कक्षा ४ हिंदी अध्याय 6 खान-पान के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
दाल-बाटी चूरमा किस प्रदेश का व्यंजन है? इसमें कौन-से तीन मुख्य व्यंजन होते हैं?
उत्तर

दाल-बाटी चूरमा एक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन है। इसमें तीन मुख्य व्यंजन होते हैं—

व्यंजनकिससे बनता है
दालअरहर, मूँग, चने या मसूर की दाल से
बाटीगेहूँ के आटे से
चूरमाथोड़े मोटे आटे से

दाल को कई मसालों के साथ पकाकर बनाया जाता है, जिससे उसका स्वाद बढ़ जाता है। हरा धनिया उसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है।

क्यों तीनों साथ खाए जाते हैं: दाल गीली होती है, बाटी सूखी और चूरमा मीठा। तीनों मिलकर एक पूरी थाली बन जाती है।
प्र2.
बाटी कैसे बनाई जाती है? वह खाने में कैसी लगती है?
उत्तर

बाटी बनाने के चरण इस क्रम में हैं—

  1. गेहूँ के आटे से गोल लोइयाँ बनाई जाती हैं।
  2. इन लोइयों को उपले और लकड़ियों की आग में सेंका जाता है।
  3. तैयार गरम बाटियों को घी में डुबोया जाता है।
  4. उसके बाद इसे खाने के लिए परोसा जाता है।

खाने में कैसी लगती है — ये बाटियाँ बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम होती हैं।

जानने की बात: उपला, जिसे ‘गोइठा’ अथवा ‘कंडा’ भी कहा जाता है, गाय या भैंस के गोबर से बना एक पारंपरिक ईंधन है। इसे गोबर को हाथ से आकार देकर और धूप में सुखाकर बनाया जाता है।
प्र3.
चूरमा बनाने की विधि अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर

चूरमा थोड़े मोटे आटे से बनता है। बनाने का तरीका यह है—

  1. पहले बाटी अथवा मोटी रोटी बनाई जाती है।
  2. फिर इसे मूसल की सहायता से ओखली में कूटा जाता है।
  3. जब यह बारीक हो जाता है, तब इसमें घी, सूखे मेवे और बूरा मिला दिया जाता है।

बूरा क्या है — बूरा गुड़ अथवा चीनी से मिलता-जुलता पदार्थ है। इसी से चूरमा मीठा बनता है।

क्यों कूटा जाता है: बाटी सख्त होती है। कूटने से वह बारीक चूरे जैसी हो जाती है, तभी उसमें घी और बूरा अच्छी तरह मिल पाता है। इसी ‘चूरे’ से नाम पड़ा — चूरमा।
पुस्तक की बात: आधुनिक समय में इसे बनाने की विधि में कुछ परिवर्तन आ गए हैं।
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