कक्षा ४ हिंदी अध्याय 8 देश हमारा एक, रंग इसके अनेक के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पाठ में आई उस पंक्ति को चिह्नित करके लिखिए जिससे यह पता चलता है कि ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।
उत्तर

वह पंक्ति है — “किसान उपज काट चुके हैं और खलिहानों में धान भरे हैं।” (पृष्ठ 91)

क्यों यही पंक्ति: इसमें दो बातें साफ हैं — फसल कट चुकी है, और अनाज घर तक आ चुका है। जब मेहनत पूरी हो जाती है और अन्न भर जाता है, तभी लोग निश्चिंत होकर त्योहार मनाते हैं। इसलिए ओणम खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है।
संकेत: पाठ की एक और पंक्ति भी सहारा देती है — “वर्षा के बादल छँटते ही … केरल का प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठता है।” वर्षा बीतने के बाद ही फसल कटती है।
प्र2.
कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर आपस में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि हमारे देश में खेतों की उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार हैं। ऐसे त्योहारों की सूची भी तैयार कीजिए।
उत्तर

यह काम समूह में करना है। इस तरह कीजिए —

  1. पाँच-पाँच बच्चों का समूह बनाइए।
  2. हर बच्चा अपने घर या राज्य का एक ऐसा त्योहार बताए जो फसल से जुड़ा हो।
  3. एक बच्चा सब नाम एक कागज पर लिखता जाए।
  4. अंत में देखिए कि किस त्योहार पर नई फसल का अनाज पकाया जाता है।

सूची (पुस्तक ने स्वयं पृष्ठ 100 पर ये नाम दिए हैं):

  • ओणम
  • लोहड़ी
  • पोंगल
  • साङ्केन
  • बिहू
  • छठ
  • फूलदेई
ये सब उपज से क्यों जुड़े हैं: ये त्योहार उसी समय आते हैं जब खेत का काम पूरा होता है। किसान महीनों मेहनत करता है। फसल घर आते ही सब मिलकर खुशी मनाते हैं। यही उपज से जुड़ा त्योहार है।
संकेत: समूह चर्चा में अपने आसपास के त्योहार भी जोड़िए। अपने अध्यापक से पूछकर सूची बढ़ाइए।
प्र3.
उपज से जुड़े निम्नलिखित त्योहार भारत के किन-किन राज्यों में मनाए जाते हैं? उनके नीचे दिए गए रंगों के द्वारा उन्हें मानचित्र में दर्शाइए —
ओणमलोहड़ीपोंगलसाङ्केनबिहूछठफूलदेई
पीलालालहरानीलाभूरानारंगीगुलाबी
पुस्तक में इस तालिका के नीचे भारत का खाली रेखा-मानचित्र छपा है, जिसमें राज्यों की सीमाएँ बनी हैं पर कोई नाम नहीं लिखा। उसी मानचित्र में ऊपर दिए रंग भरने हैं।
उत्तर

पहले हर त्योहार के सामने राज्य लिखिए, फिर उस राज्य में वही रंग भरिए जो तालिका में उसके नीचे दिया है।

नमूना उत्तर:

त्योहारराज्यमानचित्र में भरा जाने वाला रंग
ओणमकेरलपीला
लोहड़ीपंजाबलाल
पोंगलतमिलनाडुहरा
साङ्केनअरुणाचल प्रदेशनीला
बिहूअसमभूरा
छठबिहारनारंगी
फूलदेईउत्तराखंडगुलाबी

रंग भरने का तरीका:

  1. पहले मानचित्र में उस राज्य को खोजिए। कठिनाई हो तो कक्षा के बड़े मानचित्र या अध्यापक की सहायता लीजिए।
  2. उस राज्य की सीमा के भीतर हल्के हाथ से रंग भरिए।
  3. मानचित्र के नीचे एक छोटी सूची बनाइए — किस रंग का अर्थ कौन-सा त्योहार है। इसे ‘संकेत सूची’ कहते हैं।
संकेत: ओणम केरल का त्योहार है — यह इसी पाठ में लिखा है। बाकी राज्यों के नाम पुस्तक में नहीं छपे हैं, इसलिए ऊपर की तालिका ‘नमूना उत्तर’ है। अपने अध्यापक से इसे जाँच लीजिए।
प्र4.
ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत —
पुस्तक पृष्ठ 101 पर दो बक्से छापती है। पहले बक्से का शीर्षक है ‘मलयालम लोकगीत का हिंदी रूप’ और उसमें नीचे दिया गीत हिंदी में छपा है। दूसरे बक्से का शीर्षक है ‘मलयालम लोकगीत’ और उसमें वही गीत मलयालम लिपि में छपा है।

“महाबली के राज में, / सब जन एक समान। / दुख-दरिद्रता का नाम नहीं, / डाका नहीं, धोखा नहीं, / झूठे वचन कोई नहीं, / जाली तराजू नहीं, नाप में कमती नहीं, / छल-कपट का प्रपंच नहीं, / हर कहीं प्रेम-प्रसन्नता छा रही।”

इस लोकगीत को पढ़िए और बताइए कि यह क्या कहता है।
उत्तर

यह गीत महाबली के राज का चित्र खींचता है। इसका सरल अर्थ यह है —

गीत की पंक्तिसरल अर्थ
सब जन एक समानकोई बड़ा-छोटा नहीं था, सब बराबर थे
दुख-दरिद्रता का नाम नहींन कोई दुखी था, न कोई गरीब
डाका नहीं, धोखा नहींन चोरी-डकैती होती थी, न किसी को ठगा जाता था
झूठे वचन कोई नहींलोग झूठे वादे नहीं करते थे
जाली तराजू नहीं, नाप में कमती नहींदुकानदार पूरा तौलते थे, कम नहीं देते थे
छल-कपट का प्रपंच नहींकोई किसी के साथ चालाकी नहीं करता था
हर कहीं प्रेम-प्रसन्नता छा रहीचारों ओर प्रेम और खुशी फैली हुई थी
गीत ‘नहीं-नहीं’ क्यों कहता है: गीत में सात बार ‘नहीं’ आया है। बुरी बातें गिनाकर यह बताया गया है कि उस राज में वे सब बातें थीं ही नहीं। इसी से अच्छाई और बड़ी लगने लगती है।
यह भी जानिए: यह गीत मूल रूप से मलयालम में है। पुस्तक ने पहले उसका हिंदी रूप दिया है और नीचे वही गीत मलयालम लिपि में छापा है। इससे पता चलता है कि एक ही भाव अलग-अलग भाषाओं में गाया जा सकता है।
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