जंतर-मंतर क्या है — यह एक वेधशाला है। पत्र में लिखा है — “इस वेधशाला का निर्माण राजा सवाई जयसिंह ने किया था।”
पुस्तक पृष्ठ 73 पर बताती है — “वह स्थान जहाँ ग्रहों, तारों और नक्षत्रों को देखने के लिए यंत्र रखे जाते हैं, उसे वेधशाला कहते हैं। इन यंत्रों की सहायता से ग्रहों की गति-स्थिति का निरंतर अध्ययन किया जाता है।”
और कहाँ-कहाँ है — यह जानकारी पुस्तक में नहीं दी गई है। यह खोजबीन का प्रश्न है। इसे अपने शिक्षक से पूछिए, पुस्तकालय की किसी पुस्तक में देखिए या भारत के मानचित्र में खोजिए।
नमूना उत्तर: राजा सवाई जयसिंह ने जयपुर के अतिरिक्त दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में भी जंतर-मंतर बनवाए थे। इनमें से जयपुर और दिल्ली के जंतर-मंतर आज भी देखे जा सकते हैं।