कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 बूझो तो जानें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पगरी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी। कच्ची खाओ, पक्की खाओ, सिर पर उसका तेल लगाओ।
उत्तर

उत्तर — गरी (नारियल के भीतर का सफ़ेद गूदा)।

पहेली की पंक्तिइसका सुराग
“पगरी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी।”गरी, गगरी, नगरी — तीनों शब्दों के अंत में गरी छिपा है।
“कच्ची खाओ, पक्की खाओ,”गरी कच्ची भी खाई जाती है और सुखाकर भी।
“सिर पर उसका तेल लगाओ।”गरी से ही नारियल का तेल निकलता है, जो बालों में लगाया जाता है।
यह पहेली कैसे बनी: इसमें शब्दों के भीतर छिपा हुआ एक टुकड़ा ढूँढ़ना है। ऐसी पहेली में हर शब्द को धीरे-धीरे बोलकर देखिए — छिपा हुआ शब्द अपने आप सुनाई दे जाता है।
प्र2.
मैं भाग नहीं सकती फिर भी लोग मुझे बाँधते हैं। बताओ मैं कौन हूँ?
उत्तर

उत्तर — हाथ घड़ी।

क्यों: घड़ी के पैर नहीं होते, इसलिए वह भाग नहीं सकती। फिर भी लोग उसे कलाई पर बाँधते हैं। सामान्यतः तो भागने वाले को बाँधा जाता है — यही उल्टी बात इस पहेली को मज़ेदार बनाती है।
मज़े की बात: हम कहते हैं “घड़ी चल रही है”, जबकि वह अपनी जगह से हिलती भी नहीं।
प्र3.
वह क्या है जहाँ नदी, नहर, समुद्र है पर गाड़ियाँ नहीं?
उत्तर

उत्तर — मानचित्र (नक़्शा)।

क्यों: मानचित्र पर नदी, नहर, समुद्र, पहाड़ और सड़कें — सब बनी होती हैं। पर वे सब केवल चित्र हैं। इसीलिए वहाँ कोई गाड़ी, नाव या आदमी नहीं दिखता।
करके देखिए: अपनी कक्षा में भारत का मानचित्र देखिए। उसमें गंगा नदी और हिंद महासागर ढूँढ़िए।
प्र4.
वह क्या है जिसे देखा जा सकता है पर छुआ नहीं जा सकता?
उत्तर

उत्तर — छाया (परछाईं)।

क्यों: धूप में खड़े होने पर हमारी छाया ज़मीन पर दिखती है। पर हाथ बढ़ाकर उसे पकड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि छाया कोई वस्तु नहीं है। वह तो केवल वह जगह है जहाँ प्रकाश नहीं पहुँच पाता।
जोड़ लीजिए: नीम की छाया भी ऐसी ही है — दिखती है, ठंडक देती है, पर छुई नहीं जाती।
क्या यह उपयोगी रहा?