कक्षा ४ हिंदी अध्याय 5 अनुमान और कल्पना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कल्पना कीजिए कि यदि खरगोश के स्थान पर शेर और शेर के स्थान पर खरगोश होता तो क्या होता। अपनी कहानी बनाइए और कक्षा में सहपाठियों को सुनाइए।
उत्तर

यह कहानी आपको खुद बनानी है। बनाते समय यह क्रम रखिए — (1) कौन डरा, (2) उसने क्या कहा, (3) रास्ते में कौन-कौन मिला, (4) सच किसने दिखाया, (5) अंत में सब क्या करते हैं।

नमूना उत्तर: एक शेर पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक धम्म की आवाज हुई। शेर चौंककर उठा और बोला, “आसमान गिर रहा है! भागो!” शेर को भागता देखकर हाथी भी भागा। फिर भालू और लोमड़ी भी पीछे-पीछे भागे। रास्ते में उन्हें एक छोटा-सा खरगोश मिला। उसने पूछा, “ठहरिए! आसमान कहाँ गिर रहा है? क्या आपने देखा?” शेर चुप हो गया। खरगोश सबको उसी पेड़ के नीचे ले गया। वहाँ एक बड़ा कटहल गिरा पड़ा था। शेर बोला, “अरे! छोटे से खरगोश ने बड़ी बात सिखा दी।” और सब हँस पड़े।

कहानी की सीख वही रहती है: बुद्धि बड़े-छोटे से नहीं आती। जो पहले देखता और पूछता है, वही सही निकलता है।
प्र2.
कहानी में खरगोश कुछ गिरने की ध्वनि सुनकर घबरा गया। यदि ऐसी ही ध्वनि हाथी ने सुनी होती तो क्या वह भी इतना घबराता? सोचिए और अपनी बात सहपाठियों को सुनाइए।
उत्तर

नहीं, हाथी शायद इतना नहीं घबराता।

कारण —

  • हाथी बहुत बड़ा और ताकतवर होता है। उसे जंगल में कम डर लगता है।
  • फल गिरने की आवाज उसके लिए नई नहीं होती। वह रोज पेड़ों के पास रहता है।
  • खरगोश छोटा है और सोते समय अचानक आवाज से चौंक गया था।
क्यों: डर केवल आवाज से नहीं आता। डर इस बात से आता है कि हम उस आवाज को समझ पाते हैं या नहीं। खरगोश ने आवाज देखी-समझी नहीं, इसलिए डर गया।
दूसरी बात भी कही जा सकती है: कहानी में हाथी भी बिना देखे भागने लगा था। इससे पता चलता है कि बड़ा होने पर भी बिना सोचे डर लग सकता है।
प्र3.
यदि खरगोश के स्थान पर कौआ चौंक जाता और उड़ने लगता तो उसे रास्ते में कौन-कौन मिलता और उससे क्या-क्या पूछता? कल्पना कीजिए और एक कहानी सुनाइए।
उत्तर

कौआ उड़ता है, इसलिए उसे आसमान और पेड़ों पर रहने वाले साथी मिलेंगे — तोता, कबूतर, गिलहरी, मोर, चील।

नमूना उत्तर: एक कौआ पेड़ की डाल पर बैठा था। तभी धम्म की आवाज हुई। वह चौंककर उड़ने लगा। रास्ते में उसे तोता मिला। तोते ने पूछा, “कौआ भाई, इतनी तेज क्यों उड़ रहे हो?” कौआ बोला, “आसमान गिर रहा है, उड़ो!” तोता भी उड़ने लगा। आगे कबूतर मिला। उसने पूछा, “क्या हुआ? कहाँ जा रहे हो?” फिर गिलहरी मिली। उसने पूछा, “किसने देखा कि आसमान गिर रहा है?” अंत में चील मिली। चील ने ऊपर से देखा और बोली, “आसमान तो अपनी जगह है! नीचे चलो।” सब नीचे आए। पेड़ के नीचे एक बड़ा कटहल गिरा पड़ा था। सब हँसने लगे।

संकेत: ध्यान रखिए — पात्र वही चुनिए जो उड़ सकते हों या पेड़ पर रहते हों। तभी कहानी सच्ची लगेगी।
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