कक्षा ४ हिंदी अध्याय 6 अभिवादन के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह— (क) अपने मित्र को पत्र लिखता
उत्तर
मित्र को वह लिखता — नमस्ते (या ‘सप्रेम नमस्ते’)।
संबोधन भी बदल जाता — ‘मेरे प्रिय मित्र,’
क्यों: मित्र हमारी ही उम्र का होता है। उसके लिए ‘प्रणाम’ नहीं लिखते, क्योंकि प्रणाम अपने से बड़ों के लिए होता है। मित्र के लिए नमस्ते ठीक रहता है।
पुस्तक की बात: पृष्ठ 69 पर लिखा है — संबोधन के बाद अभिवादन अवश्य लिखें, जैसे — नमस्ते, प्रणाम, आशीर्वाद आदि।
प्र2.
अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह— (ख) अपनी बहन को पत्र लिखता
उत्तर
यह इस पर निर्भर है कि बहन बड़ी है या छोटी।
छोटी बहन को — ‘बहुत प्यार’ या ‘खूब सारा प्यार’। संबोधन होता — ‘प्रिय लता,’
बड़ी बहन को — ‘सादर नमस्ते’ या ‘प्रणाम’। संबोधन होता — ‘आदरणीय दीदी,’
क्यों: अपने से छोटों को प्यार दिया जाता है और अपने से बड़ों को प्रणाम किया जाता है। अमर ने अपने पत्र में भी लिखा — “लता बहन को बहुत प्यार।”
प्र3.
अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह— (ग) अपनी माँ को पत्र लिखता
उत्तर
माँ को वह लिखता — सादर प्रणाम।
संबोधन होता — ‘पूज्य माँ,’ अथवा ‘आदरणीय माँ,’
क्यों: माँ हमसे बड़ी हैं और आदर के योग्य हैं। पिताजी की तरह ही माँ के लिए भी प्रणाम ही लिखा जाता है। पुस्तक भी कहती है — संबोधन में पूज्य या आदरणीय माँ अथवा पिताजी लिख सकते हैं।
ध्यान दीजिए: अमर ने अपने पत्र के अंत में लिखा — “माताजी को मेरा प्रणाम”। यानी माँ के लिए वह प्रणाम ही भेजता है।
प्र4.
अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह— (घ) अपने अध्यापक को पत्र लिखता
उत्तर
अध्यापक को वह लिखता — सादर प्रणाम (या ‘सादर नमस्कार’)।
संबोधन होता — ‘आदरणीय अध्यापक जी,’
क्यों: अध्यापक हमें पढ़ाते हैं और वे हमारे गुरु हैं। उनके लिए भी वही आदर वाला अभिवादन लिखा जाता है जो माता-पिता के लिए लिखते हैं।
याद रखिए: अभिवादन उम्र और संबंध से बदलता है — बड़ों को प्रणाम, बराबर वालों को नमस्ते, छोटों को प्यार या आशीर्वाद।
प्र5.
आप अपने मित्र को पत्र लिखिए। पत्र में आस-पास के भ्रमण-स्थलों और प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में बताइए।
उत्तर
यह पत्र आपको स्वयं लिखना है। पहले सोच लीजिए कि आपके आस-पास कौन-से घूमने के स्थान हैं और कौन-सा व्यंजन प्रसिद्ध है। फिर छह भागों के क्रम से लिखिए।
पत्र के छह भाग — जैसे पुस्तक के पृष्ठ 69 पर ‘पत्र कैसे लिखें?’ में बताए गए हैं।
नमूना उत्तर:
15 जुलाई 2025
प्रिय मित्र रोहन,
नमस्ते!
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा है तुम भी अच्छे होगे। पिछले रविवार को मैं अपने परिवार के साथ हमारे नगर के पुराने किले को देखने गया था। किला बहुत बड़ा और पुराना है। उसकी दीवारें ऊँची हैं। किले के पास ही एक बड़ा बाग है। वहाँ बहुत-से पेड़ और फूल हैं। शाम को लोग वहाँ घूमने आते हैं।
हमारे यहाँ का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन खीर है। वह दूध, चावल और चीनी से बनती है। त्योहार के दिन हर घर में खीर बनती है। तुम जब आओगे, तब हम दोनों किला देखने चलेंगे और खीर भी खाएँगे।
अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना और छोटी बहन को प्यार।
तुम्हारा प्रिय मित्र
अमन
संकेत: ऊपर के नमूने में जगह और व्यंजन के नाम बदलकर अपने गाँव या नगर के नाम लिखिए। दिनांक भी आज का लिखिए और अंत में अपना नाम लिखिए।
क्यों यह पत्र ठीक है: इसमें पत्र के छहों भाग क्रम से हैं — दिनांक, संबोधन, अभिवादन, अपनी बात, अंतिम पंक्ति और समापन। साथ ही प्रश्न की दोनों बातें भी इसमें आ गई हैं — भ्रमण-स्थल और प्रसिद्ध व्यंजन।