पाठ की शुरुआत में लेखिकाएँ बताती हैं कि सब पत्तियाँ एक जैसी नहीं होतीं।
कुछ छोटी तो कुछ बड़ी।
कुछ गोल और कुछ पक्षी के पंख जैसी।”
इन तीन पंक्तियों से दो बातें पता चलती हैं —
- पत्तियाँ आकार में अलग होती हैं — कोई छोटी, कोई बड़ी;
- पत्तियाँ बनावट में अलग होती हैं — कोई गोल, तो कोई पक्षी के पंख जैसी।