कक्षा ४ हिंदी अध्याय 3 भाँति-भाँति की पत्तियाँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
‘भाँति-भाँति की पत्तियाँ’ पाठ की पहली तीन पंक्तियाँ पत्तियों के बारे में क्या बताती हैं?
उत्तर

पाठ की शुरुआत में लेखिकाएँ बताती हैं कि सब पत्तियाँ एक जैसी नहीं होतीं

“पत्तियाँ कई प्रकार की होती हैं।
कुछ छोटी तो कुछ बड़ी।
कुछ गोल और कुछ पक्षी के पंख जैसी।”

इन तीन पंक्तियों से दो बातें पता चलती हैं —

  • पत्तियाँ आकार में अलग होती हैं — कोई छोटी, कोई बड़ी;
  • पत्तियाँ बनावट में अलग होती हैं — कोई गोल, तो कोई पक्षी के पंख जैसी।
‘भाँति-भाँति’ का अर्थ: तरह-तरह की, कई प्रकार की। यही पाठ का नाम भी है और यही उसकी मुख्य बात भी।
प्र2.
नीचे एक पत्ते का चित्र है। पाठ के अनुसार बताइए कि यह किस पौधे का पत्ता है और इसके पत्ते कितने लंबे होते हैं?
एक बहुत बड़ा पत्ता, जिसके ऊपरी सिरे पर गहरा कटाव है।
उत्तर

यह हाथीकान पौधे का पत्ता है।

“हाथीकान पौधा (जायंट एलिफैंट-ईयर कोलोकेसिया)
अरवी का एक प्रकार है। इसके पत्ते छह फीट तक
लंबे होते हैं यानी अधिकतर मनुष्यों से लंबे।”
  • यह अरवी का एक प्रकार है।
  • इसके पत्ते छह फीट तक लंबे होते हैं।
  • यानी ये अधिकतर मनुष्यों से भी लंबे होते हैं।
नाम ऐसा क्यों: पत्ता इतना बड़ा और फैला हुआ होता है कि हाथी के कान जैसा दिखता है। इसीलिए इसे ‘हाथीकान’ कहते हैं।
पुस्तक की बात: पुस्तक में यह शब्द ‘अरवी’ छपा है। बहुत जगह इसे ‘अरबी’ भी लिखा जाता है। दोनों एक ही पौधे के नाम हैं।
प्र3.
नीचे दिए चित्र में पत्तियाँ बहुत छोटी-छोटी हैं। पाठ के अनुसार ये किस पेड़ की पत्तियाँ हैं? पाठ में इनके छोटे होने की तुलना किससे की गई है?
एक डंडी के दोनों ओर लगी बहुत-सी छोटी-छोटी पत्तियाँ।
उत्तर

ये इमली की पत्तियाँ हैं।

“इमली की पत्तियाँ इतनी छोटी होती हैं कि हमारी
छोटी उँगली के नाखून को भी नहीं ढँक सकतीं।”

पाठ में इनकी तुलना हमारी छोटी उँगली के नाखून से की गई है। ये पत्तियाँ उस नाखून से भी छोटी होती हैं।

ऐसी तुलना क्यों: ‘बहुत छोटी’ कहने से आकार समझ नहीं आता। पर नाखून तो हमारे पास ही है — उससे तुलना करते ही आकार आँखों के सामने आ जाता है।
करके देखिए: अपनी छोटी उँगली का नाखून देखिए। अब सोचिए कि इमली की पत्ती उससे भी छोटी होती है।
प्र4.
नीचे दी गई पत्ती को ध्यान से देखिए। पाठ के अनुसार यह किस पेड़ की पत्ती है और इसका आकार किस चीज़ जैसा बताया गया है?
एक पत्ती, जिसके कई नुकीले भाग एक ही बिंदु से चारों ओर फैले हुए हैं।
उत्तर

यह पपीते की पत्ती है। पाठ के अनुसार इसका आकार तारे जैसा होता है।

“पपीते की पत्तियाँ तारे के आकार की होती हैं।”
क्यों ऐसा लगता है: पत्ती के कई नुकीले भाग एक ही जगह से चारों ओर फैलते हैं। इसीलिए पूरी पत्ती आसमान के तारे जैसी दिखाई देती है।
प्र5.
नीचे दी गई पत्ती किस पेड़ की है? पाठ में इसके आकार की तुलना किससे की गई है?
एक पत्ती, जिसका सिरा लंबी नोक जैसा खिंचा हुआ है।
उत्तर

यह पीपल की पत्ती है।

“पीपल की पत्तियाँ मनुष्य के हृदय के आकार की
होती हैं।”

पाठ में इसकी तुलना मनुष्य के हृदय (दिल) के आकार से की गई है।

पहचान की निशानी: पीपल की पत्ती का सिरा लंबी नोक जैसा होता है। यह नोक किसी और पत्ती में ऐसी नहीं मिलती, इसलिए पीपल तुरंत पहचाना जाता है।
प्र6.
नीचे दिया गया चित्र किस पेड़ की पत्तियों का है? पाठ के अनुसार ये किस चीज़ जैसी दिखती हैं?
एक लंबी डंडी, जिसके दोनों ओर बहुत-सी पतली-पतली पत्तियाँ लगी हैं।
उत्तर

यह नारियल की पत्तियों का चित्र है।

“नारियल की पत्तियाँ कागजी पंखे जैसी दिखती हैं।”

पाठ के अनुसार ये कागज़ी पंखे जैसी दिखती हैं।

क्यों: एक लंबी डंडी के दोनों ओर बहुत-सी पतली पत्तियाँ पास-पास लगी होती हैं। हवा चलने पर वे कागज़ के पंखे की तरह हिलती हैं।
प्र7.
नीचे दी गई पत्ती किस पेड़ की है? पाठ में इसकी तुलना किससे की गई है?
एक ही डंठल से निकली पाँच लंबी पत्तियाँ।
उत्तर

यह सेमल की पत्ती है।

“सेमल की पत्तियाँ हाथ के पंजे की तरह होती हैं।”

पाठ में इसकी तुलना हाथ के पंजे से की गई है।

क्यों: एक ही जगह से पाँच पत्तियाँ निकलती हैं, ठीक जैसे हमारे पंजे से पाँच उँगलियाँ। अपनी हथेली खोलकर इस चित्र के पास रखिए — दोनों एक जैसे लगेंगे।
प्र8.
नीचे दी गई पत्ती किस पेड़ की है? पाठ के अनुसार यह किस चीज़ की तरह होती है?
एक पत्ती जिसके दो गोल भाग हैं और ऊपर बीच में गहरा कटाव है।
उत्तर

यह कचनार की पत्ती है।

“कचनार की पत्तियाँ ऊँट के पैरों की तरह होती हैं।”

पाठ के अनुसार यह ऊँट के पैरों की तरह होती है।

क्यों: पत्ती बीच से कटी होती है और उसके दो गोल भाग बन जाते हैं। ऊँट का पैर भी नीचे से इसी तरह दो भागों में बँटा दिखता है।
प्र9.
नीचे दिए गए पौधे की पत्तियाँ कैसी होती हैं? इन पौधों को कितने पानी की आवश्यकता होती है?
मोटे और चपटे हरे भाग, जिन पर चारों ओर नुकीली सूइयाँ हैं।
उत्तर

यह नागफनी है।

“नागफनी की पत्तियाँ नुकीली और काँटेदार होती हैं।
इन पौधों को कम पानी की आवश्यकता होती है।”
  • इसकी पत्तियाँ नुकीली और काँटेदार होती हैं।
  • इन पौधों को कम पानी की आवश्यकता होती है।
दोनों बातें जुड़ी हुई हैं: पत्ती चौड़ी हो तो उससे पानी जल्दी उड़ जाता है। नागफनी की पत्तियाँ काँटों जैसी पतली होती हैं, इसलिए उसका पानी नहीं उड़ता। यही कारण है कि वह रेगिस्तान जैसी सूखी जगह में भी हरी रहती है।
प्र10.
नीचे दिया गया पत्ता किस पेड़ का है? पाठ के अनुसार इसका उपयोग किस तरह किया जाता है?
एक बहुत बड़ा पत्ता, जिसमें एक-सी सीधी नसें दिखाई देती हैं।
उत्तर

यह केले का पत्ता है।

“केले के पत्ते इतने बड़े होते हैं कि इनका उपयोग
थाली की तरह किया जाता है।”

पाठ के अनुसार इसका उपयोग थाली की तरह किया जाता है, यानी इस पर खाना परोसा जाता है।

क्यों: पत्ता बड़ा, चौड़ा और मज़बूत होता है, इसलिए उस पर खाना रखा जा सकता है। यह अपने आप गल-मिल जाता है, इसलिए कूड़ा भी नहीं फैलता।
क्या आप जानते हैं: दक्षिण भारत में त्योहारों और विवाह में आज भी केले के पत्ते पर भोजन परोसा जाता है।
प्र11.
अब आप भी अपने आस-पास के पेड़-पौधों की पत्तियों को देखिए और उनके आकारों के बारे में जानिए।
उत्तर

यह आपको स्वयं करने वाला काम है। इसे इस तरह कीजिए —

  1. अपने घर, स्कूल या पार्क में पाँच अलग-अलग पत्तियाँ देखिए।
  2. हर पत्ती का आकार किसी जानी-पहचानी चीज़ से मिलाकर बताइए — जैसे दिल, तारा, पंखा, पंजा।
  3. उसका नाम बड़ों से पूछ लीजिए और अपनी कॉपी में लिख लीजिए।

नमूना उत्तर:

पत्तीकिस चीज़ जैसी लगी
पीपलदिल जैसी, ऊपर लंबी नोक
नीमलंबी-पतली, किनारे आरी जैसे दाँतेदार
केलाबहुत बड़ी, चटाई जैसी चौड़ी
तुलसीछोटी और महकदार
कमलगोल थाली जैसी
इससे क्या सीखेंगे: हर पेड़ की पत्ती अलग होती है। यही अंतर हमें पेड़ों को पहचानना सिखाता है — बिना नाम पूछे भी।
क्या यह उपयोगी रहा?