कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 मैं नीम हूँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए — • मेरा एक-एक भाग ......... है। • मेरी पत्तियों का आकार ......... और रंग ......... होता है। • मेरी पत्तियों के किनारे ......... होते हैं। • मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से ......... दूर होते हैं। • मेरी कोमल टहनियाँ दाँत ......... करने के काम आती हैं। इसे ......... कहते हैं। • मेरे फल को ......... कहा जाता है। • मेरी पत्तियों का स्वाद ......... होता है। • मेरी पत्तियों को सुखाकर ......... में रखा जाता है। • ......... मास में मेरी छटा देखने लायक होती है। • आओ, कभी मेरी डाल पर ......... का आनंद लो।
उत्तर

नीम अपने बारे में यह कह रहा है। पूरे वाक्य इस प्रकार बनेंगे —

अधूरा वाक्यपूरा वाक्य
मेरा एक-एक भाग ......... है।मेरा एक-एक भाग काम का (उपयोगी) है।
मेरी पत्तियों का आकार ......... और रंग ......... होता है।मेरी पत्तियों का आकार लंबा-नुकीला और रंग हरा होता है।
मेरी पत्तियों के किनारे ......... होते हैं।मेरी पत्तियों के किनारे आरी जैसे दाँतेदार होते हैं।
मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से ......... दूर होते हैं।... नहाने से खुजली और चर्म-रोग दूर होते हैं।
मेरी कोमल टहनियाँ दाँत ......... करने के काम आती हैं। इसे ......... कहते हैं।मेरी कोमल टहनियाँ दाँत साफ़ करने के काम आती हैं। इसे दातुन कहते हैं।
मेरे फल को ......... कहा जाता है।मेरे फल को निबौरी कहा जाता है।
मेरी पत्तियों का स्वाद ......... होता है।मेरी पत्तियों का स्वाद कड़वा होता है।
मेरी पत्तियों को सुखाकर ......... में रखा जाता है।मेरी पत्तियों को सुखाकर अनाज और कपड़ों में रखा जाता है।
......... मास में मेरी छटा देखने लायक होती है।चैत्र मास में मेरी छटा देखने लायक होती है।
आओ, कभी मेरी डाल पर ......... का आनंद लो।आओ, कभी मेरी डाल पर झूला झूलने का आनंद लो।
दो बातें समझ लीजिए:
1. सूखी नीम की पत्तियाँ अनाज और कपड़ों में इसलिए रखी जाती हैं, क्योंकि उनकी कड़वी गंध से कीड़े दूर रहते हैं
2. चैत्र (मार्च–अप्रैल) में नीम पर नई कोंपलें और छोटे सफ़ेद फूल आते हैं। तब पूरा पेड़ नया-नया लगता है — यही उसकी छटा है।
संकेत: ‘छटा’ का अर्थ है सुंदरता। ‘दातुन’ वह टहनी है जिससे दाँत साफ़ किए जाते हैं।
प्र2.
आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए — (एक नाम दिया गया है — तुलसी)
उत्तर

औषधीय का अर्थ है — दवा के काम आने वाला। ऐसे कुछ पेड़-पौधे और लताएँ ये हैं —

नामकिस काम आता है
तुलसीसर्दी-खाँसी में इसकी पत्तियाँ काढ़े में डाली जाती हैं (यह दिया हुआ है)
पुदीनापेट ठीक रखने और चटनी बनाने में
अदरकखाँसी और गले की खराश में
हल्दीचोट लगने पर और दूध में डालकर
आँवलाबाल और पेट के लिए; इसमें विटामिन-सी होता है
घृतकुमारी (एलोवेरा)जलने या कटने पर इसका गूदा लगाया जाता है
गिलोय (लता)बुखार के बाद ताकत के लिए; यह एक बेल है
लता किसे कहते हैं: जो पौधा अपने आप खड़ा न रह सके और किसी सहारे पर चढ़े, उसे लता या बेल कहते हैं। गिलोय ऐसी ही एक लता है।
ध्यान रखिए: कोई भी पत्ती या जड़ अपने आप खाकर मत देखिए। बड़ों से पूछे बिना कोई घरेलू दवा न लें।
प्र3.
आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए — नीम – अरे! बहुत दिन बाद आई/आए हो!
उत्तर

यह कल्पना का काम है। आपका संवाद अपना होगा। बस दो बातों का ध्यान रखिए — हर पंक्ति छोटी हो, और बात झूले तथा पेड़ की देखभाल के आस-पास घूमे।

नमूना उत्तर:

नीम – अरे! बहुत दिन बाद आई/आए हो!
आप – हाँ नीम भैया, परीक्षा चल रही थी। आज झूला डालने आया हूँ।
नीम – डालो, पर रस्सी मोटी वाली डालना। पतली रस्सी मेरी छाल काट देती है।
आप – ठीक है। मैं रस्सी के नीचे कपड़ा भी लपेट दूँगा।
नीम – वाह! तब तो मुझे बिलकुल दर्द नहीं होगा। झूलो और खूब हँसो।
आप – धन्यवाद! गरमी में तुम्हारी छाया ही हमारा सबसे ठंडा कमरा है।
अच्छे संवाद में क्या हो: पेड़ भी एक साथी की तरह बोले, बच्चा उससे विनम्रता से बात करे, और अंत में पेड़ की देखभाल की कोई बात आ जाए। कविता में भी नीम ऐसा ही मित्र है जो सबका मन बहलाता है।
करके देखिए: इस संवाद को दो साथी मिलकर कक्षा में बोलकर दिखाइए — एक नीम बने, एक बच्चा।
क्या यह उपयोगी रहा?