प्र1.
अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर
यह काम आपको स्वयं करना है। इस तरह कीजिए —
- घर के किसी बड़े — दादा, दादी, नाना, नानी, माता या पिता — के पास आराम से बैठिए।
- पूछिए: “आपके बचपन का सबसे खुशी वाला दिन कौन-सा था?”
- उनकी बात ध्यान से सुनिए। बीच में मत टोकिए।
- सुनते समय छोटे-छोटे बिंदु लिख लीजिए — कब, कहाँ, कौन-कौन था, क्या हुआ।
- बाद में उन बिंदुओं से पूरा-पूरा वाक्य बनाकर लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
अच्छे उत्तर में यह होना चाहिए: अवसर का नाम, वह किस उम्र या साल की बात है, और उस दिन उन्हें खुशी क्यों हुई।
नमूना उत्तर: मैंने अपनी दादी से बात की। उन्होंने बताया कि गाँव में मेला लगता था। सब बच्चे मिलकर मेले में जाते थे। दादी को वहाँ से लाल चूड़ियाँ मिली थीं। वे आज भी उस दिन को याद करके मुस्कुरा देती हैं।
संकेत: पाठ का नाम भी यही कहता है — बीते हुए ओणम की “मधुर यादें” केरलवासियों को खुश रखती हैं। हर घर में ऐसी मधुर यादें होती हैं।