कक्षा ४ हिंदी अध्याय 6 चिट्ठी आई है के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
तो क्या आप किसी को पत्र लिखने का सोच रहे हैं? इसे लिखें और देखें कि यह प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है या नहीं।
उत्तर

हाँ, आप भी अमर की तरह पत्र लिख सकते हैं। पुस्तक ने पत्र लिखने का पूरा तरीका बताया है। नीचे वही ढाँचा चित्र में दिखाया गया है।

12 जुलाई 2025 पूज्य पिताजी, सादर प्रणाम! मैं यहाँ ठीक हूँ। कल हम सब बाग की सैर के लिए गए थे। बहुत आनंद आया। मेरी पढ़ाई भी अच्छी चल रही है। माताजी को मेरा प्रणाम और छोटी बहन को बहुत प्यार। आपका पुत्र अमर प्रारंभ — दिनांक संबोधन अभिवादन आपकी बात अंतिम पंक्ति समापन
पत्र के छह भाग — जैसे पुस्तक के पृष्ठ 69 पर ‘पत्र कैसे लिखें?’ में बताए गए हैं।

पत्र लिखने के चरण—

  1. प्रारंभ — सबसे पहले ऊपर दाईं ओर दिनांक लिखिए, ताकि पत्र पाने वाले को पता चले कि यह कब लिखा गया था।
  2. संबोधन — जिसे पत्र लिख रहे हैं, उसका नाम आदर के साथ लिखिए, जैसे — पूज्य पिताजी, आदरणीय माँ, मेरे प्रिय मित्र।
  3. अभिवादन — संबोधन के बाद अभिवादन अवश्य लिखिए, जैसे — नमस्ते, प्रणाम, आशीर्वाद।
  4. आपकी बात — अब जो कहना चाहते हैं, वह लिखिए। यही पत्र का असली भाग है।
  5. अंतिम पंक्ति — घर के अन्य लोगों का अभिवादन कीजिए, जैसे — बड़ों को प्रणाम और छोटों को प्यार।
  6. समापन — अंत में ‘आपका/आपकी प्यारा बेटा/प्यारी बेटी’ या ‘आपका प्रिय मित्र’ लिखकर अपना नाम लिखिए।

फिर पत्र भेजिए — पत्र को लिफ़ाफ़े में डालिए। लिफ़ाफ़े पर एक डाक टिकट चिपकाइए। साफ अक्षरों में पूरा पता पिनकोड सहित लिखिए। अब लिफ़ाफ़ा डाक पेटी में डाल दीजिए और देखिए कि वह पहुँचता है या नहीं।

क्यों पत्र लिखना अच्छा लगता है: पुस्तक कहती है — पत्र लिखते समय आपको अपनी भावनाओं को कागज पर उतारने का अवसर मिलता है। जब दूसरा व्यक्ति इसे पढ़ता है, तो उसे ऐसा लगता है कि आप उसके पास ही बैठे हैं और उससे बातें कर रहे हैं।
प्र2.
पत्र के छह भागों के नाम लिखिए और बताइए कि हर भाग में क्या लिखा जाता है।
उत्तर

पुस्तक के ‘पत्र कैसे लिखें?’ भाग के अनुसार पत्र के छह भाग ये हैं—

भागउसमें क्या लिखते हैंउदाहरण
प्रारंभऊपर दाईं ओर दिनांक12 जुलाई 2025
संबोधनजिसे पत्र लिख रहे हैं, उसका आदर के साथ नामपूज्य पिताजी,
अभिवादनसंबोधन के बाद का अभिवादनसादर प्रणाम!
आपकी बातजो कहना चाहते हैं, वह पूरी बातहम सकुशल जयपुर पहुँच गए…
अंतिम पंक्तिघर के अन्य लोगों का अभिवादनमाताजी को मेरा प्रणाम…
समापनअपना संबंध और अपना नामआपका पुत्र — अमर
मिलाकर देखिए: उदाहरण के सारे वाक्य अमर के अपने पत्र से लिए गए हैं। यानी अमर ने ठीक इसी ढाँचे में पत्र लिखा है।
प्र3.
पत्र लिखने के बाद उसे भेजने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है?
उत्तर

पत्र भेजने के लिए चार काम करने पड़ते हैं—

  1. पत्र को लिफ़ाफ़े में डालिए। पुस्तक कहती है — पत्र को लिफ़ाफ़े में डालना न भूलें।
  2. लिफ़ाफ़े पर एक डाक टिकट चिपकाइए।
  3. साफ अक्षरों में, जिसे पत्र भेज रहे हों, उसका पूरा पता पिनकोड सहित लिखिए।
  4. अब लिफ़ाफ़ा डाक पेटी में डाल दीजिए।
क्यों साफ अक्षरों में लिखना ज़रूरी है: पता डाकिया भैया/बहना पढ़ते हैं। यदि अक्षर साफ न हों, तो चिट्ठी गलत घर पहुँच सकती है या लौट आ सकती है।
प्र4.
पाठ के अनुसार पत्र लिखने से क्या लाभ है? आजकल पत्र कम क्यों लिखे जाते हैं?
उत्तर

लाभ — पत्र लिखते समय आपको अपनी भावनाओं को कागज पर उतारने का अवसर मिलता है। जब दूसरा व्यक्ति इसे पढ़ता है, तो उसे ऐसा लगता है कि आप उसके पास ही बैठे हैं और उससे बातें कर रहे हैं।

आजकल कम क्यों लिखे जाते हैं — क्योंकि अब मोबाइल फोन, ईमेल और व्हाट्सएप आ गए हैं। इनसे संदेश तुरंत पहुँच जाता है। इनके आने से पहले लोग पत्र लिखकर ही एक-दूसरे से संवाद करते थे।

पुस्तक की बात: “आजकल ऐसे पत्र कम लिखे जाते हैं, फिर भी वे बहुत विशेष होते हैं।” पत्र विशेष इसलिए होता है, क्योंकि उसे सँभालकर रखा जा सकता है और बरसों बाद भी पढ़ा जा सकता है।
क्या यह उपयोगी रहा?