कक्षा ४ हिंदी अध्याय 9 साग-भाजियों का सम्मेलन के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
साग-भाजियों की बातचीत को पूरा कीजिए — आलू, बैंगन, टमाटर, प्याज, मिर्च, भिंडी, गोभी, करेला, पालक, लौकी।
उत्तर

यह कल्पना का काम है। पुस्तक ने आलू और बैंगन के संवाद लिखकर दिखा दिए हैं।

पात्रसंवाद
आलूमैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग-भाजियाँ अधूरी हैं।
बैंगनतुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं!
टमाटर………………………………………………
प्याज………………………………………………
मिर्च………………………………………………
भिंडी………………………………………………
गोभी………………………………………………
करेला………………………………………………
पालक………………………………………………
लौकी………………………………………………
पृष्ठ 112 का संवाद। हर साग-भाजी का चित्र भी बना है। पहले दो संवाद पुस्तक ने लिखे हैं।

अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए —

  1. हर साग-भाजी अपने बारे में एक बात कहे — अपना रंग, आकार, स्वाद या गुण।
  2. वाक्य छोटा और बोलचाल जैसा हो, जैसे पाठ की मिठाइयाँ बोलती हैं।
  3. अंत में कोई एक साग-भाजी झगड़ा मिटा दे। तभी बात पूरी होती है।

नमूना उत्तर —

पात्रसंवाद
आलूमैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग-भाजियाँ अधूरी हैं।
बैंगनतुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं!
टमाटरमेरे बिना तो सब्ज़ी का रंग ही नहीं चढ़ता। चाट में भी मैं ही हूँ।
प्याजमुझे काटते ही आँखों में पानी आ जाता है, फिर भी सब मुझे डालते हैं।
मिर्चथोड़ी-सी मैं पड़ जाऊँ तो खाने में चटपटापन आ जाता है।
भिंडीमैं लंबी और हरी हूँ। बच्चे मुझे बहुत चाव से खाते हैं।
गोभीसर्दियों में तो मैं ही सबकी पसंद बन जाती हूँ।
करेलामैं कड़वा जरूर हूँ, पर शरीर के लिए सबसे अच्छा हूँ।
पालकमुझे खाने से शरीर में ताकत आती है। मैं हरी पत्तियों वाला हूँ।
लौकीझगड़ो मत! सबका अपना-अपना स्वाद है, हम सब मिलकर थाली सजाते हैं।
एक नमूना संवाद। आप इससे अलग वाक्य भी लिख सकते हैं।
क्यों: ‘मिठाइयों का सम्मेलन’ में भी हर मिठाई ने पहले अपनी बात कही और अंत में अध्यक्ष ने निर्णय दिया। यही ढाँचा यहाँ भी काम आता है।
क्या यह उपयोगी रहा?