प्र1.
स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मिलान कीजिए —
| स्तंभ ‘क’ | स्तंभ ‘ख’ |
|---|---|
| पूक्कलम | इस खेल में नारियल के पत्तों से बनी गेंद जिसे स्थानीय भाषा में पंथु कहा जाता है, एक दल के खिलाड़ियों द्वारा अपने सिर के ऊपर से फेंकी जाती है और दूसरे दल के खिलाड़ी उसे लपककर पकड़ते हैं। |
| द्रोण-पुष्प | फूल-पत्तियों तथा तरह-तरह के सूखे रंगों से भूमि पर बनाई गई रंगोली। इसे अल्पना आदि नामों से भी जाना जाता है। |
| तलपंतुकली | इसे गोफा, गुमा जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह औषधीय पुष्प वर्षा ऋतु में फलता-फूलता है। इसके पौधे की गाँठों पर सफेद फूलों के गुच्छे होते हैं। |
| किलिंतट्टुकली | यह तिरुवतिराकली नृत्य रूप का दूसरा नाम है। इस नृत्य में हाथ द्वारा ताली बजाकर ताल देने का विशेष महत्व है। यह नृत्य मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है। |
| कैकोट्टिकलि | इस खेल में भूमि पर आयताकार आकृति बनाई जाती है जिसे लंबाई में पंक्ति खींचकर पाँच भागों में विभाजित किया जाता है। सभी खिलाड़ियों में से एक खिलाड़ी को ‘किली’ की भूमिका दी जाती है। |
| त्रिविक्रम | तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान) |
उत्तर
सही मिलान इस प्रकार है —
| स्तंभ ‘क’ | स्तंभ ‘ख’ (सही जोड़ा) |
|---|---|
| पूक्कलम | फूल-पत्तियों तथा तरह-तरह के सूखे रंगों से भूमि पर बनाई गई रंगोली। इसे अल्पना आदि नामों से भी जाना जाता है। |
| द्रोण-पुष्प | इसे गोफा, गुमा जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह औषधीय पुष्प वर्षा ऋतु में फलता-फूलता है। इसके पौधे की गाँठों पर सफेद फूलों के गुच्छे होते हैं। |
| तलपंतुकली | इस खेल में नारियल के पत्तों से बनी गेंद जिसे स्थानीय भाषा में पंथु कहा जाता है, एक दल के खिलाड़ियों द्वारा अपने सिर के ऊपर से फेंकी जाती है और दूसरे दल के खिलाड़ी उसे लपककर पकड़ते हैं। |
| किलिंतट्टुकली | इस खेल में भूमि पर आयताकार आकृति बनाई जाती है जिसे लंबाई में पंक्ति खींचकर पाँच भागों में विभाजित किया जाता है। सभी खिलाड़ियों में से एक खिलाड़ी को ‘किली’ की भूमिका दी जाती है। |
| कैकोट्टिकलि | यह तिरुवतिराकली नृत्य रूप का दूसरा नाम है। इस नृत्य में हाथ द्वारा ताली बजाकर ताल देने का विशेष महत्व है। यह नृत्य मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है। |
| त्रिविक्रम | तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान) |
पहचानने का आसान तरीका: हर जोड़े में एक शब्द छिपा रहता है —
- पूक्कलम — ‘रंगोली’ शब्द से पहचानिए। पाठ में भी लिखा है: पूक्कलम (फूलों की रंगोली)।
- द्रोण-पुष्प — ‘पुष्प’ माने फूल। इसलिए सफेद फूलों के गुच्छे वाला विवरण इसी का है।
- तलपंतुकली — इसमें ‘पंतु’ है और विवरण में गेंद ‘पंथु’ आया है।
- किलिंतट्टुकली — इसमें ‘किलि’ है और विवरण में ‘किली’ की भूमिका आई है।
- कैकोट्टिकलि — ‘कै’ का अर्थ हाथ है; विवरण में ताली बजाने की बात है।
- त्रिविक्रम — ‘त्रि’ माने तीन। तीनों लोकों को जीतने वाले।
संकेत: पुस्तक में पहला मिलान (पूक्कलम → रंगोली वाला विवरण) रेखा खींचकर पहले से दिखा दिया गया है। बाकी पाँच आपको जोड़ने हैं।