कक्षा ४ हिंदी अध्याय 5 कलाकारी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
दिए गए चित्र में रंग भरिए —
पृष्ठ 58 का रेखाचित्र — पेड़, सूरज, बादल और पाँच जानवर।
उत्तर

यह काम आपको स्वयं करना है। रंग भरते समय यह ध्यान रखिए कि रंग जानवर के असली रंग जैसा हो और वह लकीर से बाहर न जाए।

नमूना उत्तर — कौन-सा रंग कहाँ:

चित्र का भागरंग
शेरपीला–नारंगी, अयाल गहरा भूरा
हाथीस्लेटी (ग्रे), दाँत सफेद
भालूगहरा भूरा या काला
खरगोशसफेद, कान अंदर से गुलाबी
लोमड़ीनारंगी, पूँछ का सिरा सफेद
पेड़ और घासहरा, तना भूरा
आसमान और बादलहल्का नीला, बादल सफेद
सूरज और फूलपीला, फूल लाल-पीले
संकेत: पहले हल्के रंग भरिए, फिर गहरे। किनारे पर हल्के हाथ से रंग भरने पर चित्र साफ दिखता है।
प्र2.
नीचे दिए गए चित्रों के अनुसार शिक्षक की सहायता से कागज की पुतलियाँ बनाकर इस कहानी का अभिनय कक्षा में कीजिए।
भालूशेरहाथीलोमड़ीखरगोश
पृष्ठ 59 पर दिखाई गईं पाँच उँगली-पुतलियाँ।
उत्तर

यह करके सीखने वाला काम है। शिक्षक की मदद लीजिए।

पुतली बनाने का तरीका —

  1. रंगीन कागज पर जानवर का सिर और गोल-सा शरीर बनाइए।
  2. उसे काट लीजिए। आँख, नाक और मूँछ चिपकाइए या बनाइए।
  3. शरीर को मोड़कर एक नली (ट्यूब) बनाइए, जिसमें उँगली आ जाए। किनारे पर गोंद लगाइए।
  4. पाँच पुतलियाँ बनाइए — भालू, शेर, हाथी, लोमड़ी और खरगोश।

अभिनय कैसे कीजिए —

  • पाँच बच्चे एक-एक पुतली उँगली पर पहनें।
  • मेज के पीछे बैठकर केवल हाथ ऊपर रखें।
  • कहानी के क्रम से पुतलियाँ आगे आएँ — पहले खरगोश, फिर लोमड़ी, भालू, हाथी और अंत में शेर।
  • हर पुतली अपनी पंक्ति बोले, जैसे शेर — “कहाँ गिर रहा है आसमान? रुको।”
संकेत: एक बच्चा कहानी सुनाने वाला (सूत्रधार) बन सकता है। वह बीच की बातें बोलेगा और बाकी बच्चे संवाद बोलेंगे।
प्र3.
नीचे दिए गए चित्रों के अनुसार शिक्षक/अभिभावक की सहायता से कागज की छतरी बनाइए।
1कागज पर गोला बनाइए2गोला काट लीजिए3आधा मोड़िए4फिर मोड़िए5एक बार और मोड़िए6किनारा काटिए7खोलिए और मोड़ बनाइए8डंठी लगाइए — छतरी तैयार
पृष्ठ 59 पर दिए गए चित्रों के क्रम से कागज की छतरी।
उत्तर

यह भी करके सीखने वाला काम है। कैंची चलाते समय बड़ों की मदद जरूर लीजिए।

बनाने के चरण —

  1. रंगीन कागज पर कटोरी या ढक्कन रखकर एक गोला बनाइए।
  2. गोले को काट लीजिए।
  3. गोले को आधा मोड़िए।
  4. फिर आधा मोड़िए। अब चौथाई बन गया।
  5. एक बार और मोड़िए। अब एक पतला तिकोना टुकड़ा बना।
  6. उसका बाहरी किनारा हल्का-सा काटकर लहरदार बनाइए।
  7. कागज खोलिए। मोड़ की लकीरों पर दबाकर पंखे जैसे मोड़ बनाइए — छतरी का ऊपरी भाग तैयार।
  8. बीच में एक तिनका या तार लगाइए और उसका सिरा मोड़कर मूठ (हैंडल) बनाइए। गोंद से चिपकाइए।
यह काम क्यों: कहानी में खरगोश को लगा कि ऊपर से कुछ गिर रहा है। छतरी वही चीज है जो ऊपर से गिरने वाली बारिश से हमें बचाती है। इसी से पाठ का यह मजेदार जोड़ बनता है।
संकेत: मोड़ बराबर रखने के लिए हर बार मोड़ को नाखून से दबा दीजिए। तभी छतरी अच्छी खुलेगी।
क्या यह उपयोगी रहा?