कक्षा ४ हिंदी अध्याय 4 बूझो तो जानें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कड़वी भाजी मैं कहलाता, रहता सदा अकेला। मध्य हटे कला बन जाऊँ, प्रथम हटे तो रेला।
उत्तर

उत्तर — करेला

क + रे + ला = करेला
बीच का ‘रे’ हटाओ → क + ला = कला
पहला ‘क’ हटाओ → रे + ला = रेला
क्यों: करेला स्वाद में कड़वा होता है, इसलिए पहली पंक्ति कहती है “कड़वी भाजी मैं कहलाता”। पहेली के बाकी दो सुराग अक्षर हटाने के खेल से मिलते हैं।
संकेत: पुस्तक ने पृष्ठ 50 पर उत्तर छापा है — 1. करेला।
प्र2.
हरी थी, मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। किसानों के खेत में, दुशाला ओढ़े खड़ी थी।
उत्तर

उत्तर — भुट्टा

  • हरी थी — भुट्टा खेत में हरा दिखता है।
  • लाख मोती जड़ी थी — भुट्टे के दाने मोतियों की तरह पंक्ति में लगे रहते हैं।
  • दुशाला ओढ़े खड़ी थी — भुट्टे के ऊपर हरे छिलके की परतें चादर जैसी लिपटी रहती हैं।
  • किसानों के खेत में — भुट्टा खेत में उगता है।
क्यों: पहेली में चीज का नाम नहीं, उसकी पहचान बताई जाती है। यहाँ दाने, छिलका और खेत — तीनों सुराग भुट्टे की ओर ले जाते हैं।
संकेत: पुस्तक का उत्तर — 2. भुट्टा।
प्र3.
तीन अक्षर का मेरा नाम, खाने के आता हूँ काम। मध्य कटे हवा हो जाता, अंत कटे तो हल कहलाता।
उत्तर

उत्तर — हलवा

ह + ल + वा = हलवा (तीन अक्षर)
बीच का ‘ल’ काटो → ह + वा = हवा
अंत का ‘वा’ काटो → ह + ल = हल
क्यों: हलवा एक मीठा पकवान है, इसलिए “खाने के आता हूँ काम”। बाकी दोनों सुराग अक्षर काटने से ठीक बैठते हैं।
संकेत: पुस्तक का उत्तर — 3. हलवा।
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