हाँ, आप भी अमर की तरह पत्र लिख सकते हैं। पुस्तक ने पत्र लिखने का पूरा तरीका बताया है। नीचे वही ढाँचा चित्र में दिखाया गया है।
पत्र लिखने के चरण—
- प्रारंभ — सबसे पहले ऊपर दाईं ओर दिनांक लिखिए, ताकि पत्र पाने वाले को पता चले कि यह कब लिखा गया था।
- संबोधन — जिसे पत्र लिख रहे हैं, उसका नाम आदर के साथ लिखिए, जैसे — पूज्य पिताजी, आदरणीय माँ, मेरे प्रिय मित्र।
- अभिवादन — संबोधन के बाद अभिवादन अवश्य लिखिए, जैसे — नमस्ते, प्रणाम, आशीर्वाद।
- आपकी बात — अब जो कहना चाहते हैं, वह लिखिए। यही पत्र का असली भाग है।
- अंतिम पंक्ति — घर के अन्य लोगों का अभिवादन कीजिए, जैसे — बड़ों को प्रणाम और छोटों को प्यार।
- समापन — अंत में ‘आपका/आपकी प्यारा बेटा/प्यारी बेटी’ या ‘आपका प्रिय मित्र’ लिखकर अपना नाम लिखिए।
फिर पत्र भेजिए — पत्र को लिफ़ाफ़े में डालिए। लिफ़ाफ़े पर एक डाक टिकट चिपकाइए। साफ अक्षरों में पूरा पता पिनकोड सहित लिखिए। अब लिफ़ाफ़ा डाक पेटी में डाल दीजिए और देखिए कि वह पहुँचता है या नहीं।