कक्षा ४ हिंदी अध्याय 8 मधुर स्मृतियाँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाइए कि वे अपने जीवन के बीते हुए किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं। उन बातों को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर

यह काम आपको स्वयं करना है। इस तरह कीजिए —

  1. घर के किसी बड़े — दादा, दादी, नाना, नानी, माता या पिता — के पास आराम से बैठिए।
  2. पूछिए: “आपके बचपन का सबसे खुशी वाला दिन कौन-सा था?”
  3. उनकी बात ध्यान से सुनिए। बीच में मत टोकिए।
  4. सुनते समय छोटे-छोटे बिंदु लिख लीजिए — कब, कहाँ, कौन-कौन था, क्या हुआ।
  5. बाद में उन बिंदुओं से पूरा-पूरा वाक्य बनाकर लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

अच्छे उत्तर में यह होना चाहिए: अवसर का नाम, वह किस उम्र या साल की बात है, और उस दिन उन्हें खुशी क्यों हुई।

नमूना उत्तर: मैंने अपनी दादी से बात की। उन्होंने बताया कि गाँव में मेला लगता था। सब बच्चे मिलकर मेले में जाते थे। दादी को वहाँ से लाल चूड़ियाँ मिली थीं। वे आज भी उस दिन को याद करके मुस्कुरा देती हैं।

संकेत: पाठ का नाम भी यही कहता है — बीते हुए ओणम की “मधुर यादें” केरलवासियों को खुश रखती हैं। हर घर में ऐसी मधुर यादें होती हैं।
प्र2.
आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? वे आपकी प्रसन्नता के लिए क्या-क्या प्रयास करते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?
उत्तर

इस प्रश्न के तीन भाग हैं। तीनों का अलग-अलग उत्तर लिखिए।

नमूना उत्तर:

  • वे किन बातों से प्रसन्न होते हैं — जब मैं समय पर पढ़ाई करता हूँ, बड़ों की बात मानता हूँ, छोटी बहन के साथ खेलता हूँ और घर के छोटे काम में हाथ बँटाता हूँ।
  • वे मेरे लिए क्या करते हैं — माँ मेरी पसंद का खाना बनाती हैं। पिताजी मुझे नई किताबें लाकर देते हैं। दादी मुझे कहानियाँ सुनाती हैं। बीमार पड़ने पर सब मेरा ध्यान रखते हैं।
  • मैं आभार कैसे दिखाता हूँ — मैं उन्हें ‘धन्यवाद’ कहता हूँ। उनके काम में मदद करता हूँ। उनकी बात ध्यान से सुनता हूँ। त्योहार पर अपने हाथ से कार्ड बनाकर देता हूँ।
क्यों यह जरूरी है: आभार केवल कहने की बात नहीं है। छोटे-छोटे काम करके भी हम दिखा सकते हैं कि हमें किसी का किया हुआ याद है।
क्या यह उपयोगी रहा?