कक्षा ४ हिंदी अध्याय 7 सोचिए और लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
चित्रकथा के इस अंश में कुल कितने चित्र-खंड हैं?
हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया। सब दरबारी प्रसन्न होकर चले गए। पर एक दरबारी चुपचाप एक कोने में खड़ा रहा। आपके उत्तर के लिए धन्यवाद। आप चुप क्यों हैं? आपका उत्तर क्या है?
‘सोचिए और लिखिए’ में दिया गया चित्रकथा का वही अंश, जैसा पुस्तक के पृष्ठ 81 पर छपा है।
उत्तर

इस अंश में कुल तीन चित्र-खंड हैं।

  • पहला — राजा का हाथ एक दरबारी को हीरा दे रहा है।
  • दूसरा — वह दरबारी हीरा उठाकर खुशी से देख रहा है।
  • तीसरा — राजा सिंहासन पर बैठा है और चुप खड़े दरबारी से पूछ रहा है।
संकेत: ऊपर की पीली पट्टियाँ चित्र-खंड नहीं हैं। वे कथन-पट्टी हैं, जिनमें कहानी बताई जाती है। जिसके चारों ओर चौखट (फ़्रेम) बनी हो, वही एक चित्र-खंड है।
प्र2.
यहाँ मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया। सब दरबारी प्रसन्न होकर चले गए। पर एक दरबारी चुपचाप एक कोने में खड़ा रहा। आपके उत्तर के लिए धन्यवाद। आप चुप क्यों हैं? आपका उत्तर क्या है?
‘सोचिए और लिखिए’ में दिया गया चित्रकथा का वही अंश, जैसा पुस्तक के पृष्ठ 81 पर छपा है।
उत्तर

इस अंश में दो मुख्य पात्र हैं — राजा और एक दरबारी

  • राजा — सिर पर नीली पगड़ी और कलगी है। वह सिंहासन पर बैठा है और हीरे बाँट रहा है।
  • चुप खड़ा दरबारी — नारंगी पगड़ी वाला नवयुवक, जो हाथ जोड़े खड़ा है।

बीच के चित्र-खंड में गुलाबी पगड़ी वाला एक और दरबारी है, पर वह मुख्य पात्र नहीं है।

क्यों: मुख्य पात्र वही होता है, जिसके बिना कहानी आगे नहीं बढ़ती। यहाँ राजा पूछता है और वही दरबारी उत्तर देता है।
प्र3.
बीच वाले चित्र-खंड में क्या हो रहा है?
हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया। सब दरबारी प्रसन्न होकर चले गए। पर एक दरबारी चुपचाप एक कोने में खड़ा रहा। आपके उत्तर के लिए धन्यवाद। आप चुप क्यों हैं? आपका उत्तर क्या है?
‘सोचिए और लिखिए’ में दिया गया चित्रकथा का वही अंश, जैसा पुस्तक के पृष्ठ 81 पर छपा है।
उत्तर

बीच वाले चित्र-खंड में एक दरबारी अपना हीरा उठाकर बड़े चाव से देख रहा है

वह गुलाबी पगड़ी पहने है। हीरा उसकी उँगलियों में चमक रहा है। उसका चेहरा हँसता हुआ है।

यह खंड क्यों रखा गया: यह दिखाने के लिए कि दरबारी उपहार पाकर कितने प्रसन्न थे। इसी खुशी के कारण आगे की बात और चौंकाने वाली लगती है — वह हीरा तो नकली निकला।
प्र4.
यहाँ केवल चित्रों को देखकर कौन-कौन सी बातें पता चल रही हैं?
हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया। सब दरबारी प्रसन्न होकर चले गए। पर एक दरबारी चुपचाप एक कोने में खड़ा रहा। आपके उत्तर के लिए धन्यवाद। आप चुप क्यों हैं? आपका उत्तर क्या है?
‘सोचिए और लिखिए’ में दिया गया चित्रकथा का वही अंश, जैसा पुस्तक के पृष्ठ 81 पर छपा है।
उत्तर

बिना एक भी शब्द पढ़े, केवल चित्र देखकर इतनी बातें पता चल जाती हैं —

  • यह दृश्य किसी राजा के दरबार का है। परदे, खंभे और सिंहासन दिख रहे हैं।
  • सिंहासन पर बैठा, कलगी वाली पगड़ी पहने आदमी राजा है।
  • पगड़ी पहने बाकी लोग दरबारी हैं।
  • राजा हर दरबारी को कोई चमकती हुई चीज़ दे रहा है।
  • जिसे मिली, वह बहुत खुश है।
  • एक दरबारी हाथ जोड़े, आँखें झुकाए चुपचाप खड़ा है। राजा उसकी ओर हाथ करके कुछ पूछ रहा है।
संकेत: चित्रकथा की यही खूबी है। चित्र आधी कहानी अपने-आप कह देते हैं, संवाद केवल उसे पूरा करते हैं।
प्र5.
इस चित्रकथा का नाम ‘नकली हीरे’ क्यों रखा गया है? आप भी इस चित्रकथा का कोई उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर

नाम ‘नकली हीरे’ इसलिए रखा गया है, क्योंकि पूरी कहानी का मोड़ इन्हीं नकली हीरों पर घूमता है

राजा ने हर दरबारी को एक-एक हीरा दिया। जिन्होंने झूठा उत्तर दिया, उन्हें नकली हीरे मिले। जिसने सच कहा, उसे असली हीरा मिला। राजा के शब्दों में — “आप सबने मेरे प्रश्न का झूठा उत्तर दिया… इसलिए हीरे भी आपको नकली दिए गए।”

असली बात: नकली हीरा यहाँ केवल एक पत्थर नहीं है। वह झूठ का चिह्न है। झूठे उत्तर का इनाम भी झूठा ही होता है।

नमूना उत्तर (दूसरे उपयुक्त शीर्षक):

  • सच्चा उत्तर, असली हीरा
  • राजा की परीक्षा
  • एक सच्चा दरबारी
  • सच का इनाम
संकेत: अच्छा शीर्षक छोटा होता है और कहानी की सबसे बड़ी बात पकड़ लेता है। आप अपना कोई और शीर्षक भी सोच सकते हैं।
प्र6.
राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार किन्हें और क्यों दिया?
उत्तर

राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार उन सभी दरबारियों को दिया, जिन्होंने उसे खुश करने के लिए झूठा उत्तर दिया था

उन सबने बारी-बारी से यही कहा था — “निस्संदेह महाराज, संसार में आप-सा बुद्धिमान और ईमानदार राजा और कोई नहीं है।”

क्यों दिया: क्योंकि राजा उन्हें उन्हीं की भाषा में उत्तर देना चाहता था। उनका उत्तर सच नहीं था, इसलिए उनका इनाम भी सच्चा नहीं था।

राजा ने स्वयं समझाया — “आप सबने मेरे प्रश्न का झूठा उत्तर दिया… इसलिए हीरे भी आपको नकली दिए गए।”

प्र7.
राजा ने एक को छोड़कर अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर

राजा ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि केवल एक दरबारी ने सच कहा था। बाकी सबने झूठ बोला था।

दोनों तरफ़ का हिसाब —

किसने क्या उत्तर दियाकैसा उत्तर थाकैसा इनाम मिला
सब दरबारी — ‘आप-सा राजा और कोई नहीं’झूठा, खुशामद वालानकली हीरा
नवयुवक दरबारी — ‘आपसे श्रेष्ठ राजा भी हो चुके हैं’सीधा-सादा, सच्चाअसली हीरा
कारण: राजा दरबारियों को शब्दों से नहीं समझाना चाहता था। उसने उन्हें उनकी गलती हाथ में पकड़ा दी। नकली हीरा देखकर वे स्वयं समझ गए कि झूठ का मोल कुछ नहीं होता।
याद रखने की बात: राजा को ऐसा सलाहकार चाहिए था, जो उसके बेटे से भी सच कहे। यह परीक्षा उसी के लिए थी।
क्या यह उपयोगी रहा?