कक्षा ४ हिंदी अध्याय 6 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए उदाहरण को ध्यान से पढ़िए। अब आप भी उसी प्रकार नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए— (उपसर्ग / मूल शब्द / नया शब्द / वाक्य प्रयोग)
उत्तर

पुस्तक की तालिका इस तरह दी गई है—

उपसर्गमूल शब्दनया शब्दवाक्य प्रयोग
विशेषविशेषआज का दिन मेरे लिए विशेष है।
भरपेट....................
..........योगउपयोग..........
प्र..............................
अनुशासन....................

अब इसे भरकर देखिए—

उपसर्गमूल शब्दनया शब्दवाक्य प्रयोग
विशेषविशेषआज का दिन मेरे लिए विशेष है।
भरपेटभरपेटमैंने भरपेट खाना खाया।
उपयोगउपयोगहमें पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।
प्रकाशप्रकाशसूरज से हमें प्रकाश मिलता है।
अनुशासनअनुशासनहमारे विद्यालय में अच्छा अनुशासन है।
नियम: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में लगकर उसका अर्थ बदल देता है, उसे उपसर्ग कहते हैं। जैसे ‘शेष’ के आगे ‘वि’ लगाने से ‘विशेष’ बन गया।
आपका अपना उदाहरण: ‘हार’ के आगे ‘आ’ लगाइए — आहार। वाक्य: हमें समय पर आहार लेना चाहिए।
प्र2.
नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए— ‘हमने घूम-घूमकर जंतर-मंतर देखा।’ अब इन्हें आगे बढ़ाइए— हमने झूम-झूमकर …, हमने कूद-कूदकर …, हमने उछल-उछलकर …, हमने …
उत्तर

पुस्तक में ये पंक्तियाँ अधूरी छपी हैं—

पुस्तक का वाक्यआगे बढ़ाइए
हमने झूम-झूमकर..........
हमने कूद-कूदकर..........
हमने उछल-उछलकर..........
हमने ....................

इन्हें इस तरह पूरा कर सकते हैं—

पुस्तक का वाक्यपूरा वाक्य
हमने झूम-झूमकरहमने झूम-झूमकर गीत गाया।
हमने कूद-कूदकरहमने कूद-कूदकर खेल खेला।
हमने उछल-उछलकरहमने उछल-उछलकर तालियाँ बजाईं।
हमने हँस-हँसकरहमने हँस-हँसकर बातें कीं।
नियम: ‘घूम-घूमकर’, ‘झूम-झूमकर’, ‘कूद-कूदकर’ — इन सबमें एक ही शब्द दो बार आता है। दो बार आने से पता चलता है कि काम बार-बार हुआ या देर तक हुआ। अमर ने एक बार घूमकर नहीं, बहुत देर तक घूम-घूमकर जंतर-मंतर देखा।
आप भी बनाइए: हँस-हँसकर, दौड़-दौड़कर, गा-गाकर, खा-खाकर, रो-रोकर। जैसे — बच्चे दौड़-दौड़कर गेंद पकड़ते हैं।
प्र3.
तालिका को ध्यान से पढ़कर उपयुक्त वाक्य लिखिए— (समय / वाक्य)
उत्तर

पुस्तक की तालिका ऐसी दी गई है — हर खाने में एक वाक्य छपा है और आगे की पंक्तियाँ खाली हैं।

समयवाक्य
जो कार्य बीते समय में पूरे हो गए हों।हमारी यात्रा बहुत अच्छी थी।
..........
..........
जो कार्य अभी हो रहे हैं।मैं गीत गा रही/रहा हूँ।
..........
..........
जो कार्य आगे आने वाले समय में होंगे।हम सपरिवार कल घूमने जाएँगे।
..........
..........

खाली पंक्तियाँ इस तरह भरी जा सकती हैं—

समयवाक्य
जो कार्य बीते समय में पूरे हो गए हों।हमारी यात्रा बहुत अच्छी थी।
हमने घूम-घूमकर जंतर-मंतर देखा।
रात को हमने राजस्थान के लोकनृत्य देखे।
जो कार्य अभी हो रहे हैं।मैं गीत गा रही/रहा हूँ।
अमर अपने पिताजी को पत्र लिख रहा है।
बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
जो कार्य आगे आने वाले समय में होंगे।हम सपरिवार कल घूमने जाएँगे।
अगला पत्र मैं उदयपुर से लिखूँगा।
रविवार को हम संग्रहालय देखेंगे।
पहचानने का तरीका: वाक्य के अंत का शब्द बता देता है कि काम कब हुआ।
• ‘था/थी/थे’ और ‘देखा/लिखा’ — काम बीत चुका है।
• ‘रहा हूँ / रही है / रहे हैं’ — काम अभी हो रहा है।
• ‘जाएँगे / लिखूँगा / देखेंगे’ — काम आगे होगा
पाठ से मिलाइए: तीनों तरह के वाक्य अमर के पत्र में ही मिल जाते हैं — “हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही।” (बीता समय), “यहाँ मौसम अच्छा है।” (अभी), “अगला पत्र उदयपुर से लिखूँगा।” (आगे)।
प्र4.
पत्र में आए शब्दों को वर्ग पहेली से खोजकर लिखिए—
उत्तर

पहेली इस तरह छपी है। इसमें ‘उदयपुर’ पहले से घेरकर दिखाया गया है।

ला चू ना पु रा जा पु मा मे जं मं बा सिं दा टी वा
पृष्ठ 72 की वर्ग पहेली — छह पंक्तियाँ और छह स्तंभ।

पत्र के बारह शब्द इसमें छिपे हैं। कुछ पंक्ति में बाईं से दाईं ओर हैं और कुछ स्तंभ में ऊपर से नीचे।

ला चू ना पु रा जा पु मा मे जं मं बा सिं दा टी वा
वही वर्ग पहेली — पत्र में आए बारह शब्द घेरकर दिखाए गए हैं।
शब्दकहाँ मिलापत्र में कहाँ आया है
कलापंक्ति 1, बाएँ सेकला-संग्रहालय
जलपंक्ति 1, बाएँ सेजलपान करके
उदयपुरपंक्ति 2, बाएँ सेझीलों के नगर उदयपुर
राजापंक्ति 3, बाएँ सेराजा सवाई जयसिंह
जंतर-मंतरपंक्ति 4, पूरी पंक्तिहवामहल के पास ही जंतर-मंतर है
जयसिंहपंक्ति 5, बाएँ सेराजा सवाई जयसिंह
हवामहलपंक्ति 6, बाएँ सेसबसे पहले हमने हवामहल देखा
जयपुरस्तंभ 3, ऊपर से नीचेहम सकुशल जयपुर पहुँच गए
चूरमास्तंभ 5, ऊपर से नीचेदाल-बाटी चूरमा
आमेरस्तंभ 6, ऊपर से नीचेआमेर का दुर्ग
दालस्तंभ 6, ऊपर से नीचेदाल-बाटी चूरमा
बाटीस्तंभ 1, ऊपर से नीचेदाल-बाटी चूरमा
संकेत: पुस्तक में नीचे बारह खाने बने हैं और पहले खाने में ‘उदयपुर’ लिखा हुआ है। इसका अर्थ है कि खोजने के लिए कुल बारह शब्द हैं।
प्र5.
पत्र में संग्रहालय शब्द आया है। ऐसे और भी शब्द पता कीजिए, जैसे– विद्यालय। उन्हें समझिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर

‘संग्रहालय’ और ‘विद्यालय’ — दोनों के अंत में आलय आता है। ‘आलय’ का अर्थ है — घर या स्थान। ऐसे कुछ और शब्द ये हैं—

शब्दअर्थवाक्य प्रयोग
विद्यालयविद्या का स्थानहमारा विद्यालय घर के पास है।
पुस्तकालयपुस्तकों का स्थानपुस्तकालय से मैं हर सप्ताह एक पुस्तक लाता हूँ।
चिकित्सालयइलाज का स्थानदादी को चिकित्सालय ले जाना है।
कार्यालयकाम करने का स्थानपिताजी सुबह कार्यालय जाते हैं।
देवालयदेवता का स्थान, मंदिरगाँव के देवालय में आरती होती है।
हिमालयहिम (बरफ़) का घरहिमालय पर बरफ़ जमी रहती है।
नियम: जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं। यहाँ ‘आलय’ हर शब्द के अंत में जुड़ रहा है और हर बार ‘का स्थान’ का अर्थ दे रहा है।
संकेत (शिक्षण-संकेत से): अवसर मिले तो अपने शिक्षक के साथ किसी संग्रहालय में जाइए। वहाँ रखी सामग्रियों के बारे में जानिए और देश के अन्य संग्रहालयों की जानकारी भी लीजिए।
क्या यह उपयोगी रहा?