कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 मेरा पौधा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
पुस्तक में दी गई विधि से गमले या बर्तन में अपना मनपसंद पौधा लगाइए। ‘प्रतिदिन अवलोकन कीजिए कि आपके द्वारा लगाया गया बीज कब अंकुरित होता है। अपने पौधे को बढ़ते हुए देखने का आनंद लीजिए।’ — यह काम किन-किन चरणों में पूरा होगा, क्रम से लिखिए।
उत्तर
यह करने वाला काम है। पुस्तक में दी गई विधि इन चरणों में पूरी होती है —
गमला तैयार करने से लेकर अंकुर निकलने तक के चार चरण।
मिट्टी या टिन का खुले मुँह वाला बर्तन लीजिए। छोटा या बड़ा गमला मिल जाए तो वही ले लीजिए।
बड़ों की सहायता से बर्तन की तली के बीच एक छेद कीजिए। यह छेद अतिरिक्त पानी के रिसाव के लिए है।
टूटे घड़े या सुराही के दो-तीन छोटे टुकड़े (या छोटे कंकड़-पत्थर) लेकर छेद पर टिका दीजिए।
गमले के आकार के अनुसार मिट्टी लीजिए। चाहें तो उसमें थोड़ी खाद मिला लीजिए।
मिट्टी को भुरभुरा करके गमले में डालिए और अपने मनपसंद पौधे का बीज बोइए।
ऊपर से थोड़ा-सा पानी छिड़किए। एक साथ बहुत पानी मत डालिए।
प्रतिदिन देखिए कि बीज कब अंकुरित होता है, और अपने पौधे को बढ़ते हुए देखने का आनंद लीजिए।
छेद क्यों ज़रूरी है: यदि पानी बाहर न निकले तो जड़ें पानी में डूबी रह जाती हैं और
पौधा गल जाता है। कंकड़ इसलिए रखे जाते हैं ताकि छेद से मिट्टी न बह जाए।
नमूना उत्तर (अवलोकन तालिका):
दिन
क्या दिखा
पहला दिन
बीज बोया, थोड़ा पानी डाला
चौथा दिन
मिट्टी से छोटा-सा सफ़ेद अंकुर निकला
छठा दिन
दो छोटी हरी पत्तियाँ खुल गईं
दसवाँ दिन
पौधा एक उँगली जितना ऊँचा हो गया
सूरज की धूप वाली जगह पर गमला रखिए और रोज़ थोड़ा पानी दीजिए।