प्र1.
नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए — • मेरा एक-एक भाग ......... है। • मेरी पत्तियों का आकार ......... और रंग ......... होता है। • मेरी पत्तियों के किनारे ......... होते हैं। • मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से ......... दूर होते हैं। • मेरी कोमल टहनियाँ दाँत ......... करने के काम आती हैं। इसे ......... कहते हैं। • मेरे फल को ......... कहा जाता है। • मेरी पत्तियों का स्वाद ......... होता है। • मेरी पत्तियों को सुखाकर ......... में रखा जाता है। • ......... मास में मेरी छटा देखने लायक होती है। • आओ, कभी मेरी डाल पर ......... का आनंद लो।
उत्तर
नीम अपने बारे में यह कह रहा है। पूरे वाक्य इस प्रकार बनेंगे —
| अधूरा वाक्य | पूरा वाक्य |
|---|---|
| मेरा एक-एक भाग ......... है। | मेरा एक-एक भाग काम का (उपयोगी) है। |
| मेरी पत्तियों का आकार ......... और रंग ......... होता है। | मेरी पत्तियों का आकार लंबा-नुकीला और रंग हरा होता है। |
| मेरी पत्तियों के किनारे ......... होते हैं। | मेरी पत्तियों के किनारे आरी जैसे दाँतेदार होते हैं। |
| मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से ......... दूर होते हैं। | ... नहाने से खुजली और चर्म-रोग दूर होते हैं। |
| मेरी कोमल टहनियाँ दाँत ......... करने के काम आती हैं। इसे ......... कहते हैं। | मेरी कोमल टहनियाँ दाँत साफ़ करने के काम आती हैं। इसे दातुन कहते हैं। |
| मेरे फल को ......... कहा जाता है। | मेरे फल को निबौरी कहा जाता है। |
| मेरी पत्तियों का स्वाद ......... होता है। | मेरी पत्तियों का स्वाद कड़वा होता है। |
| मेरी पत्तियों को सुखाकर ......... में रखा जाता है। | मेरी पत्तियों को सुखाकर अनाज और कपड़ों में रखा जाता है। |
| ......... मास में मेरी छटा देखने लायक होती है। | चैत्र मास में मेरी छटा देखने लायक होती है। |
| आओ, कभी मेरी डाल पर ......... का आनंद लो। | आओ, कभी मेरी डाल पर झूला झूलने का आनंद लो। |
दो बातें समझ लीजिए:
1. सूखी नीम की पत्तियाँ अनाज और कपड़ों में इसलिए रखी जाती हैं, क्योंकि उनकी कड़वी गंध से कीड़े दूर रहते हैं।
2. चैत्र (मार्च–अप्रैल) में नीम पर नई कोंपलें और छोटे सफ़ेद फूल आते हैं। तब पूरा पेड़ नया-नया लगता है — यही उसकी छटा है।
1. सूखी नीम की पत्तियाँ अनाज और कपड़ों में इसलिए रखी जाती हैं, क्योंकि उनकी कड़वी गंध से कीड़े दूर रहते हैं।
2. चैत्र (मार्च–अप्रैल) में नीम पर नई कोंपलें और छोटे सफ़ेद फूल आते हैं। तब पूरा पेड़ नया-नया लगता है — यही उसकी छटा है।
संकेत: ‘छटा’ का अर्थ है सुंदरता। ‘दातुन’ वह टहनी है जिससे दाँत साफ़ किए जाते हैं।