कक्षा ४ हिंदी अध्याय 5 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
निम्नलिखित पंक्तियों को नीचे दिए गए उचित विराम चिह्नों की सहायता से पूरा कीजिए —
, ? !
पुस्तक में दिए गए चार विराम चिह्न।

(क) अरे इतना बड़ा हाथी
(ख) मैंने खरगोश लोमड़ी भालू हाथी और शेर जंगल में देखे हैं
(ग) ये पुस्तकें किसकी हैं
(घ) वाह कितने सुंदर फूल हैं
उत्तर

चिह्न लगाने के बाद वाक्य ऐसे बनेंगे —

पूरा वाक्यकौन-सा चिह्न और क्यों
(क)अरे! इतना बड़ा हाथी!‘अरे’ में अचरज है, इसलिए !
(ख)मैंने खरगोश, लोमड़ी, भालू, हाथी और शेर जंगल में देखे हैं।नामों की सूची है, इसलिए बीच में , और अंत में
(ग)ये पुस्तकें किसकी हैं?कुछ पूछा जा रहा है, इसलिए ?
(घ)वाह! कितने सुंदर फूल हैं!‘वाह’ में खुशी है, इसलिए !
नियम एक पंक्ति में: पूर्ण विराम (।) बात खत्म करता है, प्रश्नवाचक चिह्न (?) कुछ पूछता है, विस्मयादिबोधक चिह्न (!) अचरज या खुशी दिखाता है और अल्प विराम (,) सूची में थोड़ा रुकाता है।
संकेत: (क) और (घ) में अंत में पूर्ण विराम भी लगाया जा सकता है — “अरे! इतना बड़ा हाथी।” दोनों रूप ठीक हैं।
प्र2.
कहानी में एक कथन आया है — “भागते-भागते उसे एक लोमड़ी मिली।” इस वाक्य में ‘भागते-भागते’ शब्द-युग्म का प्रयोग हुआ है। अब निम्नलिखित शब्द-युग्मों की सहायता से एक-एक वाक्य लिखिए — (क) इधर-उधर (ख) कभी-कभी (ग) टेढ़ी-मेढ़ी (घ) लंबे-चौड़े
उत्तर
शब्द-युग्मअर्थवाक्य
(क) इधर-उधरचारों ओरखरगोश ने इधर-उधर देखा, पर उसे कुछ नहीं दिखा।
(ख) कभी-कभीबीच-बीच में, रोज नहींदादी कभी-कभी हमें कहानी सुनाती हैं।
(ग) टेढ़ी-मेढ़ीजो सीधी न होखेत की टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडी गाँव तक जाती है।
(घ) लंबे-चौड़ेबहुत बड़ेइस घर के कमरे लंबे-चौड़े हैं।
नियम: जब एक ही तरह के दो शब्द जोड़कर लिखे जाते हैं, तो उसे शब्द-युग्म कहते हैं। इससे बात में जोर आ जाता है — ‘भागते-भागते’ का मतलब है लगातार भागते हुए।
अपना उदाहरण: धीरे-धीरे, जल्दी-जल्दी, आस-पास — इन शब्द-युग्मों से भी वाक्य बनाकर देखिए।
प्र3.
निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और दिए गए उदाहरण के अनुसार प्रश्न बनाइए —
उदाहरण – भागते-भागते उन्हें शेर मिला। यहाँ ‘कौन’ का प्रयोग करते हुए प्रश्न बनेगा — भागते-भागते उन्हें कौन मिला?
वाक्यप्रश्नवाचक शब्दप्रश्न
(क) खरगोश पेड़ के नीचे सो रहा था।कहाँ 
(ख) खरगोश भागते-भागते बोला।कब 
(ग) वहीं धम्म से आसमान गिरा।कैसे 
(घ) खरगोश ने लोमड़ी से कहा, “मैं पेड़ के नीचे सो रहा था। वहीं धम्म से आसमान गिरा।”क्या 
उत्तर
वाक्यप्रश्नवाचक शब्दबना हुआ प्रश्न
(क) खरगोश पेड़ के नीचे सो रहा था।कहाँखरगोश कहाँ सो रहा था?
(ख) खरगोश भागते-भागते बोला।कबखरगोश कब बोला?
(ग) वहीं धम्म से आसमान गिरा।कैसेवहीं आसमान कैसे गिरा?
(घ) खरगोश ने लोमड़ी से कहा, “मैं पेड़ के नीचे सो रहा था। वहीं धम्म से आसमान गिरा।”क्याखरगोश ने लोमड़ी से क्या कहा?
तरीका: वाक्य में से उस भाग को हटाइए जिसके बारे में पूछना है। उसकी जगह प्रश्नवाचक शब्द रख दीजिए और अंत में ? लगा दीजिए। जैसे — “पेड़ के नीचे” हटाकर “कहाँ” रखा।
याद रखिए: कहाँ = जगह पूछता है, कब = समय, कैसे = तरीका, क्या = बात या चीज।
प्र4.
नीचे दिए गए शब्दों में मात्रा लगाकर और हटाकर नए-नए शब्द बनाइए। उदाहरण के अनुसार इन शब्दों से वाक्य बनाकर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उदाहरण – बस ⟶ बीस तथा चला ⟶ चल
मात्रा लगाकरनया शब्दमात्रा हटाकरनया शब्द
(क)यह कही 
(ख)भर पढ़ी 
(ग)रह केला 
(घ)फल सेब 
उत्तर
शब्दमात्रा लगाकरवाक्य
(क)यहयहीयही मेरी पुस्तक है।
(ख)भरभारइस बोरी का भार बहुत है।
(ग)रहराहयह राह बाजार तक जाती है।
(घ)फलफूलबगीचे में लाल फूल खिला है।
शब्दमात्रा हटाकरवाक्य
(क)कहीकहसच-सच कह दो।
(ख)पढ़ीपढ़रोज एक पन्ना पढ़ लिया करो।
(ग)केलाकलाचित्र बनाना एक सुंदर कला है।
(घ)सेबसबसब बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
क्यों बदल जाता है: मात्रा शब्द की आवाज बदल देती है। ‘बस’ में ‘ब’ के साथ ी लगाते ही ‘बीस’ बन गया। इसी तरह ‘चला’ से ा हटाते ही ‘चल’ बन गया।
खुद कीजिए: कम ⟶ काम, दल ⟶ दाल, नाक ⟶ नक — ऐसे और जोड़े बनाइए।
प्र5.
आसमान पर आधारित कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इन मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए। (क) आसमान छूना (ख) आसमान गिरना (ग) आसमान सिर पर उठाना (घ) जमीन-आसमान एक करना
उत्तर
मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
(क) आसमान छूनाबहुत आगे बढ़ जाना, बहुत नाम कमानामेहनत करके सुमन ने खेल में आसमान छू लिया।
(ख) आसमान गिरनाअचानक बहुत बड़ी मुसीबत आ जानाखबर सुनते ही मोहन पर तो आसमान ही गिर पड़ा।
(ग) आसमान सिर पर उठानाबहुत शोर मचानाखेलते-खेलते बच्चों ने आसमान सिर पर उठा लिया।
(घ) जमीन-आसमान एक करनाबहुत ज्यादा मेहनत करना, हर तरह की कोशिश करनापिताजी ने मुझे पढ़ाने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया।
मुहावरा क्या है: वह छोटा वाक्यांश जिसका अर्थ शब्दों के सीधे अर्थ से अलग होता है। ‘आसमान गिरना’ में सचमुच आसमान नहीं गिरता — बस बड़ी मुसीबत आती है। हमारी कहानी में खरगोश ने इसी बात को सचमुच का मान लिया था!
प्र6.
चित्र देखकर वाक्य लिखिए —
1 खरगोश डर गया और भागने लगा।2 3 4
पृष्ठ 57 के चार चित्र — पहला वाक्य पुस्तक में दिया गया है।
उत्तर

हर चित्र में देखिए कि खरगोश का भाव क्या है — डर, खुशी, उदासी या चौंकना। फिर उसी भाव का एक छोटा वाक्य लिखिए।

1 खरगोश डर गया और भागने लगा।2 खरगोश गाजर पाकर बहुत खुश हुआ।3 खरगोश उदास होकर चुपचाप बैठ गया।4 खरगोश आवाज सुनकर चौंक गया।
लिखे हुए वाक्य (हरे रंग में) सहित चारों चित्र।

वाक्य इस प्रकार बनेंगे —

  1. खरगोश डर गया और भागने लगा। (यह पुस्तक ने पहले ही दे दिया है)
  2. खरगोश गाजर पाकर बहुत खुश हुआ।
  3. खरगोश उदास होकर चुपचाप बैठ गया।
  4. खरगोश आवाज सुनकर चौंक गया।
संकेत: आपके वाक्य इनसे थोड़े अलग हो सकते हैं। बस भाव वही रहना चाहिए। जैसे तीसरे चित्र के लिए “खरगोश का मन उदास था।” भी ठीक है।
क्या यह उपयोगी रहा?