कक्षा ४ हिंदी अध्याय 8 ओणम के रंग के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
ओणम केरल का त्योहार है। यह श्रावण महीने के श्रावण नक्षत्र के दिन आता है। सुबह-सुबह बच्चे फूल तोड़ते हैं और आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। इसी के साथ ओणम शुरू हो जाता है। ओणम राजा महाबली की पौराणिक कथा पर आधारित है। महाविष्णु ने वामन का रूप लेकर उनसे तीन पग भूमि माँगी थी। महाबली वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने केरल आते हैं। लोग उन्हीं के स्वागत में यह त्योहार मनाते हैं। ओणम पर आरन्मुला में नौका-दौड़ होती है। प्रीतिभोज, तलपंतुकली और किलिंतट्टुकली जैसे खेल तथा कथकली नृत्य भी होते हैं। तिरुवोणम के तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं। तभी आँगन की कलाकृतियाँ हटाई जाती हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | पाठ के अनुसार अर्थ | पृष्ठ | पाठ से एक बात |
|---|---|---|---|
| ओणम | केरल का त्योहार, जो श्रावण महीने के श्रावण नक्षत्र के दिन आता है | 93 | राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है |
| पूक्कलम | फूलों की रंगोली, जो आँगन में बनाई जाती है | 91 | इसी के बनते ही ओणम शुरू हो जाता है |
| तिरुवोणम | ओणम का वह दिन जब बड़े सवेरे सब महाबली के स्वागत को तैयार होते हैं | 93 | इसके तीसरे दिन महाबली लौट जाते हैं |
| महाबली | केरल पर शासन करने वाले राजा; उनका राज्य पृथ्वी, स्वर्ग और पाताल तक फैला था | 92 | उनके राज में लोग पूरी तरह प्रसन्न थे |
| वामन | महाविष्णु का वह रूप जिसने तीन पग भूमि की याचना की | 92 | ‘वामन’ छोटे कद के व्यक्ति के लिए भी कहा जाता है |
| त्रिविक्रम | तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान) | 96 | दो पगों में स्वर्ग, भूमि और पाताल नाप लिया |
| द्रोण-पुष्प | सफेद औषधीय फूल; इसे गोफा, गुमा भी कहते हैं | 96 | इन्हीं फूलों से मूर्तियाँ सजाई जाती हैं |
| तलपंतुकली | केरल का खेल; नारियल के पत्तों से बनी गेंद ‘पंथु’ से खेला जाता है | 96 | गेंद सिर के ऊपर से फेंकी जाती है |
| किलिंतट्टुकली | केरल का खेल; भूमि पर आयताकार आकृति पाँच भागों में बाँटी जाती है | 96 | एक खिलाड़ी को ‘किली’ की भूमिका मिलती है |
| कैकोट्टिकलि | तिरुवतिराकली नृत्य का दूसरा नाम | 96 | ताली बजाकर ताल देने का विशेष महत्व है |
| आरन्मुला | केरल का वह स्थान जहाँ ओणम पर नौका-दौड़ होती है | 90, 94 | देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठे होते हैं |
| कथकली | केरल का सुप्रसिद्ध नृत्य | 94 | ओणम पर कई जगह इसका आयोजन होता है |
अभ्यास
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- शब्दों का चमत्कार
- त्योहार और सामूहिकता
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