कक्षा ४ हिंदी अध्याय 4 हमारा आहार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

कविता कहती है कि चावल, दाल और सब्जी खाने से तन में चुस्ती-फुर्ती आती है। केवल एक ही चीज़ नहीं — भिंडी, परवल, नेनुआ, मूली, टमाटर, गाजर, पालक भी खाने चाहिए। गरमी में खरबूज, तरबूज, ककड़ी और खीरा गरमी की पीड़ा हर लेते हैं। पानी खूब पीना चाहिए और भोजन में सलाद रखना चाहिए। पेट से ज्यादा खाने पर बाद में पछताना पड़ता है; ताजा खाना हरदम खाना चाहिए। ढंग से खाया गया भोजन बीमारी को पास नहीं आने देता।

  1. बातचीत के लिए
  2. कविता के आधार पर
  3. अनुमान और कल्पना
  4. भाषा की बात
  5. पता लगाइए
  6. समझिए और लिखिए
  7. आनंदमयी गतिविधि
  8. बूझो तो जानें
क्या यह उपयोगी रहा?