कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 पाठ के भीतर के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर

कविता में तीन पक्षियों के नाम आए हैं — चिड़िया, कौआ और तोता

“चिड़िया, कौआ, तोता सबसे,
अपना नेह जताता नीम।”
क्यों: ये तीनों पक्षी नीम पर आकर बैठते हैं। कवि इन्हीं के नाम लेकर बताते हैं कि नीम सब पक्षियों से प्यार करता है।
प्र2.
नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किन्हीं तीन के नाम पता करके लिखिए।
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पुस्तक की तरह तीन पत्तियाँ, जिनमें लिखने के लिए खाली जगह बनी है।
उत्तर

नीम के तीन लाभ इस प्रकार लिखे जा सकते हैं —

खुजलीदाँतों के रोगफोड़े-फुंसी
तीनों पत्तियों में भरे हुए उत्तर।
रोग या परेशानीनीम का कौन-सा भागकैसे काम आता है
खुजलीपत्तियाँपत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने पर आराम मिलता है
दाँतों के रोगकोमल टहनीटहनी की दातुन से दाँत और मसूड़े साफ़ रहते हैं
फोड़े-फुंसीपत्तियाँपत्तियों का लेप घाव पर लगाया जाता है
यही बात कविता कहती है: “नहीं डॉक्टर फिर भी देखो, कितने रोग भगाता नीम।” नीम डॉक्टर नहीं है, पर उसके भागों में दवा वाले गुण होते हैं। इसीलिए उसे औषधीय वृक्ष कहते हैं।
ध्यान रखिए: ये घर के पुराने नुस्खे हैं। बीमारी में डॉक्टर को दिखाना और उनकी दवा लेना सबसे ज़रूरी है। अपने आप कोई दवा मत बनाइए।
प्र3.
नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?
उत्तर

जब हवा चलती है तब नीम झूम-झूमकर हिलता है। उसे झूमता देखकर सबका मन खुश हो जाता है।

“हवा चले तो झूम-झूमके,
सब का मन बहलाता नीम।”

नीम और भी तरीक़ों से मन बहलाता है —

  • उसकी पत्तियों से सर-सर की मीठी आवाज़ आती है;
  • उसकी ठंडी छाया में बैठकर लोग सुस्ताते हैं;
  • उसकी डाल पर झूला डालकर बच्चे झूलते हैं;
  • उस पर बैठे पक्षी चहचहाते रहते हैं।
क्यों: ‘मन बहलाना’ का अर्थ है — मन लगाना और खुश कर देना। नीम की हलचल, आवाज़ और छाया, तीनों मिलकर यही काम करती हैं।
प्र4.
कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए — “चिड़िया, कौआ, तोता सबसे / अपना नेह जताता नीम”। इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है – प्यार व स्नेह। अब बताइए — नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
उत्तर

नीम पक्षियों से अपना नेह उन्हें आश्रय और भोजन देकर जताता है।

  • वह अपनी डालियों पर उन्हें घोंसला बनाने देता है;
  • वह उन्हें धूप, वर्षा और तेज़ हवा से बचाता है;
  • उसकी पकी निबौरियाँ पक्षियों का भोजन बनती हैं;
  • वह किसी पक्षी को मना नहीं करता — चिड़िया, कौआ, तोता सबका स्वागत करता है।
क्यों: प्यार केवल कहने से नहीं, करने से दिखता है। नीम बोलता नहीं, पर सबको जगह देता है — यही उसका नेह जताना है।
प्र5.
कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए — “चिड़िया, कौआ, तोता सबसे / अपना नेह जताता नीम”। इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द ‘नेह’ का भाव है – प्यार व स्नेह। अब बताइए — आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
उत्तर

यह आपके अपने घर और कक्षा की बात है। उत्तर हर बच्चे का अलग हो सकता है।

कौननेह किस प्रकार जताते हैं
माँमेरी पसंद का खाना बनाती हैं और बीमार होने पर पास बैठी रहती हैं
पिताजीमेरे साथ खेलते हैं और मुझे स्कूल छोड़ने जाते हैं
दादी–दादाकहानी सुनाते हैं और सिर पर हाथ फेरते हैं
भाई–बहनअपनी चीज़ें मुझसे बाँटते हैं
अध्यापकसमझ न आने पर दोबारा समझाते हैं और अच्छा काम करने पर शाबाशी देते हैं
नमूना उत्तर: मेरी माँ रोज़ मेरा बस्ता लगाने में मेरी मदद करती हैं। मेरे अध्यापक मेरी लिखाई सुधारने के लिए मुझे अलग से समय देते हैं। इन छोटी-छोटी बातों से मुझे उनका नेह दिखाई देता है।
सोचिए: नीम की तरह बड़े भी अपना प्यार बोलकर नहीं, करके दिखाते हैं।
प्र6.
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर उत्तर दीजिए — “चले प्रदूषित वायु कभी तो / उसको शुद्ध बनाता नीम”। ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर

प्रदूषित वायु का अर्थ है — गंदी हवा। यानी ऐसी हवा जिसमें धुआँ, धूल और गंदे कण मिल गए हों।

हवा गंदी कैसे होती है —

  • गाड़ियों और कारखानों के धुएँ से;
  • कूड़ा और पत्ते जलाने से;
  • सड़क और निर्माण-कार्य की धूल से;
  • पटाखों के धुएँ से।
ऐसी हवा से क्या होता है: साँस लेने में परेशानी होती है, खाँसी आती है और आँखों में जलन होती है। इसीलिए कवि ने ‘प्रदूषित’ शब्द का प्रयोग किया है — यह शब्द बताता है कि हवा साफ़ नहीं रही।
शब्द की बात: ‘प्रदूषित’ का उल्टा शब्द है शुद्ध। यही शब्द अगली पंक्ति में आया है।
प्र7.
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर उत्तर दीजिए — “चले प्रदूषित वायु कभी तो / उसको शुद्ध बनाता नीम”। वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
उत्तर

वृक्ष हवा की गंदगी अपने भीतर ले लेते हैं और बदले में हमें साफ़ हवा देते हैं।

गंदी हवा पेड़ की पत्तियाँ शुद्ध हवा

यह कैसे होता है —

  1. पत्तियाँ हवा में मिली गंदी गैस अपने भीतर खींच लेती हैं;
  2. वे हवा में हमारे काम आने वाली साफ़ हवा छोड़ती हैं;
  3. चौड़ी पत्तियों पर हवा की धूल चिपक जाती है, जो वर्षा में धुल जाती है;
  4. पेड़ों के बीच की हवा ठंडी और साफ़ रहती है।
इसीलिए: जहाँ पेड़ ज़्यादा होते हैं, वहाँ साँस लेने में अच्छा लगता है। यही कारण है कि हमें अधिक-से-अधिक पेड़ लगाने चाहिए।
प्र8.
नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं? — “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।” कविता की पंक्ति लिखिए।
उत्तर

कविता की पंक्ति —

“नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।”
कैसे पहचानें: दिए गए भाव में दो बातें हैं — डॉक्टर नहीं है और रोग भगाता है। कविता में यही दोनों बातें इन्हीं दो पंक्तियों में एक साथ आई हैं।
प्र9.
नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं? — “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।” कविता की पंक्ति लिखिए।
उत्तर

कविता की पंक्ति —

“लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।”
कैसे पहचानें: ‘प्रसन्न रहना’ का अर्थ है — खुश रहना। कविता में खुशी के लिए ‘हँसता-गाता’ शब्द आए हैं और ‘दिनभर’ शब्द तो ज्यों-का-त्यों वहीं है।
क्या यह उपयोगी रहा?