कक्षा ४ हिंदी अध्याय 5 आसमान गिरा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
खरगोश पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक ‘धम्म’ की आवाज हुई। उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। खरगोश ने सोच लिया कि आसमान गिर रहा है। वह डरकर भागने लगा। उसकी बात सुनकर लोमड़ी, भालू और हाथी भी बिना देखे भागने लगे। शेर ने सबको रोका और पूछा — “कहाँ गिर रहा है आसमान?” फिर सब पेड़ के नीचे गए। वहाँ एक बड़ा-सा फल गिरा पड़ा था। तभी वैसा ही एक और फल गिरा — धम्म! सब हँसने लगे। सीख — सुनी-सुनाई बात पर तुरंत यकीन मत कीजिए। पहले खुद देखिए और पूछिए। इसी पाठ में ‘चेरापूँजी के मेहमान’ रचना है। वहाँ खुली खिड़की से बादल घर के अंदर आ जाते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपना नया वाक्य |
|---|---|---|---|
| धम्म | किसी भारी चीज के गिरने की आवाज | “अचानक जोर की आवाज हुई — धम्म!” | बोरी धम्म से जमीन पर गिरी। |
| चौंकना | अचानक डरकर जाग जाना या ठिठक जाना | “खरगोश चौंककर उठ गया।” | घंटी बजते ही मैं चौंक गया। |
| इधर-उधर | चारों ओर | “खरगोश ने इधर-उधर देखा।” | बंदर इधर-उधर कूद रहा था। |
| भागते-भागते | दौड़ते हुए | “भागते-भागते उसे एक लोमड़ी मिली।” | भागते-भागते वह गिर पड़ा। |
| ठहरो | रुको | “ठहरो, ठहरो! कहाँ भागे जा रहे हो?” | ठहरो, मैं भी साथ चलूँगा। |
| दहाड़ना | शेर का बहुत जोर से बोलना | “शेर ने दहाड़कर कहा” | शेर दहाड़ा तो सब डर गए। |
| पात्र | कहानी में आने वाले लोग या जानवर | “इस कहानी में किन-किन पात्रों का उल्लेख हुआ है?” | इस नाटक में पाँच पात्र हैं। |
| भगदड़ | डर के मारे सबका एक साथ भागना | “यदि शेर भी भगदड़ में शामिल हो जाता” | शोर सुनकर मेले में भगदड़ मच गई। |
| मेहमान | जो घर आए, अतिथि | “चेरापूँजी के मेहमान” | आज हमारे घर मेहमान आए हैं। |
अभ्यास
- बातचीत के लिए
- पाठ के भीतर
- सोचिए और लिखिए
- भाषा की बात
- अनुमान और कल्पना
- ढूँढ़िए और गिनिए
- कलाकारी
- चेरापूँजी के मेहमान