिए ‘पढ़ती’ और लड़के के लिए ‘पढ़ता’ क्रिया रूप का प्रयोग किया गया है। यह अंतर ‘लिंग’ के कारण आया है। अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।
| पुस्तक के उदाहरण (पृष्ठ 30) | पुस्तक के उदाहरण (पृष्ठ 30) |
|---|---|
| माताजी समाचार पढ़ती हैं। | पिताजी भाजी काटते हैं। |
| मनीषा पतंग उड़ाती है। | अरविंद झूला झूलता है। |
| इमली खट्टी है। | टमाटर खट्टा है। |
उत्तर
कविता में नीम के साथ जो क्रिया शब्द आए हैं, वे सब ‘-ता’ पर समाप्त होते हैं। इसी से पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।
| शब्द | कविता की पंक्ति |
|---|---|
| लहराता | “लहराता-बलखाता नीम,” |
| बलखाता | “लहराता-बलखाता नीम,” |
| हँसता | “दिनभर हँसता-गाता नीम।” |
| गाता | “दिनभर हँसता-गाता नीम।” |
| जताता | “अपना नेह जताता नीम।” |
| भगाता | “कितने रोग भगाता नीम।” |
| बनाता | “उसको शुद्ध बनाता नीम।” |
| सिखाता | “रखना हमें सिखाता नीम।” |
| बहलाता | “सब का मन बहलाता नीम।” |
| लेता | “लेता नहीं किसी से कुछ भी,” |
| जाता | “पर कितना दे जाता नीम।” |
नियम: पुल्लिंग संज्ञा के साथ क्रिया प्रायः ‘-ता’ में आती है और स्त्रीलिंग संज्ञा के साथ
‘-ती’ में। जैसे — लड़का पढ़ता है, लड़की पढ़ती है।
जाँच कर देखिए: यदि नीम स्त्रीलिंग होता तो पंक्ति ऐसी होती — “लहराती-बलखाती नीम”।
पढ़ने में ही अटपटा लगता है, इसलिए नीम पुल्लिंग है।
अपना एक वाक्य: आँगन का नीम हर दोपहर छाया देता है।