कक्षा ४ हिंदी अध्याय 6 जयपुर से पत्र के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

अमर अपने पिताजी को जयपुर से पत्र लिखता है। वह बताता है कि वे सकुशल जयपुर पहुँच गए और यात्रा बहुत अच्छी रही। जयपुर में उसने सबसे पहले हवामहल देखा। हवामहल के पास ही जंतर-मंतर है, जो एक वेधशाला है। इसका निर्माण राजा सवाई जयसिंह ने किया था। फिर वह रामनिवास बाग गया। वहाँ के कला-संग्रहालय में राजा-महाराजाओं के कपड़े, अस्त्र-शस्त्र और उनके चित्र रखे हुए हैं। जयपुर से लगभग चौदह किलोमीटर दूर आमेर का दुर्ग है। वहाँ शीशमहल देखने योग्य है और उसके पास ही शिला देवी का मंदिर है। रात को अमर ने राजस्थान के लोकनृत्य देखे और दाल-बाटी चूरमा खाया। आगे वह झीलों के नगर उदयपुर जाएगा। पाठ के साथ पत्र लिखने का तरीका, डाक पेटी, पिनकोड और पुराने समय में पत्र भेजने के तरीके भी बताए गए हैं। अंत में ‘गोलगप्पा’ कविता है।

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दअर्थपाठ की पंक्तिआपका अपना वाक्य
सकुशलअच्छी तरह, बिना किसी कष्ट केपरसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए।हम सब सकुशल घर लौट आए।
जलपानहल्का नाश्ताकल सुबह जलपान करके हम सब लोग जयपुर की सैर के लिए निकले।माँ ने हमें जलपान कराया।
सैरघूमना, भ्रमण…जयपुर की सैर के लिए निकले।रविवार को हम बाग की सैर करते हैं।
वेधशालावह स्थान जहाँ ग्रहों, तारों और नक्षत्रों को देखने के लिए यंत्र रखे जाते हैंइस वेधशाला का निर्माण राजा सवाई जयसिंह ने किया था।जंतर-मंतर एक पुरानी वेधशाला है।
संग्रहालयसार्वजनिक भवन जहाँ महत्व की वस्तुएँ प्रदर्शित की जाती हैंयहाँ एक अच्छा कला-संग्रहालय है।हम कल संग्रहालय देखने जाएँगे।
दर्शनीयदेखने योग्ययह दर्शनीय है।हमारे नगर का बाग बहुत दर्शनीय है।
दुर्गकिला…आमेर का दुर्ग है। यह बहुत पुराना और बड़ा है।दुर्ग की दीवारें बहुत ऊँची हैं।
लोकनृत्यकिसी प्रदेश का अपना पारंपरिक नृत्यरात को हमने राजस्थान के लोकनृत्य देखे।मेले में हमने लोकनृत्य देखा।
व्यंजनपकाया हुआ स्वादिष्ट भोजनफिर राजस्थान का विशेष व्यंजन दाल-बाटी चूरमा खाया।त्योहार पर घर में कई व्यंजन बनते हैं।
उपलागाय या भैंस के गोबर से बना पारंपरिक ईंधन…जिन्हें उपले और लकड़ियों की आग में सेंका जाता है।गाँव में उपले से चूल्हा जलाया जाता है।
पिनकोडछह अंकों की संख्या जो किसी विशेष क्षेत्र की पहचान बताती हैपिनकोड (PIN Code) छह अंकों की संख्या होती है।लिफ़ाफ़े पर पिनकोड अवश्य लिखिए।
दूतसंदेश या पत्र ले जाने वाला व्यक्ति…व्यक्ति-विशेष होते थे जिन्हें दूत कहा जाता था।राजा ने दूत के हाथ संदेश भेजा।
  1. बातचीत के लिए
  2. समझ की बात
  3. अपनी बात
  4. सोचिए और लिखिए
  5. अनुमान और कल्पना
  6. खान-पान
  7. आपकी रुचि का व्यंजन
  8. इन्हें भी जानिए
  9. चिट्ठी आई है
  10. अभिवादन
  11. भाषा की बात
  12. पता लगाइए
  13. कुछ कीजिए
  14. पत्र की यात्रा
  15. शब्दों का फुहारा
  16. गोलगप्पा
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