कक्षा ५ गणित अध्याय 10 आइए एक पवन-चक्की (फिरकी) बनाएँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
लाली ने अपने मित्रों के लिए फिरकी बनाई है। आप अपनी फिरकी बनाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन कीजिए। 1. एक वर्गाकार कागज लीजिए। 2. कागज को तिरछे (विकर्ण) आधे भाग में मोड़कर दो त्रिभुज बनाइए। 3. इसे खोलिए और दूसरी ओर से भी इसी प्रकार मोड़ दीजिए तथा दो और त्रिभुज बनाइए। 4. इसे पुनः खोलिए। आपको कागज पर एक ‘X’ आकार दिखाई देगा। 5. कैंची से ‘X’ को चार रेखाओं के साथ काटिए। केंद्र से लगभग आधे भाग पर काटना बंद कर दीजिए। 6. प्रत्येक त्रिभुज का एक कोना लीजिए और उसे कागज के केंद्र की ओर मोड़िए। ध्यान दें कि आप कागज दबाकर सपाट न करें। 7. प्रत्येक दूसरे कोने को इसी तरह केंद्र की ओर मोड़िए। 8. कागज के मुड़े हुए भाग के केंद्र में एक पिन डालिए। 9. पिन को किसी छड़ी अथवा स्ट्रॉ के माध्यम से दबाएँ।
उत्तर

आपको चाहिए — एक वर्गाकार कागज, कैंची, एक पिन और एक छड़ी या स्ट्रॉ। चरण 5 धीरे-धीरे कीजिए — अधिकतर फिरकियाँ वहीं बिगड़ती हैं।

  1. वर्गाकार कागज लीजिए। वर्ग इसलिए चाहिए ताकि चारों पंखुड़ियाँ एक बराबर बनें।
  2. कोने से कोने तक मोड़िए। दो त्रिभुज बनेंगे। फिर खोल दीजिए।
  3. दूसरी ओर से भी कोने से कोने तक मोड़िए। दो और त्रिभुज बनेंगे। फिर खोल दीजिए।
  4. कागज को देखिए। दोनों मोड़ बीच में कटते हैं और X बनाते हैं। जहाँ वे कटते हैं वही केंद्र है।
  5. X की चारों रेखाओं पर काटिए — पर केंद्र से लगभग आधे भाग पर रुक जाइए। पूरा मत काटिए, वरना कागज चार टुकड़ों में बँट जाएगा।
  6. हर कटे त्रिभुज का एक कोना धीरे से केंद्र की ओर मोड़िए और वहीं पकड़े रखिए। मोड़ को दबाकर सपाट मत कीजिए, वरना पंखुड़ी हवा नहीं पकड़ेगी।
  7. हर दूसरे कोने के साथ यही कीजिए — चारों पंखुड़ियों में से एक-एक कोना, सब एक ही दिशा में।
  8. पिन डालिए — चारों मुड़े कोनों और कागज के केंद्र के आर-पार।
  9. पिन को छड़ी या स्ट्रॉ में लगाइए। आपकी फिरकी तैयार है।
दो मोड़ों से बना X केवल आधे तक काटिए तैयार फिरकी
दो तिरछे मोड़, चार आधी कटाइयाँ, और चारों कोने केंद्र पर पिन से जुड़े हुए।
कोने केंद्र की ओर क्यों मोड़ते हैं: हर मुड़ा कोना एक तिरछी पंखुड़ी बना देता है। तिरछी पंखुड़ी पर पड़ने वाली हवा उसे बगल की ओर धकेलती है, और यही धक्का फिरकी को पिन पर घुमा देता है।
सुझाव: हर पंखुड़ी का एक ही कोना मोड़िए — चारों बाईं ओर वाले, या चारों दाईं ओर वाले। मिला-जुला मोड़ने पर पंखुड़ियाँ एक-दूसरे के विरुद्ध धकेलेंगी और फिरकी घूमेगी नहीं।
प्र2.
ध्यान रहे कि पिन का दबाव बहुत अधिक न हो। जाँच कीजिए कि क्या आपकी पवन-चक्की (फिरकी) हवा चलने पर घूमती है।
उत्तर

फिरकी को हवा में उठाइए, या उसे लेकर दौड़िए। यदि पिन ढीला है तो वह आसानी से घूमेगी।

  1. पहले पिन जाँचिए। उँगली से एक पंखुड़ी को हल्का धक्का दीजिए। फिरकी अपने आप कई चक्कर लगाए, तभी ठीक है।
  2. यदि तुरंत रुक जाए, तो पिन बहुत कसा है। उसे थोड़ा बाहर खींचिए ताकि कागज छड़ी पर घूम सके।
  3. यदि हिलकर गिर जाए, तो पिन बहुत ढीला है। उसे थोड़ा और अंदर दबाइए।
  4. अब उसे बाहर ले जाइए या पंखे के सामने पकड़िए और घूमते हुए देखिए।
पिन ढीला क्यों होना चाहिए: कागज को घूमना है जबकि छड़ी स्थिर रहनी है। यदि पिन कागज को छड़ी से दबा दे, तो दोनों जुड़ जाते हैं और कुछ भी नहीं घूम सकता।
नमूना उत्तर: पहले मेरी फिरकी नहीं घूमी। मैंने पिन थोड़ा ढीला किया और फूँक मारी। तब वह आसानी से घूमने लगी। विद्यालय के मैदान में तो हवा से ही घूमने लगी, फूँक मारने की ज़रूरत नहीं पड़ी।
प्र3.
नीचे दी गई फिरकी में बिंदु को ध्यान से अवलोकित कीजिए। क्या फिरकी 1/4, 1/2, 3/4 और पूरा घुमाने पर समान दिखाई देती है? ___________________।
उत्तर

हाँ। फिरकी 1/4 घुमाव, 1/2 घुमाव, 3/4 घुमाव और पूरे घुमाव — चारों पर बिल्कुल समान दिखाई देती है।

हरा बिंदु केवल यह दिखाने के लिए है कि फिरकी सचमुच घूमी है। बिंदु घूमकर आगे बढ़ जाता है, पर फिरकी वैसी ही दिखती है।

आरंभिक स्थिति1/4 घुमाव1/2 घुमाव3/4 घुमाव हरा बिंदु आगे बढ़ता है। फिरकी नहीं बदलती।
हर एक-चौथाई घुमाव पर पंखुड़ियाँ उन्हीं चार जगहों पर बैठ जाती हैं, इसलिए फिरकी वैसी ही दिखती है।
फिरकी में 4 पंखुड़ियाँ हैं, सब एक जैसी और बराबर दूरी पर।
एक पूरा घुमाव 4 पंखुड़ियों में बाँटा जाए = 1 ÷ 4 = 1/4 घुमाव
इसलिए वह 1/4, 1/2, 3/4 और पूरे घुमाव पर समान दिखती है — एक पूरे घुमाव में 4 बार
ऐसा क्यों होता है: 1/4 घुमाव के बाद पंखुड़ी 1 ठीक वहाँ आ जाती है जहाँ पंखुड़ी 2 थी, पंखुड़ी 2 वहाँ जहाँ पंखुड़ी 3 थी, और इसी तरह। सभी पंखुड़ियाँ एक जैसी हैं, इसलिए कुछ बदला हुआ दिखता ही नहीं। इसी को घूर्णन सममिति कहते हैं।
पुस्तक की बात याद रखिए: "फिरकी में घूर्णन सममिति है, क्योंकि 1/4, 1/2 और 3/4 घुमाव पर वह समान दिखाई देती है।"
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