कक्षा ४ हिंदी अध्याय 8 यह भी जानिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में अध्यापकों और पुस्तकालय की सहायता से कुछ और जानकारी जुटाइए।
बिंदुजानकारी
शास्त्रीय नृत्य 
भाषा 
परिधान/वस्त्र 
मुख्य फसल 
राजधानी 
त्योहार 
सीमांत प्रदेश 
उत्तर

इनमें से कई बातें इसी पाठ से मिल जाती हैं। बाकी अपने अध्यापक और पुस्तकालय की सहायता से भरिए।

बिंदुजानकारीकहाँ से मिली
शास्त्रीय नृत्यकथकलीपाठ, पृष्ठ 94 — “केरल में कई जगह सुप्रसिद्ध नृत्य ‘कथकली’ का भी आयोजन होता है।”
भाषामलयालमपाठ, पृष्ठ 102 — “केरल की मुख्य भाषा मलयालम है।”
परिधान/वस्त्रअध्यापक और पुस्तकालय की सहायता से भरिएपाठ में नहीं दिया गया
मुख्य फसलधान (चावल)पाठ, पृष्ठ 91 — “किसान उपज काट चुके हैं और खलिहानों में धान भरे हैं।”
राजधानीअध्यापक और पुस्तकालय की सहायता से भरिएपाठ में नहीं दिया गया
त्योहारओणमपूरा पाठ इसी त्योहार पर है
सीमांत प्रदेशअध्यापक और पुस्तकालय की सहायता से भरिएपाठ में नहीं दिया गया

जानकारी जुटाने का तरीका:

  1. पहले वही बातें भरिए जो पाठ में पहले से लिखी हैं। ऊपर की तालिका में यह कर दिया गया है।
  2. बची हुई बातों के लिए पुस्तकालय से भारत का एटलस या राज्यों की पुस्तक माँगिए।
  3. ‘सीमांत प्रदेश’ के लिए मानचित्र में देखिए कि केरल के साथ कौन-से राज्य की सीमा लगती है।
  4. हर जानकारी अपने अध्यापक से जँचवा लीजिए।
संकेत: पुस्तक इसी पृष्ठ पर केरल का मानचित्र भी छापती है और तीर से दिखाती है कि वह भारत में कहाँ है। सीमांत प्रदेश खोजते समय उसी मानचित्र को देखिए।
प्र2.
‘वामन’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्यक्तियों के लिए किया जाता है। महाबली ने संभवतः विष्णु के वामन रूप को देखते हुए ही उन्हें तीन पग भूमि दान देने का निर्णय किया होगा। हम भी किसी के शारीरिक रंग-रूप को देखकर उसकी क्षमता के बारे में विशेष धारणा बना लेते हैं जो हमेशा सही नहीं होती। कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।
उत्तर

पहले पाठ की सीख समझिए। महाबली ने वामन को छोटा देखकर सोचा कि तीन पग भूमि तो बहुत थोड़ी-सी है। पर वही वामन त्रिविक्रम बनकर दो पगों में तीनों लोक नाप गए।

सीख: किसी की क्षमता उसके कद या रूप से नहीं नापी जाती। बाहर से देखकर बनाई गई धारणा अक्सर गलत निकलती है।

सूची बनाने का तरीका:

  1. पुस्तकालय से महापुरुषों या खिलाड़ियों की जीवनी वाली पुस्तक लीजिए।
  2. अपने अध्यापक से ऐसे लोगों के नाम पूछिए।
  3. हर नाम के आगे तीन बातें लिखिए — वे कौन थे, उनके सामने क्या कठिनाई थी, उन्होंने क्या कर दिखाया।

नमूना सूची:

नामकठिनाईउपलब्धि
सूरदासदेख नहीं सकते थेहिंदी के महान कवि बने; उनके पद आज भी गाए जाते हैं
लुई ब्रेलबचपन में ही दृष्टि चली गईवह लिपि बनाई जिससे आज दुनिया भर के नेत्रहीन लोग पढ़ते हैं
हेलेन केलरन देख सकती थीं, न सुन सकती थींपढ़-लिखकर लेखिका बनीं और दूसरों के लिए काम किया
संकेत: ये नाम केवल नमूने के लिए दिए गए हैं; पुस्तक में ये नाम नहीं छपे हैं। आप अपने अध्यापक की सहायता से और नाम खोजकर सूची बढ़ाइए। सूची बनाते समय किसी का मजाक न उड़े, इसका ध्यान रखिए।
क्या यह उपयोगी रहा?