कक्षा ४ हिंदी अध्याय 7 नकली हीरे के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था। राजा अपने पुत्र के लिए एक सलाहकार ढूँढ़ना चाहता था। उसने सब दरबारियों से पूछा — ‘क्या मैं बुद्धिमान और ईमानदार राजा हूँ?’ सबने बारी-बारी से यही कहा कि आप-सा राजा और कोई नहीं है। एक नवयुवक दरबारी चुप रहा। उसने विनम्रता से सच कहा कि राजा से भी श्रेष्ठ राजा पहले हो चुके हैं। राजा ने हर दरबारी को एक-एक हीरा दिया। अगली सुबह दरबारियों ने बताया कि जौहरी की जाँच में सारे हीरे नकली निकले। कहानी का मोड़ यहीं है — झूठे उत्तर का इनाम नकली हीरा, और सच्चे उत्तर का इनाम असली हीरा। राजा ने उसी नवयुवक को अपने बेटे का विश्वस्त सलाहकार चुना। पाठ के अंत में श्याम सुशील की कविता हवा और धूल है, जिसमें हवा और धूल दो शरारती बच्चों की तरह एक-दूसरे से खेलती हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द / पात्र | अर्थ या परिचय | पाठ में कहाँ | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| वृद्ध | बूढ़ा | ‘काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा…’ | 77 |
| निस्संदेह | संदेह न होना | ‘निस्संदेह महाराज, संसार में आप-सा…’ | 77 |
| बुद्धिमान | विवेकवान | राजा का अपना प्रश्न | 77 |
| श्रेष्ठ | सर्वोत्तम | ‘आपसे भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं’ | 78 |
| ठहरना | रुकना | ‘ठहरिए… मैं समझाता हूँ।’ | 80 |
| दरबारी | राजा के दरबार में रहने वाले लोग | ‘सब दरबारियों ने बारी-बारी से…’ | 77 |
| सलाहकार | सलाह देने वाला | ‘मुझे अपने पुत्र के लिए कोई सलाहकार…’ | 77 |
| जौहरी | हीरे-मोती परखने वाला | ‘हीरों की जाँच जौहरी से करवाई’ | 79 |
| विश्वस्त | जिस पर पूरा भरोसा हो | ‘मेरे बेटे का विश्वस्त सलाहकार रहेगा’ | 80 |
| बुद्धिमत्ता | बुद्धि होने का गुण | ‘बुद्धिमत्ता और ईमानदारी में…’ | 78 |
| नवयुवक / नौजवान | जवान आदमी; यहाँ सच बोलने वाला दरबारी | ‘पर इस नौजवान ने सीधा-सादा उत्तर दिया।’ | 80 |
| चित्रकथा | चित्रों के साथ कही गई कहानी | इस पाठ की अपनी विधा | 77 |
अभ्यास
- बातचीत के लिए
- सोचिए और लिखिए
- शब्दों से मित्रता
- हमारी समझ
- भाषा की बात
- पाठ की विशेषताएँ
- आपकी चित्रकथा
- खोजिए और आनंद लीजिए
- पुस्तकालय से
- हवा और धूल