राजा ने उस नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का सलाहकार चुना, जिसने सबसे अलग और सच्चा उत्तर दिया था।
बाकी सब दरबारियों ने कहा — “निस्संदेह महाराज, संसार में आप-सा बुद्धिमान और ईमानदार राजा और कोई नहीं है।” पर यह नवयुवक चुप रहा। पूछने पर उसने कहा — “आपसे भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं जो बुद्धिमत्ता और ईमानदारी में आपसे बढ़-चढ़कर थे।”
राजा ने स्वयं कहा — “…और मेरे बाद यही मेरे बेटे का विश्वस्त सलाहकार रहेगा।”